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छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा विभाग बच्चों के भविष्य साथ खिलवाड़ बंद करें युक्तियुक्तकरण से शिक्षा गुणवत्ता में नुकसान होगा तेता जी ”। 

              सत्यार्थ न्यूज़ से संवाददाता पुनीत मरकाम कांकेर छत्तीसगढ़ ( भानुप्रतापपुर )    ✍️✍️                                                        छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा विभाग बच्चों के भविष्य साथ खिलवाड़ बंद करें युक्तियुक्तकरण से शिक्षा गुणवत्ता में नुकसान होगा तेता जी ”।                                                          भानुप्रतापपुर  कोरर :- श्री सुनाराम तेता उपाध्यक्ष जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर ने कहा* छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण के सारे नियम गलत और अव्यवहारिक हैं, सेटअप 2008 और राजपत्र का खुला उल्लंघन हैं..?

एक तरफ आप बात करते हैं, शिक्षा गुणवत्ता की 1 प्रधानपाठक और 1 शिक्षक के भरोसे कैसे गुणवत्ता आएगी..? किसी विद्यालय में 60 बच्चे हैं, आपका नियम वहां 1 प्रधानपाठक और 1 सहायक शिक्षक ही दे रहा हैं ? प्राथमिक शाला में 5 कक्षाओं का संचालन होता हैं, कुल 18 विषय भी पढ़ाना हैं..कैसे होगा ?

अब विभिन्न प्रकार के तो आपके विभागीय कार्य हैं, जिनमें अन्य विभागों के भी कार्य होते हैं, जिन्हें शिक्षकों को ही करना हैं। आये दिन मीटिंग, डाक, ऑनलाइन कार्य……प्रधानपाठक मीटिंग में गया, अगर एक शिक्षक बीमार पड़ा, तो स्कूल को कौन संभालेगा…चलिए एक शिक्षक विद्यालय में रहा भी छुट्टी में नहीं गया, तो फिर भी वो 5 कक्षा को कैसे संभालेगा और पढ़ायेगा..? किसको किसको पढ़ायेगा….. आपके कोर्स का क्या होगा….गुणवत्ता तो भूल जाइए, पूरे सत्र भर किसी भी कक्षा का कोई पढ़ाई ही पूर्ण नहीं हो पायेगा…?

ठीक यहीं नियम लागू होता हैं, मिडिल स्कूल में, आप एक तरफ बात करते हैं, विषय आधारित पढ़ाई की, एक तरफ शिक्षकों को निकाल रहे हैं। कल जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षक रिक्त हैं, पदोन्नति से विषय शिक्षक भेजें है, उनको आज वहां दर्ज अनुपात लाकर निकाल रहे है…..आख़िर आपने प्रमोशन क्यों किया था….??

यहीं सब नियम हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी में भी लागू है….!!

2018 में लगभग 3500 स्कूल मर्ज करके बंद किये।2024 में 4033 स्कूल मर्ज करने वाले है, मात्र 6 साल के अंतराल में 7500 स्कूल बंद होंगे… तो आगे आंकड़ा लगाते जाइये…..आगे 2030 तक 10 हज़ार स्कूल बंद करने पड़ेंगे.. अर्थात् यह कदम शिक्षा के निजीकरण का रास्ता प्रशस्त कर रहा हैं ??

साथियों जैसे पूर्व और अभी वर्तमान में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों ने खेला कर रहे हैं, इससे सभी शासकीय शालाऐं बंद होने के कगार पर हैं, ये अत्यंत चिंताजनक हैं। इस पर सभी शिक्षकों को और सभी संगठनों को गंभीरतापूर्वक विचार करना होगा, नहीं तो आज कोई जद में फँस रहा, तो कल आप भी नहीं बचेंगे….?

सर्वप्रथम बचे हुए पदोन्नति कीजिये…ये सुझाव विभागों में बैठे सचिव लोगों का क्यों नहीं आता हैं..?

(1) सहायक शिक्षक से प्राथमिक प्रधानपाठक।

(2) सहायक शिक्षक से शिक्षक,

प्राथमिक प्रधानपाठक से मिडिल प्रधानपाठक।

(3) शिक्षक से व्याख्याता/मिडिल प्रधानपाठक।

(4) व्याख्याता/मिडिल प्रधानपाठक से प्राचार्य।

अगर ये पहले हो गया, तो लगभग मैं मानता हूँ 90% अतिशेष समायोजित हो जाएंगे…उसके बाद अगर कोई अतिशेष बचते हैं, तो आप कीजिये ।

अगर उपरोक्त प्रक्रिया हो जायेगी, तो शिक्षा विभाग को कहां कितने किस संवर्ग के शिक्षकों की भर्ती की आवश्यकता है, एक परफेक्ट आंकड़ा शिक्षा विभाग के पास आ जायेगा……तो विभाग/सरकार अगले सत्र में नई भर्तियां भी कर सकती है….!!

अब मुद्दे की बात

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पहले ही लागू किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ के समस्त बालक-बालिकाओं को यह अधिकार प्रदान किया गया हैं, कि सभी गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें। किंतु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण हेतु दिनांक 2 अगस्त 2024 को जारी निर्देश नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं शिक्षा के अधिकार 2009 के उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है।सन् 2008 में छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग की स्वीकृति से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सेटअप जारी किया गया था, लेकिन अब जारी किया गया सेटअप वर्ष 2008 में जारी सेटअप के निर्धारित मापदंड के विपरीत एवं विधि विरुद्ध ।

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2 अगस्त 2024 के युक्तियुक्तकरण के तहत प्राइमरी स्कूलों में छात्र शिक्षक के अनुपात के आधार पर न्यूनतम एक प्रधान पाठक एवं एक सहायक शिक्षक का सेटअप निर्धारित किया गया है, जबकि वर्ष 2008 में प्रत्येक 60 विद्यार्थियों के मान से एक प्रधान पाठक एवं दो सहायक शिक्षक का सेटअप स्वीकृत हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की कंडिका 2.3 में स्पष्ट निर्देश हैं, कि शिक्षक विद्यार्थी अनुपात 25:1 से कम हो। वर्तमान में अधिकांश विद्यालयों में बालवाड़ी की भी एक कक्षा संचालित हो रही हैं, अतः 6 कक्षाओं के लिए मात्र 1 + 1 का सेटअप स्वीकृत किया जाना नियम विरुद्ध है। प्राइमरी स्कूल के प्रधान पाठक को वर्तमान समय में प्रत्येक दिन कम से कम 10 प्रकार की जानकारी ऑनलाइन देना पड़ता है। इसके अतिरिक्त संकुल स्तरीय, विकासखंड स्तरीय बैठक में माह में दो से तीन बार जाना पड़ता है।

इसी तरह से मिडिल स्कूल में छात्र शिक्षक अनुपात पर न्यूनतम एक प्रधान पाठक एवं तीन शिक्षक सेट अप निर्धारित किया गया है। जबकि वर्ष 2008 में प्रत्येक 35 छात्र पर एक प्रधान पाठक एवं चार शिक्षक का पद स्वीकृत है। अतः राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कंडिका 2.3 में पीटीआर 25:1 से कम रखने का निर्देश है।

पूर्व में जारी शासन के निर्देश में प्रधान पाठक मिडिल स्कूल को शिक्षक पद गणना की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की भर्ती पदोन्नति नियम 2019 में प्राचार्य पद हेतु उच्च न्यायालय बिलासपुर में प्रधान पाठक मिडिल स्कूल से प्राचार्य पद की पदोन्नति हेतु दायर याचिका में तत्कालीन स्कूल शिक्षा सचिव डॉक्टर भारतीय दासन द्वारा दिनांक 16 सितंबर 2022 को शपथ पत्र दिया गया हैं, कि प्रधान पाठक मिडिल स्कूल का पद प्रशासनिक पद हैं तथा राजपत्रित सेवा श्रेणी वर्ग 2 का पद है।

इसी तरह से हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी वर्ष 2008 द्वारा जारी सेटअप अनुसार स्कूल में एक प्राचार्य तथा 6 व्याख्याता एवं हायर सेकेंडरी में एक प्राचार्य तथा 11 व्याख्याता के पद स्वीकृत हैं।

अब आसपास एवं एक ही परिसर में संचालित शालाओं का वर्ष 2018 में युक्तियुक्तकरण किया जा चुका है। जिसपर भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र 2023 की “मोदी की गारंटी” में पृष्ठ 24 के कंडिका 3 में उल्लेखित हैं, कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद 57000 रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती होगी तथा कंडिका 6 में उल्लेखित हैं, कि कांग्रेस सरकार द्वारा बंद किए गए स्कूल को फिर से खोलेंगे। अतः एक ही परिसर या आसपास की शालाओं का युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया “मोदी की गारंटी” से विरोधाभासी हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 के बाद प्राचार्य पदों की पदोन्नति एवं वर्ष 2015 के बाद व्याख्याता पदों की पदोन्नति नहीं होने के कारण पदोन्नति कोटे में लगभग 6000 प्राचार्य के पद एवं व्याख्याता के लगभग 5000 पद रिक्त हैं। उच्च वर्ग शिक्षक/प्रधान पाठक प्राइमरी स्कूल को व्याख्याता पद की पदोन्नति एवं व्याख्याता तथा प्रधान पाठक मिडिल स्कूल से प्राचार्य पद की पदोन्नति की कार्यवाही युक्तियुक्तकरण से पहले किया जाना न्याय संगत है। यदि युक्तियुक्तकरण के बाद पदोन्नति की कार्यवाही होगी तो अधिकांश प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल एकल शिक्षकीय तथा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी में विषय व्याख्याता का अभाव रहेगा।

विधानसभा के बजट सत्र 2024 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल विधानसभा सदस्य के लिखित प्रश्नों के उत्तर में सदन के समक्ष 19 फरवरी 2024 को अधिकतम 6 माह में उक्त पदों की पदोन्नति कार्यवाही पूर्ण करने का आश्वासन दे चुके हैं। जिनकी समय सीमा 19 अगस्त 2024 को समाप्त हो जाएगी। यदि अगस्त माह में पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण नहीं होती, तो विधानसभा की अवमानना की स्थिति निर्मित होगी ।अतः युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही व्याख्याता एवं प्राचार्य की पदोन्नति की प्रक्रिया पूर्ण कर, वर्ष 2008 में वित्त विभाग द्वारा स्वीकृत सेटअप के आधार पर युक्तियुक्तकरण करके वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार अपनी चुनावी वायदों को पूरा करें..? पूर्वर्ती मा. भूपेश बघेल जी कांग्रेस सरकार शासन काल में 20711 बंद पड़े स्कूलों को चालू कराया गया था। शिक्षा का गुणवत्ता 2021,22,23,2024 परिक्षा परिणाम बेहतरीन रहा।है मा. विष्णु देव साय जी से निवेदन करता हूं। आनलाइन शिक्षकों अवकाश बंद होना चाहिए। शिक्षकों युक्तियुक्तकरण के स्थान पर। पहले पदोन्नति करें।

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