शासकीय भूमि पर वर्षों से निवासरत गरीब परिवारों को भूमि पट्टा दिलाने ज्ञापन सौंपा
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुर्णा – शहर और ग्रामीण क्षेत्र के गरीब, जरूरतमंद तथा आदिवासी परिवारों ने सोमवार को शासकीय भूमि पर वर्षों से निवास के बावजूद अब तक पट्टा न मिलने की समस्या को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। आदिवासी नेता दुर्गेश उईके के नेतृत्व में पहुंचे इन परिवारों ने बताया कि वे जवाहर वार्ड, खारी वार्ड, जूना पांढुर्णा नगर, ग्राम पंचायत गुजरखेड़ी और नीमढाना क्षेत्र में पीढ़ियों से झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं, लेकिन भूमि के पट्टे न होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा।
परिवारों ने बताया कि पट्टा न होने से वे प्रधानमंत्री आवास योजना से भी वंचित हैं। झुग्गी बस्तियों में बिजली, पानी, सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। मच्छरों, जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य हमेशा जोखिम में रहता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी नगण्य है, जिससे यह बस्तियां विकास की मुख्यधारा से बहुत दूर हैं।

आदिवासी नेता दुर्गेश उईके ने प्रशासन से मांग की कि पांढुर्णा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र का सर्वे कर उन सभी गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग के परिवारों को भूमि पट्टा उपलब्ध कराया जाए, जो अनेक वर्षों से शासकीय भूमि पर अनिवार्य परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पट्टा मिलने से इन परिवारों को न केवल आवास योजना का लाभ मिलेगा, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान दुर्गेश उईके, अनिल उईके, रेतान कुमरे, जगदीश तायवाडे, फूलाबाई धुर्वे, हरी भलावी, शांता परतेती, बाबू इवनाती, सुमित्रा कवड़ेती, सुखी ताड़ाम, देवा वरडे, चैतराम इवनाती, पंजाब कुमरे, नंदा वरकड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और वार्डवासी उपस्थित रहे।


















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