फिरोजाबाद ,नगर निगम के जीआईएस बेस सर्वे के आधार पर गलत टैक्स वसूली से जनता परेशान
–सौली भईयाजी आईएस बेस सर्वे के आधार पर टैक्स वसूली की कार्रवाई को रद्द करे नगर निगम -सौली भईया*
पिछले 10 वर्ष में 5 गुना से ज्यादा टैक्स दे रही फिरोजाबाद की जनता पर जीआईएस बेस सर्वे के आधार पर टैक्स का और बोझ डाल रहा नगर निगम*
सरकारी ठेके कब्जाने में मस्त,जनता अपनी समस्याओं को लेकर त्रस्त- सौली भईया
नगर निगम के उत्पीड़न के शिकार बुजुर्ग श्री राम सिंह एवं श्री हरिओम उपाध्याय ने बसपा के पूर्व प्रत्याशी सतेन्द्र जैन सौली से मुलाकात कर अपनी व्यथा बताई, वह साथ में मिठाई का डिब्बा भी ले गए ,फोटो में दिख रहा है
पीड़ित राम सिंह ने बताया कि उनका 672 फुट का साठ फुटा रोड पर मकान है जिसमे एक सौ दस फुट दूसरी मंजिल बनी है जिसका बैनामा भी है किंतु नगर निगम के जीआईएस बेस सर्वे में मेरे मकान को 2000 फुट दिखाकर 4992 रुपए का नोटिस भेज दिया है जिसे लेकर में नगर निगम के चक्कर लगा रहा हूं परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही
पीड़ित हरिओम उपाध्याय ने बताया कि साठ फुटा रोड पर उनका1445 फुट का एक मंजिल मकान है जो पूरा बना भी नहीं है किंतु नगर निगम ने जीआईएस बेस सर्वे में 3000 फुट का मकान दिखाकर 14124 का नोटिस भेज दिया है नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं किंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है उन्होंने बताया कि 2014 में वह ₹600 का टैक्स देते थे उसके बाद से 5 गुना ज्यादा 3049 का टैक्स दे रहे है उसके बावजूद भी यह नोटिस भेज दिया है
इस मौके पर बसपा के पूर्व प्रत्याशी सामाजिक कार्यकर्ता सतेन्द्र जैन सौली ने कहा कि नगर निगम द्वारा जीआईएस बेस सर्वे के आधार पर भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे है किंतु जीआईएस बेस सर्वे की रिपोर्ट मे गलत नाप टोल दर्शाकर नोटिस भेज कर वसूली की जा रही है जो कि गलत है जीआईएस बेस सर्वे की कोई प्रमाणिकता भी नहीं है जनता परेशान है भ्रष्टाचार बढ़ रहा है 2014 के बाद से भवन स्वामी लगभग पांच गुना ज्यादा टैक्स दे रहे हैं यानी 10 साल में 5 गुना टैक्स बढ़ाकर देने के बावजूद भी जनता को परेशान किया जा रहा है
बाहर खड़े हमारे संवाददाता ने लोगो से पूछा , टैक्स के बारे में अब 2014 से पहले के बारे में
एक नागरिक ने बताया ,पहले वाली 2014 से पहले वाली टैक्स मांगती नही थी ,इसलिए 20 साल से भी ज्यादा लोगो पर टैक्स बकाया है आज यह सरकार मांग रही है तो बुरी लग रही है , आज नगर निगम के अधिकारी ऑफिस में न बैठकर , शहर के विकास के लिए टैक्स वसूल कर रही है ज्यादा कम तो क्षेत्र के हिसाब से , मकान के हिसाब से है
नेता तो फोटो खिंचवाने के लिए आते है
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