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मक्सी-दाहोद बस हादसे के बाद शिवपुरी प्रशासन सख्त; कलेक्टर के निर्देश पर यात्री बसों की सघन जांच अभियान तेज

मक्सी-दाहोद बस हादसे के बाद शिवपुरी प्रशासन सख्त; कलेक्टर के निर्देश पर यात्री बसों की सघन जांच अभियान तेज

जिला रिपोर्टर नीरज वर्मा

### तीन दिनों में 75 बसों की चेकिंग, 25 पर गिरी गाज; ₹1.04 लाख से अधिक का वसूला जुर्माना
### आरटीओ रंजना कुशवाहा के नेतृत्व में सड़कों पर उतरी टीम; नियमों का उल्लंघन करने पर परमिट निरस्त करने की चेतावनी
*शिवपुरी, 18 मई 2026*
मक्सी-दाहोद मार्ग पर हाल ही में हुए भीषण और दर्दनाक बस हादसे के बाद शिवपुरी जिला प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले के सभी परिवहन मार्गों पर यात्री और स्लीपर बसों की कड़ाई से जांच करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर के इन आदेशों के बाद परिवहन विभाग ने जिले भर में एक व्यापक और सघन जांच अभियान छेड़ दिया है, जिससे नियम विरुद्ध वाहन चलाने वाले बस संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला परिवहन अधिकारी (RTO) रंजना कुशवाहा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की विशेष टीमों द्वारा दिन और रात, दोनों समय मुख्य मार्गों और चौराहों पर नाकाबंदी कर बसों की धरपकड़ की जा रही है।
### तीन दिनों की ताबड़तोड़ कार्रवाई: आंकड़े बयां कर रहे सख्ती
प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पिछले तीन दिनों के भीतर जिला परिवहन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों, राजकीय मार्गों और ग्रामीण रूटों पर संचालित होने वाली स्लीपर व सामान्य यात्री बसों की औचक जांच की।
इस तीन दिवसीय महा-अभियान की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
* *कुल जांचे गए वाहन:* 75 स्लीपर और यात्री बसें।
* *कार्रवाई के दायरे में आई बसें:* 25 बसों में गंभीर अनियमितताएं और परिवहन नियमों का उल्लंघन पाया गया।
* *वसूला गया जुर्माना:* नियम तोड़ने वाले वाहन संचालकों और मालिकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए मौके पर ही *1 लाख 4 हजार 500 रुपए* का जुर्माना वसूल किया गया।
### इन सुरक्षा मानकों की हो रही है ‘सर्जिकल चेकिंग’
जिला परिवहन अधिकारी रंजना कुशवाहा ने बताया कि जांच टीम केवल कागजों की खानापूर्ति नहीं कर रही है, बल्कि बसों के भीतर घुसकर एक-एक सुरक्षा मानक की बारीकी से पड़ताल कर रही है। विभाग द्वारा मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:
> 1. *दस्तावेजों की वैधता:* बसों के वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, रूट परमिट, और थर्ड पार्टी बीमा की गहनता से जांच।
> 2. *आपातकालीन सुरक्षा:* बसों में अग्निशमन यंत्र (Fire Safety Equipment) चालू हालत में हैं या नहीं, और इमरजेंसी गेट सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
> 3. *ओवरलोडिंग और स्पीड:* क्षमता से अधिक यात्री बैठाने (ओवरलोडिंग) पर कार्रवाई और वाहनों में निर्धारित गति सीमा बनाए रखने के लिए ‘स्पीड गवर्नर’ की क्रियाशीलता की जांच।
> 4. *चालक की योग्यता:* बस चालकों के भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस (Heavy DL) और उनके मेडिकल/फिजिकल फिटनेस की जांच।
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कई बसों में आपातकालीन द्वार जाम पाए गए और अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट के मिले, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए तत्काल चालान काटे और मौके पर ही कमियों को दुरुस्त करवाया।
### “सुरक्षा से समझौता नहीं, रद्द होंगे परमिट और लाइसेंस”
कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त रुख का हवाला देते हुए आरटीओ रंजना कुशवाहा ने बस संचालकों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा:
> “हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। सभी बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे केवल वैध और पूरी तरह सुरक्षित वाहनों को ही सड़क पर उतारें। यदि दोबारा कोई बस नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई गई, तो केवल जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, बल्कि सीधे वाहन का परमिट निरस्त करने और चालक का लाइसेंस निलंबित करने की कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
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### रात्रिकालीन स्लीपर बसों पर विशेष नजर
अक्सर देखा गया है कि लंबी दूरी की रात्रिकालीन स्लीपर बसें देर रात या तड़के हादसों का शिकार होती हैं। इसका मुख्य कारण चालकों की नींद पूरी न होना या तेज रफ्तार होता है। इस खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने रात के समय चलने वाली स्लीपर बसों की विशेष मॉनिटरिंग शुरू की है।
चालकों और बस ऑपरेटरों को समझाइश दी गई है कि वे:
* निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन करें।
* लंबी दूरी के रूटों पर अनिवार्य रूप से दो चालकों (Double Drivers) की व्यवस्था रखें।
* वाहन की तकनीकी स्थिति, विशेषकर ब्रेक और लाइट व्यवस्था को दुरुस्त रखें।
### जनता ने किया फैसले का स्वागत
जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई का आम यात्रियों और जिले के नागरिकों ने पुरजोर स्वागत किया है। बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों का कहना है कि अक्सर मुनाफे के चक्कर में बस मालिक यात्रियों की जान जोखिम में डालते हैं। यदि इसी तरह नियमित रूप से औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई होती रहे, तो निश्चित रूप से तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगेगा और लोग बिना किसी डर के सफर कर सकेंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आने वाले दिनों में भी इसी तरह निरंतर जारी रहेगा।

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