संस्था के लोग डकार गए आदिवासियों की मजदूरी मजदूरी मांगने पर मिल रही धमकी दी जा रही गालियां
सोनभद्र /विजय विनीत

जनपद के पहाड़ी अंचल में स्थित नगवा विकासखंड के रामपुर गांव में आदिवासी की जमीनों पर उनकी आय बढ़ाने के लिए कराए गए वृक्षारोपण में नवचेतना नामक संस्था से काम लेकर एग्रिमित्र नामक संस्था संस्था के कार्यकर्ता सैकड़ो मजदूरों की लाखों रुपए मजदूरी डकार गए हैं इतना ही नहीं वृक्षारोपण के नाम पर तमाम तरह की अनियमितता भी की गई है जब मजदूर मजदूरी की मांग करते हैं तो संस्था का एक दबंग व्यक्ति उनके साथ गाली गलौज भी कर रहा है धमकी भी दे रहा है गरीब आदिवासी मजदूरो ने कहा है कि यदि हमारी मजदूरी नहीं दी गई तो बाध्य होकर हमें किसी भी तरह का आंदोलन करना पड़ सकता है
बताया गया कि रामपुर ग्राम पंचायत में 2 वर्ष पूर्व एग्रिमित्र नामक एक संस्था आदिवासी किसानों के खेतों में फलदार वृक्षारोपण करने के नाम पर आई उसने लिखा पढ़ी में आदिवासियों से जमीन ली लेकिन उसकी शर्तें क्या है यह किसानों को नहीं बताई गई उसमें भी व्यापकरूप से गोल माल किया गया है वृक्षारोपण में कार्य करने वाले पलपल गांव के मजदूरों आशा अनीता फुलमतीया चांदनी सनीता जगवंती अनीता रीता उर्मिला खुशबू प्रियंका सोनी कलवंती दुईजी लीलावती नीलम मनकुमारी छविंदर उषा सुकवारी पूजा तीजवा रंजन समेत दर्जनों महिलाओं व पुरुषों ने बताया कि मजदूरी के नाम पर हम लोगों में कुछ लोगों को सौ रुपया तो कुछ लोगों को डेढ़ सौ से अधिक नहीं दिया गया इन मजदूरों ने बतायाकी जब हम लोग बात करते हैं तो गोविंद सिंह नामक व्यक्ति गाली गलौज करता है व धमकी देता है इन मजदूरों ने बताया कि हम लोग कई बार इसे निवेदन कर चुके हैं हाथ पैर जोड़ चुके हैं लेकिन यह मजदूरी का भुगतान नहीं कर रहे हम सभी लोग गोंड जाति के आदिवासी हैं इनका कहना है कि तुम लोगों को हम जब चाहे तब किसी भी मामले में फसवा सकते हैं हमारी बहुत ऊपर तक पहुंच है ऐसे में हम आदिवासी कभी भी किसी भी समय कोई बड़ाआंदोलन कर सकते है
इस संबंध में जब गोविंद सिंह नामक व्यक्ति से बात हुई तो उन्होंने कहा कि हमारा काम रामपुर में हुआ था किसी मजदूर की मजदूरी बकाया नहीं
जबकि मजदूरी बकाया के नाम पर पाल-पाल ही नहीं रामपुर गांव के भी कई आदिवासियों ने शिकायत करते हुए बताया की यह सच्चाई है की मजदूरी नहीं दी गई है














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