ग्राम पंचायत नसीरपुर में पक्की नाली निर्माण कार्य में बड़े घोटाले की आशंका

उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्राम पंचायत नसीरपुर में पक्की नाली निर्माण कार्य में बड़े घोटाले की आशंका के मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है। आरोप है कि एक ही प्रकार के निर्माण कार्य के लिए अलग-अलग विवरण के साथ तीन बार राशि स्वीकृत और निकाली गई है, जिससे कुल दस लाख तिहत्तर हजार रुपये की राशि खर्च हुई है।
### ग्रामवासियों का दावा
ग्रामवासियों का दावा है कि नाली का कार्य आंशिक रूप से ही हुआ है, जबकि रिकॉर्ड में भारी भरकम राशि दर्शाई गई है। यह मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
आवश्यक कार्रवाई
आवश्यक कार्रवाई के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:

– उच्च स्तरीय जांच: मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जा सकती है जो व्यय के वास्तविक प्रमाण, माप पुस्तिका, भुगतान की रसीदें और स्थल निरीक्षण रिपोर्ट की जांच करेगी।
– वित्तीय अनियमितताओं की जांच: ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में दर्शाई गई राशि और वास्तविक कार्य की तुलना करके वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा सकती है।
– कार्रवाई और पारदर्शिता: जांच में गड़बड़ी साबित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर कार्य की राशि और प्रगति की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जा सकती है।

### प्रशासन की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी आती है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में तुरंत कार्रवाई करे और दोषियों को सजा दिलाए। साथ ही, पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

















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