भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2026: विदिशा सहित पूरे मध्य प्रदेश में 25 सितंबर को होगी परीक्षा, शांतिकुंज ने जारी की तिथियां

विदिशा/शांतिकुंज:
युग निर्माण योज hvना, गायत्री तीर्थ शांतिकुंज (हरिद्वार) द्वारा नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों, राष्ट्रीय चेतना और भारतीय संस्कृति के संस्कारों का सिंचन करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा (वर्ष 2026)’ की समय-सारणी आधिकारिक रूप से घोषित कर दी गई है। गायत्री परिवार के जिला पदाधिकारी एवं द इंटरनेशनल लायंस के पूर्व अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की इस भव्य परीक्षा अभियान की विस्तृत जानकारी मीडिया से साझा की है।
तीन चरणों में संपन्न होगी देश की सबसे बड़ी संस्कार परीक्षा
देश के सभी राज्यों की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय प्रस्तावों के आधार पर परीक्षा को तीन चरणों में विभाजित किया गया है:
प्रथम चरण (19 सितम्बर 2026): उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, गुजरात और बिहार।
द्वितीय चरण (25 सितम्बर 2026): मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखण्ड और पूर्वोत्तर राज्य।
तृतीय चरण (03 अक्टूबर 2026): महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और दक्षिण प्रांत।
विदिशा जिले में व्यापक स्तर पर चल रही हैं तैयारियां
विदिशा जिला संयोजक भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा
श्रीमती रश्मि पोरवाल ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार की श्रद्धेय शैलबाला पण्ड्या द्वारा जारी निर्देशों के तहत इस वर्ष परीक्षा की गरिमा और सुचारू संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश के सभी जिलों सहित विदिशा में भी यह परीक्षा 25 सितंबर 2026 को एक ही समय (Simultaneous Time) पर आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर स्कूल-कॉलेजों से संपर्क करने और छात्र-छात्राओं को इस अभियान से जोड़ने की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई हैं। राज्य शासन से आवश्यक अनुमतियां और प्रशासनिक व्यवस्थाएं जुटाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।
विचार क्रांति और संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण ही मुख्य लक्ष्य
पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की जन्मशताब्दी के पावन संदेशों और उनकी “विचार क्रांति” को जन-जन तक पहुँचाने में यह परीक्षा एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। आज के आधुनिक युग में छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ अपने गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों के जीवन चरित्र और मानवीय मर्यादाओं का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के सभी पदाधिकारी ने विदिशा जिले के सभी शासकीय व अशासकीय महाविद्यालय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों और समाजसेवियों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रव्यापी चरित्र निर्माण अभियान में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस परीक्षा में सम्मिलित कराएं।













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