न्यूज रिपोर्टर :- विकाश बाबू शाक्य
जनपद :- फर्रूखाबाद

सत्यार्थ न्यूज फर्रूखाबाद : लखनऊ उत्तर प्रदेश में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी अब विपक्ष की तरह अपनी ही सरकार से सवाल करने लगे। मुख्यमंत्री के विभाग से पूंछा है संविदा और आउटसोर्सिंग भर्ती में कितना आरक्षण दिया है। उन्होंने सभी सरकारी विभाग में संविदा और आउट सोर्सिंग भर्तियों की रिपोर्ट मांगी है। पूंछा है आरक्षण 2008 के शासनादेश के नियम का कितना पालन किया गया। 15 जुलाई को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
आउट सोर्सिंग और संविदा भर्ती क्या है
सरकार द्वारा डायरेक्ट स्थाई नियुक्ति न करके संबिदा और आउट सोर्सिंग से भर्तियां हो रहीं हैं। यह कांट्रेक्ट होता है।
संविदा में सरकार और कर्मचारी के बीच कांट्रेक्ट होता है जबकि सरकार आउट सोर्सिंग में कम्पनी या थर्ड पार्टी सरकारी विभागों में कर्मचारी उपलब्ध कराती है। इससे सरकार को काफी फायदा होता है ऐसे में कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी की तरह मूल वेतन भी नही मिलता है और न ही कोई सरकारी सुविधा का लाभ मिलता है। सरकार जब चाहेगी तब कांट्रेक्ट की सेवा समाप्त कर सकती है। उत्तर प्रदेश में जबसे योगी सरकार बनी है तब से 2023 तक 56491 संविदा कर्मी एवं 107936 आउट सोर्सिंग में रखे गए हैं । सरकार ऐसी भर्तियों को बढ़ावा दे रही है जिससे आर्थिक बोझ न बने।

















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