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भीलवाड़ा-कटते पेड़ और अवैध आरा मशीनें–वन विभाग अधिकारियों की अनदेखी

सत्यार्थ न्यूज़ भीलवाड़ा

रिपोर्टर अब्दुल सलाम रंगरेज

कटते पेड़ और अवैध आरा मशीनें–वन विभाग अधिकारियों की अनदेखी

लगातार बढ़ती गर्मी से इस वर्ष आम जनता में त्राहि त्राहि मची हुई है। इसका कारण है लगातार पेड़ों की कटाई और जिम्मेदार लोगों की अनदेखी। भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ वन क्षेत्र में कुछ समय से अवैध पेड़ों की कटाई जारी है और आसपास के क्षेत्र में कई अवैध आरा मशीन चल रही है। 2साल पूर्व इन अवैध आरा मशीनों पर कार्रवाई की गई थी लेकिन वन विभाग की अनदेखी के चलते इस समय हौसले बुलंद है। मांडलगढ़ वन विभाग में दो रेंजरो को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने के बाद भी अवैध पेड़ की कटाई और आरा मशीनों पर कोई कार्रवाई नहीं करना संदेहास्पद लगने लगा है।
मांडलगढ़ वन क्षेत्र में दो रेंजर दो सरकारी वाहन और पर्याप्त स्टाफ लगा हुआ है। एक तरफ राज्य सरकार पेड़ों की कटाई पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना मिली भगत को दर्शाता है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वन क्षेत्र से जंगल समाप्त हो जाएंगे और पर्यावरण बचाने के लिए नारों के अलावा और कुछ नहीं बचेगा। लगातार बढ़ती गर्मी से सभी लोगों ने यही कहा कि पर्यावरण को बचाना है और प्रत्येक परिवार के लोगों को एक-एक पेड़ लगाना है। पेड़ हर वर्ष लगाए जाते हैं लेकिन बड़े पेड़ यदि इसी तरह कटते रहे तो जंगल खत्म हो जाएंगे। इसमें वन विभाग के कर्मचारी भी दोषी हैं जो समय पर कार्रवाई नहीं करते और अवैध लकड़ी काटने वालों के हौसले बढ़ते हैं। लोकसभा चुनाव और आचार संहिता के चलते क्षेत्र में अवैध लकड़ी की कटाई ,गारनेट व्यवसाय और बीगोद त्रिवेणी बनास नदी के क्षेत्र से रेत माफिया का धंधा फल फूल रहा है।

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