Advertisement

गूगल मैप के सहारे ड्राइविंग करते वैन बनास नदी में गिरी_तीन की मौत

सत्यार्थ न्यूज़ भीलवाड़ा अब्दुल सलाम रंगरेज

गूगल मैप के सहारे ड्राइविंग करते वैन बनास नदी में गिरी_तीन की मौत

भीलवाड़ा

रात्रि के समय में गूगल मैप पर बिल्कुल भरोसा नहीं करके ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए। गूगल मैप पर आंख बंद कर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। इसका परिणाम कल रात भयावह हादसे के तौर पर सामने आई। भीलवाड़ा_ चित्तौड़गढ़ जिले की सीमा पर राशमी थाना क्षेत्र में गूगल मैप के आधार पर ड्राइविंग करने से परिवार मौत के आगोश में समा गया। रात करीब 1 बजे भीलवाड़ा से लौट रहे इस परिवार की वैन गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलते हुए बनास नदी की खतरनाक पुलिया पर जा पहुंची। अंधेरे में ड्राइवर को खतरा दिखाई नहीं दिया और वैन पुलिया पर चढ़ते ही गहरे गड्ढे में गिर गई।

दर्दनाक हादसे में वैन सवार 9 लोगों में से 4 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गयी। पुलिस के अनुसार परिवार के 5 लोगों ने वैन पर चढ़कर जान बचाई। जिन्हें नाव के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
पुलिस के अनुसार, भूपालसागर थाना क्षेत्र के कानाखेड़ा निवासी गाडरी समाज का एक परिवार सवाईभोज दर्शन के लिए भीलवाड़ा गया था। वापसी में गूगल मैप की मदद से वे सोमी-उपरेडा पुलिया पर पहुंचे, जो तीन साल से बंद पड़ी थी।
मातृकुंडिया बांध के गेट खुले होने के कारण पानी ओवरफ्लो हो रहा था। वैन पुल पार करने की कोशिश में फंस गई और अंततः बह गई।”

थाना प्रभारी देवेंद्र देवल ने कहा कि अब तक तीन महिलाओं और एक चार साल की बच्ची के शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन एक और बच्ची अभी भी लापता है। तलाशी अभियान अभी भी जारी है। यह एक सुनसान इलाका है क्योंकि पुल पिछले तीन सालों से बंद पड़ा था।

ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और सूचना पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। नाव मंगवाकर पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि चंदा (21), ममता (25), खुशी (4) और रूत्वी (6) बह गए।

मंगलवार देर रात करीब सवा तीन बजे सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन अंधेरे के कारण रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं हो सका। बुधवार सुबह तलाश अभियान जारी रखा गया।
घटना के समय प्रशासन द्वारा मातृकुंडिया बांध से पानी छोड़े जाने पर नदी के बहाव को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया गया था।

जानकारी के अनुसार यह परिवार भीलवाड़ा से सवाई भोज मंदिर के दर्शन कर लौट रहा था। देर रात होने पर रास्ता खोजने के लिए उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। मैप ने उन्हें सोमपी-उपरेड़ा पुलिया की ओर मोड़ दिया। जबकि यह रास्ता पिछले तीन साल से बंद है।
पुलिस ने बताया कि यदि आप रास्तों से अनजान है तो ड्राइवर रास्ते में किसी से पूछता या स्थानीय लोगों की मदद लेता तो यह हादसा टल सकता था। गूगल मैप ने उन्हें ऐसे मार्ग पर मोड़ दिया जो लंबे समय से बंद था और जहां पानी का बहाव जानलेवा साबित हुआ।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!