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चंदवारा का बिजली पावर हाउस बना सफेद हाथी

शिवम सिंह

बांदा।जसपुरा ब्लॉक क्षेत्र के चंदवारा गांव में सन 2019-20 में तत्कालीन विधायक ब्रजेश प्रजापति ने करोड़ों रुपए की लगता का बिजली पावर हाउस बनवाया था लेकिन बनते ही पावर हाउस मात्र एक सफेद हाथी बन कर रह गया।हालाकि पावर हाउस बना उसमे विभाग ने नियुक्ति दे डाली,मशीन आ गईं लेकिन काम नही चालू हुआ।किसान नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने बताया कि सन 2019-20 में इटावा की कम्पनी ने ठेका लेकर चंदवारा गांव में बिजली का पावर हाउस करोड़ों रुपए की कीमत का बनाया था।उस समय के विधायक ब्रजेश प्रजापति ने नव निर्मित बिजली सब स्टेशन का उद्घाटन भी लिया था। तब क्षेत्र की जनता को लगा था कि अब हमारी समस्या हल हो जाएगी लेकिन चार से पांच साल बीतने के बाद न तो किसी जनप्रतिनिधि ने और न ही किसी अधिकारियो ने इसे शुरू कराने का प्रयास किया।किसान नेता ने बताया कि भारी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े इस पॉवर हाउस को बनाने और मशीनों की खरीद में जमकर भ्रटाचार हुआ जिससे मशीनें शुरू ही नहीं हो सकीं।उन्होंने ने बताया कि 2021/22, में कई बार लिखित में इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने रखा था तो उस समय मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई लेकिन पावर हाउस नहीं चालू हो सका।इस पॉवर हाउस के शुरू होने से लगभग 10 से 15 गांवों की जनता व किसान लाभान्वित हों अगर ये शुरू हो जाए।अभी चार पांच दिन पहले बरसात के एक पानी से ही चंदवारा,इछावर,गौरी खुर्द,नरौली,बड़ागांव,पिपरोदर, सबादा,महाबरा,अदरी आदि गांवों की लाइट आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।ग्रामीण जनता अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।अभी आगे किसानों को सिंचाई की भी जरूरत पड़ेगी हर साल क्षेत्र में सिंचाई के समय बिजली की आपूर्ति और लोड बढ़ने से किसान परेशान रहते हैं चंदवारा पॉवर हाउस चालू होने से किसानों को भी सिंचाई में सहूलियत रहेगी।उन्होंने ने कहा कि मंगलवार को इसी मुद्दे पर बांदा में विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को लिखित में देकर पॉवर हाउस चालू कराने के लिए दस दिन का समय मांगेगे।अगर तय समय में पावर हाउस नहीं शुरू हुआ तो क्षेत्र की जनता और किसान आंदोलन को बाध्य होंगे।

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