मरवाही में पेट्रोल पंप पर ‘जबरन’ महंगा तेल: नॉर्मल पेट्रोल गायब, हाई स्पीड भरने को मजबूर ग्राहक, BPCL कंपनी और पंप संचालक पर उठे कई सवाल,

सूरज यादव,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।मरवाही स्थित बीपीसीएल के नागेश्वरी पेट्रोल पंप पर पिछले कई दिनों से नॉर्मल पेट्रोल की किल्लत बनी हुई है। इसका सीधा खामियाजा दुपहिया और अन्य पेट्रोल वाहनों के मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध न होने के कारण ग्राहकों को मजबूरी में महंगा हाई स्पीड पेट्रोल भरवाना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इस पूरे मामले पर जब पंप के संचालन मैनेजर जय सोनी से बात की गई तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। मैनेजर सोनी ने बताया कि कंपनी द्वारा उन्हें नॉर्मल पेट्रोल की सप्लाई ही नहीं दी जा रही है। उनके मुताबिक करीब बारह से पंद्रह दिन पहले नॉर्मल पेट्रोल का केवल चार हजार लीटर का एक लोड मिला था, जिसे वे राशनिंग करके धीरे-धीरे ग्राहकों को दे रहे थे। वहीं दूसरी ओर हाई स्पीड पेट्रोल की सप्लाई बीपीसीएल द्वारा लगातार और मांग के अनुसार अनवरत की जा रही है।
मैनेजर ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि नॉर्मल पेट्रोल न होने के कारण आए दिन ग्राहकों से उनका विवाद हो जाता है। ग्राहक महंगा तेल भरवाने को तैयार नहीं होते और हंगामा करते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कंपनी के सामने कई बार नॉर्मल पेट्रोल की मांग रखी गई, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इस पूरे खेल के पीछे की एक बड़ी वजह भी सामने आई है। पेट्रोलियम सेक्टर के कुछ जानकारों की मानें तो हाई स्पीड पेट्रोल पर पंप मालिकों को नॉर्मल पेट्रोल की तुलना में ज्यादा कमीशन मिलता है। ज्यादा मुनाफे के लालच में ही कंपनी और पंप मालिक दोनों की पहली पसंद हाई स्पीड पेट्रोल बेचना हो जाती है। इसका नुकसान सीधे तौर पर आम जनता को उठाना पड़ रहा है, जो अपने अधिकारों से अनजान है। ज्यादातर लोग शिकायत के झंझट में पड़ने से बचने के लिए चुपचाप जेब कटवाकर निकल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि पंप मालिकों की तो चांदी हो जाती है, लेकिन एक-एक रुपये का हिसाब रखने वाले आम आदमी की कोई सुध लेने वाला नहीं है।

इस गंभीर समस्या पर कंपनी का पक्ष जानने के लिए जब बीपीसीएल की सेल्स अधिकारी कृतिका देवांगन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, जिनका नाम और नंबर पंप के सूचना पटल पर दर्ज है, तो उनके मोबाइल पर घंटी तो गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी का फोन न उठाना भी कई सवाल खड़े करता है।
फिलहाल मरवाही में नॉर्मल पेट्रोल की किल्लत से लोग परेशान हैं। सवाल यह है कि जब सरकार एक रेट तय करती है तो कंपनी जानबूझकर सस्ता पेट्रोल सप्लाई क्यों नहीं कर रही? क्या यह ग्राहकों के साथ धोखा नहीं है? प्रशासन और खाद्य विभाग को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए, ताकि आम जनता को लूट से बचाया जा सके।

















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