न्यूज रिपोर्टर मनोज मूंधड़ा बीकानेर श्रीडूंगरगढ
एडवांस आसनों में संतुलन के लिए द्विपाद ग्रीवासन जानिए योग प्रशिक्षक ओम प्रकाश कालवा के साथ।
श्रीडूंगरगढ़। कस्बे की ओम योग सेवा संस्था के निदेशक योग प्रशिक्षक ओम प्रकाश कालवा ने सत्यार्थ न्यूज चैनल पर 38 वें अंक को प्रकाशित करते हुए एडवांस आसनों में संतुलन के लिए द्विपाद ग्रीवासन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया। ऐसा माना जाता है कि द्विपाद शीर्षासन कुंडलिनी ऊर्जा और उत्साह को भी बढ़ाता है। इस मुद्रा की अधिक उन्नत अभिव्यक्ति में, हाथों को ज़मीन पर रखा जाता है और फिर कोहनियों को सीधा किया जाता है, जिससे शरीर ज़मीन से ऊपर उठ जाता है।
विधि
-दंडासन में बैठकर दोनों पैरों को गर्दन की पीछे डालकर संतुलन बनाए रखना।
लाभ
-द्विपाद शीर्षासन सहनशक्ति में सुधार करता है और शरीर को मजबूत बनाता है। यह आसन पूरे शरीर को मजबूत बनाता है,शारीरिक संतुलन और फिटनेस में सुधार करता है। यह पीठ, कंधों, कोहनी, घुटनों, पैरों, बाहों, हथेलियों और जांघों को पोषण देता है।
नोट
-कठिन योगासनों का अभ्यास सदैव अनुभवी योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करना चाहिए।
निवेदन
-ओम योग सेवा संस्था श्री डूंगरगढ़ द्वारा जनहित में जारी करते हुए 38 वां अंक प्रकाशित किया।



















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