संवाददाता सुनील माहेश्वरी/रिंगनोद
नगर के तीन मंदिरों में एक सप्ताह से चल रही श्रीमद् भागवत ज्ञान गीता का विराम 18 सितंबर को हुआ।
इस अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा एवं कथावाचकों की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सुंदर सुसज्जित बग्गियों में चार समाज श्री राम बड़ा मंदिर के कथा वाचक हेमंत भारद्वाज, सुथार समाज श्री विश्वकर्मा चारभुजा मंदिर के कथा वाचक कमलेश नागर नानपुर, राजपूत समाज श्री सरकारी राम मंदिर के कथावाचक वंशदीप शर्मा विराजमान थे, वही एक बग्गी में सभी श्रीमद् भागवत महापुराण रखे गए थे। शोभायात्रा ठीक 1:00 बजे सरकारी श्री राम मंदिर चौक से प्रारंभ हुई। इसके पूर्व सैकड़ो पुरुष एवम महिलाएं समय से पूर्व शोभायात्रा के लिए आ चुके थे। भव्य शोभायात्रा बैंड बाजे हाथी घोड़े के साथ प्रारंभ हुई, जो चारभुजा चोक, श्री राम बड़ा मंदिर, योगमाया चौक , तिजोरी गली, बस स्टैंड, सदर बाजार में होते हुए मैन चौपाटी शिव शक्ति मंदिर परिसर पहुंची।

शोभायात्रा में महिलाएं गीत गाती चल रही थी तो युवतियां डांडिया रास भी खेल रही थी। वहीं पुरुष वर्ग मादल की थाप पर नृत्य करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में राजस्थानी कलाकारों द्वारा नृत्य मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा। यात्रा का हर गली मोहल्ले में प्रवेश पर ग्रामीणों ने जमकर फूल बरसाए। वही जगह जगह सामाजिक संस्था द्वारा फरयाली खिचड़ी, नमकीन छाछ का आयोजन किया गया। यात्रा का समापन शिव शक्ति अंबिका परिसर में हुआ, जहा राजेस्थानी कलाकारों द्वारा घुमर नृत्य से सबका मन मोह लिया। पश्चात चारभूजा यूवा मंच के सदस्यों द्वारा श्रीमद् भागवत गीता का पूजन कर कथा वाचकों का शाल श्रीफल भेंट देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर कथा वाचक नागर ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा की जहा भगवान का नाम नियमित रुप से लिया जाता हैं, वहा सुख समृद्धि व शांति बनी रहती हैं, भारद्वाज ने कहा की जीवन को कर्मशील बनाना है तो श्रीमद भागवत कथा का श्रवण जरूर करे वही वंशदीप शर्मा ने कहा वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, कटुता, को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। अन्त में महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया।


















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