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चेतना साहित्य एवं कला परिषद द्वारा, काव्य गोष्ठी हुई संपन्न

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न्यूज़ रिपोर्टर शाका नामदेव गुना

चेतना साहित्य एवं कला परिषद द्वारा, काव्य गोष्ठी हुई संपन्न

खबर गुना जिला मध्य प्रदेश से

चेतना साहित्य एवं कला परिषद गुना द्वारा पावस ऋतु के पावन पर्व पर उदासी आश्रम स्थित मुरलीधोकर मंदिर पर वरिष्ठ कवि विष्णु साथी की अध्यक्षता श्रीमती संतोष ब्रह्मभट्ट के मुख्य आतिथ्य तथा गोविंद राव मोरे एवं सुबेदार धर्मवीर सिंह भारतीय के विशेष आतिथ्य में कवि गोष्ठी संपन्न हुई। कवि गोष्ठी का संचालन नगर के जाने-माने शायर प्रेम सिंह प्रेम ने किया। सरस्वती वंदना श्रीमती संतोष ब्रह्मभट्ट ने सुनाई।कवि गोष्ठी का संचालन करते हुए प्रेम सिंह प्रेम ने कहा मेल मिलाप बहुत अच्छा है मगर आस्तीन पर भी नज़र रखा कीजिए। वरिष्ठ कवि विष्णु साथी ने कहा कि बे ठिकाने थे अभी तक अब ठिकाना हो गया,आपके दिल में हमारा आना जाना हो गया। उमाशंकर भार्गव ने कहा गर्मी तो है पड़ रही कर दिया हमने काटकर वृक्षों काशोषण,अब सभी है महसूस कर रहे होना चाहिए वृक्षारोपण। श्रीमती संतोष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि वो साथ नहीं फिर भी जाने क्यों,साथ साथ से लगते हैं, इतना बतला दे कोई हमें क्या इसे निभाना कहते हैं।शायर सलाउद्दीन शिकवा ने कहा कि आके तूफान तो एक पल में गुजर जाता है ,इतने अरसे में मगर काम अपना वह कर जाता है। कवि गोविन्द राव मोरे ने कहा कि राम आपके बिना जगत सब सूना है। सूबेदार धर्मवीर सिंह भारतीय ने कहा हम सूखे सूखे नाले,वर्षा ही हमको पाले। श्रीमती माया ओझा ने कहा मन रे तू राम भजन करके भव सागर से तर ले। रमेश मंगल ने कहा कि ज़िन्दगी बेताब जीने के लिए पग में पड़े छाले,कह नहीं पाये कहां की पीर के ज़ख्म पाले। कवि गोष्ठी में रवि शर्मा बंजारा, संजय खरे, साक्षी ओझा, सियाराम कुशवाह ने भी अपनी रचनाएं सुनाई। कवि गोष्ठी में बृजराज सिंह, राजेन्द्र सोनी, बृजेश शर्मा, बृजेश श्रीवास्तव, हरीश, उमेश मंगल, गोपाल अग्रवाल, समाज सेवी निरंजन भाया कसेरा, पंडित मनोज शर्मा, मनोज तिवारी, रामजीवन भार्गव, अमित भार्गव, नारायण लाल मैयर, रणबीर सिंह, दीपक शर्मा उपस्थित रहे।

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