रिपोर्टर देवीनाथ लोखंडे
जिला बैतूल
भूमि घोटाला: 26 खातेदारों की जमीन हड़पकर लिया लाखों का ऋण
राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ बड़ा घोटाला,राजस्व रिकॉर्ड में की हेराफेरी

बैतूल। राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर जिले के ग्राम बोरगांव में एक बड़े भूमि घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। एसपी को सौंपे आवेदन में प्रार्थी बोन्द्रया पिता गोविंदा, भूमला, धीरज पिता रामू ने बताया अनावेदक दीपक कापसे ने अपने भाई गुलशन कापसे और मां आशा कापसे के साथ मिलकर 26 सह खातेदारों के नाम राजस्व रिकॉर्ड से हटवा दिए और एच.डी.एफ.सी. बैंक से भारी ऋण प्राप्त कर लिया। इस घोटाले में राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के स्पष्ट संकेत मिले हैं।
ऐसे उजागर हुआ मामला ?
प्रार्थी बोन्द्रया पिता गोविंदा ने 15 जुलाई 2024 को खसरे की कॉपी निकाली, जिसमें पता चला कि दीपक कापसे ने सभी खसरे अपने नाम पर दर्ज करवा लिए हैं। इस भूमि की कुल लागत 8.34 करोड़ रुपये है और इसका कुल रकबा 31 एकड़ है। दीपक ने इस भूमि को एच.डी.एफ.सी. बैंक शाखा बाबू चौक बैतूल में बंधक रखकर भारी ऋण लिया है। इस मामले की शिकायत आवेदको ने कलेक्टर, एसपी से की है। वहीं अनुविभागीय अधिकारी भैंसदेही एवं शाखा प्रबंधक को आवेदन सौंपकर उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया है। आवेदन में बताया कि दीपक कापसे ने राजस्व अमले के सहयोग से 26 सह खातेदारों के नाम राजस्व रिकॉर्ड से हटवा दिए। इसके बाद, उन्होंने एच.डी.एफ.सी. बैंक से ऋण प्राप्त किया और इस राशि से बोरगांव में डेयरी फार्म और पशुधन खरीदा। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, उन्होंने भैंसदेही शहर में घर या प्लाट भी खरीदा है।
— प्रार्थियों को मिली धमकियां–
प्रार्थियों ने आरोप लगाया है कि दीपक कापसे और उनके भाई गुलशन कापसे ने उन्हें धमकियां दी हैं। उन्होंने कहा, हमारे नाम हटाकर खुद के नाम दर्ज किए गए हैं। जब हमने पूछा, तो हमें धमकी दी गई कि अगर हम शिकायत करेंगे तो जान से मार दिया जाएगा। प्रार्थियों ने मांग की है कि दीपक कापसे और उनकी मां आशा कापसे के सभी बैंक खातों को जांच पूरी होने तक होल्ड किया जाए ताकि ऋण की राशि को वापस लिया जा सके। इसके साथ ही, राजस्व अमले के सभी सहयोगकर्ताओं की जांच कर उचित दंडात्मक कार्यवाही की जाए।














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