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आयोग की समझाइश पर पुलिस आरक्षक ने 30 हजार हर्जाना देना स्वीकारा फर्जीवाड़ा कर 10 लाख रूपए का लिया लोन, बैंक मैनेजर बनाए गए पक्षकार

         सत्यार्थ न्यूज़ से संवाददाता पुनीत मरकाम कांकेर ✍️✍️                                                       आयोग की समझाइश पर पुलिस आरक्षक ने 30 हजार हर्जाना देना स्वीकारा

फर्जीवाड़ा कर 10 लाख रूपए का लिया लोन, बैंक मैनेजर बनाए गए पक्षकार

कांकेर । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज कांकेर के विश्राम गृह के सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष द्वारा आज कांकेर जिला स्तर पर चौथी सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने पुलिस आरक्षक द्वारा उनका मकान क्षतिग्रस्त करने और आने-जाने के रास्ते को भी बंद किए जाने की शिकायत सबूत सहित की। आयोग ने अनावेदक से आवेदिका को 30 हजार रूपए हर्जाना देने को कहा, जिस पर अनावेदक ने सहमति जताई। इस दौरान अनावेदक ने आयोग की अध्यक्ष के समक्ष आवेदिका को 5 हजार रुपए नगद दिए। इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच न्यायालय में भी प्रकरण चलने और आपस में सुलहनामा की बात कही गई। आवेदिका प्रकरण वापस लेने के अनुरोध पर उसे नस्तीबद्ध किया गया। अन्य प्रकरण में आवेदिका ने उनके भतीजे (अनावेदक) के साथ दोनों के संयुक्त खाते से अवैध तरीके से इस्तेमाल करते हुए जमीन के एवज में कांकेर के एक निजी बैंक से 9 लाख 10 हजार रूपए का लोन लिया गया, जिसकी पुष्टि प्रस्तुत दस्तावेज से हो गई कि अनावेदक ने बैंक से लोन लेने के दौरान आवेदिका के नाम का इस्तेमाल किया था। यह बात उसने आयोग के सुनवाई के दौरान भी कबूल किया। उक्त प्रकरण में बैंक की संलिप्तता को दृष्टिगत रखते हुए दोनों बैंक मैनेजर को पक्षकार बनाया गया। प्रकरण में आगे की कार्यवाही हेतु आगामी 4 सितंबर को रायपुर मुख्यालय में सुनवाई के लिए उपस्थित होने निर्देशित किया गया। इसके अलावा एक अन्य प्रकरण में आवेदिका व्याख्याता और अनावेदक प्रभारी प्राचार्य को विस्तृत दस्तावेज लेकर आगामी सुनवाई हेतु आयोग के रायपुर स्थित मुख्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।
इसी तरह अन्य प्रकरण में आवेदिकाओ की शिकायत पर पूर्व में सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशानुसार अनावेदक का स्थानांतरण मई 2023 में भानुप्रतापपुर महिला एवं बाल विकास विभाग में कर दिया गया था। अतः उक्त प्रकरण को आयोग ने नस्तीबद्ध किया।..

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