कलेक्टर ने किया राघौगढ़ में बायोफ्लॉक मत्स्य पालन का निरीक्षण
(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)।

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने आज राघौगढ़ क्षेत्र में संचालित बायोफ्लॉक तकनीक आधारित मत्स्य पालन परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों एवं मत्स्य पालकों से परियोजना की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई मछली पालन की विश्व की सबसे आधुनिक विधि पोण्ड लाइनर बायोफ्लोक फिश फार्मिंग सिस्टम’ द्वारा मछलियाँ पाल कर 0.1 हेक्टेयर यानि कि एक चौथाई एकड़ जल क्षेत्र के तालाब से 6-7 माह में 100.00 क्विंटल, यानि कि 10.00 टन मछली उत्पादन प्राप्त किया जा रहा है, जिसने फलस्वरुप मत्स्य कृषक को 6-7 माह में 5 से 6 लाख रूपये की शुद्ध आय प्राप्त होती है। जल संरक्षण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक पॉइंट में तारपोलिन पॉलीथिन की परत बिछाई जाती है।

प्रोजेक्ट के संचालक कभी फिरोज उदीन पाशा द्वारा चलाया गया कि हमारे इस प्रोजेक्ट से जुडक़र 6 से 7 परिवार रोजगार का लाभ उठा रहे हैं।
यह परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रारंभ की गई है, जिसमें लगभग 60त्न की सब्सिडी का प्रावधान है। परियोजना की प्रारंभिक लागत लगभग 28 लाख रुपये आती है, जो पहले वर्ष की स्थापना और संचालन हेतु आवश्यक है।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि यह योजना युवाओं एवं किसानों के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बन सकती है और जिले में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम राघौगढ़ श्री विकास कुमार आनंद, डिप्टी कलेक्टर अमित सोनी, उप संचालक कृषि संजीव शर्मा सहित, मत्स्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। – (मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)


















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