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मथुरा : सिर्फ उनसे वही पीड़ित हैं जिनके विरूद्ध हुई है कार्यवाही- सुनील दत्त

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रिपोटर गोपाल चतुर्वेदी/मथुरा , उत्तर प्रदेश 

 

• सिर्फ उनसे वही पीड़ित हैं जिनके विरूद्ध हुई है कार्यवाही- सुनील दत्त

satyarath.com• कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को किया खत्म

• कार्यालय के दो लिपिकों की सेवाए की समाप्त

• स्कूलों में शिक्षकों की कराई शतप्रतिशत उपस्थिति

• पढाई का स्तर सुधारने का चल रहा है प्रयास

मथुरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने दस माह के कार्यकाल का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। साथ ही उनके द्वारा बीएसए कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए दो कर्मचारियों के विरूद्ध हटाने की कार्रवाई की गई। स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कार्रवाई की गई।उन्होंने बताया कि एक संविदा लिपिक को संविदा का नवीनी करण न किया जाना, दलाली करना, शिक्षक भर्ती में शिक्षकों से सांठगांठ करके नियुक्ति कराने, कार्यालय के अभिलेखों को गायब करना के आरोप में सीडीओ व डीएम के निर्देश पर उसकी संविदा का नवीनीकरण नहीं किया गया। इसके विरूद्ध पुलिस में एफआईआर भी की गई है। एक जिला सन्वयक सामुदायिक सन्वयक के द्वारा नियम विरूद्ध कार्य कराने के लिए दबाव बनाने के कारण सीडीओ के आदेश पर उसको सभी कार्यों से हटा दिया गया है।ये सभी लोग जनपद में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति में शामिल रहे थे। अभी 32 फर्जी शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई प्रस्तावित है, उसमें ये उनके ऊपंर दबाव बना रहे थे। जबकि 15 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई, 42 शिक्षकों की जांच अभी विश्व विद्यालय से होकर नहीं आई है। उनके विरूद्ध भी कार्रवाई होगी। साथ ही कार्यालय में दलालों का प्रवेश बंद कर दिया गया। इस कारण अब ये लोग उनके विरूद्ध झूंठी शिकायतें कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में जनपद कई योजनाओं में प्रदेश के बाटम 10 में से निकलकर प्रथम 10 स्थानों पर पहुंचा। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्यवाही की वहीं स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की बढ़या। विद्यालयों में शिक्षा का स्तर को सुधारने के लिए लगातार कार्यवाही की जा रही है।श्री दत्त ने बताया कि उन्होंने स्कूलों का थर्ड पार्टी सर्वे कराके के शिक्षा का1200 विद्यालयों का सर्वे किया गया। जिसमें जिसमें प्रदेश में छटवां स्थान प्राप्त किया। कई योजनाओं में चौथे स्थान पर है। शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए महिने में दो रविवार डाइट पर समस्याए सुनी जा रही है। उनका शीघ्र निस्तारण किया जा रहा है। इससे अब कोई शिक्षक बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाते हुए नहीं देखा जा सकता है। स्कूल ना जाने वाले सैकड़ों शिक्षकों के विरूद्ध निलम्बन की कार्रवाई की गई। ऐसे ही लोग उनसे अब परेशान है। जो शिक्षक वास्तव में स्कूल जाकर बच्चों को पढा रहे हैं वे सभी खुश हैं।

11 लाख किताबों का किया वितरण यूनिक समय, मथुरा। बीएसए सुनील दत्त ने बताया कि 11 लाख किताबों का वितरण जनपद के सभी 1536 विद्यालयों में किया गया है। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, डीआईओएस से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अप्रैल में किताबें छात्रों को पहुंच गई। यह पहली बार हुआ है।

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