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भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कोटपूतली में स्थित पैतृक मंदिर पहुँचकर की पूजा-स्तुति

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भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कोटपूतली में स्थित पैतृक मंदिर पहुँचकर की पूजा-स्तुति

कोटपूतली के श्री अवध बिहारी जी मंदिर में देश की खुशहाली की कामना करते हुए की प्रार्थना

 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुनील जी बंसल शुक्रवार को निजी समारोह में शामिल होने के लिए कोटपूतली पहुँचे थे। भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कोटपूतली में स्थित पैतृक मंदिर श्री अवध बिहारी जी मंदिर पहुँचकर पूजा-स्तुति की। श्री अवध बिहारी जी मंदिर के महंत महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 बालेश्वर दास जी महाराज ने बताया कि भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुनील बंसल ने अपने पैतृक मंदिर पहुँचकर ठाकुर जी की पूजा-स्तुति करते हुए देश की खुशहाली की कामना की। मंदिर मंहत श्री बालेश्वर दास जी महाराज ने केसर चंदन का तिलक लगाकर श्रीफल भेंट किया व मंदिर पूजारी श्री नरहरिदास जी महाराज ने फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। कोटपूतली विधानसभा के भाजपा नेता मुकेश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि सुनील बंसल ने सन् 2014 से 2022 तक उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारी बहुमत से जीत दर्ज करवाई थी। बेहतरीन संगठनकर्ता के रूप में देश में विशेष पहचान बनाई। उस समय यूपी प्रभारी अमित शाह एवं सह प्रभारी सुनील बंसल की जोड़ी ने यूपी में 71 सीटों पर जीत दिलाई थी। सुनील बंसल द्वारा हाल ही में लोकसभा चुनाव में उड़ीसा एवं तेलंगाना में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कराई। पूजा अर्चना के इस अवसर पर कृषि उपज मंडी के पूर्व अध्यक्ष श्री महेश मीणा, श्री अमरनाथ बंसल, सुरेंद्र बंसल, भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार बंसल, नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष व पार्षद प्रमोद सैनी गुरुजी उपस्थित रहें।

सुनील बंसल का जन्म 20 सितंबर 1969 में कोटपूतली में हुआ। उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति शुरू कर दी थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य के तौर पर उन्होंने राजनीति शुरू की। 1989 में वह राजस्थान यूनिवर्सिटी के महासचिव चुने गए। इसके बाद आरएसएस से जुड़ गए। 1990 में आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम शुरू किया। बाद में, उन्होंने भाजपा के सदस्य के तौर पर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले यूपी में चुनावी माहौल गरमा रहा था। इसी दौरान आरएसएस ने उन्हें यूपी के राजनीतिक मैदान में उतारने का फैसला लिया। उस समय वह एबीवीपी जयपुर इकाई के महासचिव थे। सुनील बंसल को यूपी का को-इंचार्ज बनाया गया। यहां उनकी मुलाकात यूपी इंचार्ज अमित शाह से हुई। अमित शाह के साथ मिलकर उन्होंने पन्ना प्रमुख की रणनीति को जमीन पर उतारने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद शाह और बंसल की जोड़ी को जीत का पर्याय माना गया।

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