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सोनभद्र -*अलग पूर्वांचल राज्य बनने से पूर्वांचल की संस्कृति व भाषा से पहचान मिलेगी और पलायन रुकेगा*– *पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा*

*अलग पूर्वांचल राज्य बनने से पूर्वांचल की संस्कृति व भाषा से पहचान मिलेगी और पलायन रुकेगा*– *पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा*

 

सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र 14 मार्च 2026 अलग पूर्वाचल राज्य की मांग कर रहे संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के महासचिव अधिवक्ता पवन कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अलग पूर्वांचल राज्य की मांग रोचक विषय है जिस पर अक्सर चर्चा होती रहती है, आइए प्रत्येक बिंदु को थोड़ा और विस्तार से समझते हैं कि आखिर अलग पूर्वांचल राज्य बनने से यह लाभ कैसे प्राप्त हो सकते हैं,

एक अलग राज्य बनने से सरकार जनता के और करीब आ जाएगी, जिससे प्रशासनिक निर्णय लेने में तेजी आएगी, वर्तमान में, उत्तर प्रदेश का बड़ा आकार प्रशासनिक कार्यों के लिए एक बड़ी चुनौती है, छोटे राज्य बनने से प्रशासनिक तंत्र को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है, यह जनता को बेहतर और त्वरित सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा, जिससे प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी,

राज्य सरकार पूर्वांचल क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों को बेहतर ढंग से समझ सकेगी और तदनुसार विकास योजनाओं को डिजाइन और कार्यान्वित कर सकेगी, इससे विकास की गति बढ़ेगी और पिछड़े क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी, जब विकास योजनाओं का कार्यान्वयन प्रभावी ढंग से होता है, तो नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैंतथा पलायन रुकेगा, राज्य में कृषि, उद्योग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों का विकास करने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे,

एक नए राज्य के रूप में पूर्वांचल अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटा सकेगा, इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और राज्य के लोगों को बेहतर जीवन मिलेगा,राज्य अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं और संसाधनों के आधार पर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार कर सकेगा, पूर्वांचल में प्राकृतिक संसाधन जैसे कोयला, चूना पत्थर, बॉक्साइट, एल्युमिनियम और अन्य खनिज पर्याप्त मात्रा में हैं, एक अलग राज्य के रूप में पूर्वांचल इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करके विकास के पथ पर अग्रसर हो सकेगा !

उपरोक्त बिंदुओं के अलावा, एक अलग राज्य बनने से पूर्वांचल की संस्कृति, भाषा, और पहचान को बढ़ावा मिलेगा, यह क्षेत्र के लोगों के बीच एकजुटता और गौरव की भावना पैदा करेगा, यही पूर्वांचल राज्य की मांग उत्तर प्रदेश का पूर्वी भाग को काटकर एक अलग पूर्वाचल राज्य की मान्यता दी जाए ?

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