छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़, 5 से 6 एकड़ में लगी फसल जब्त, पुलिस ने की छापामार बड़ी कार्रवाई,
दो जमीन मालिकों की पहचान, NDPS एक्ट के तहत होगी प्रशासनिक कार्रवाई, घोसरा गांव का हैं पूरा मामला।

सूरज यादव, रायपुर/गौरेला पेंड्रा मरवाही। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत त्रिपुरी के घोसरा गांव में पुलिस और प्रशासन की टीम ने दबिश देकर करीब 5 से 6 एकड़ में लगी अफीम की फसल पकड़ी है। मामले के सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, घोसरा गांव के चुहिदह नामक स्थान पर लंबे समय से अवैध तरीके से अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिल रही थी। सूचना के आधार पर कुसमी पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेतों में जांच की, जहां बड़ी संख्या में अफीम के पौधे पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुसमी एसडीएम सहित पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जमीन मालिकों की पहचान की है। बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, उसके मालिक रुकदेव भगत और कवसल भगत बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जमीन किसी बाहरी व्यक्ति को उपयोग के लिए दी गई थी और उसी के माध्यम से अवैध अफीम की खेती कराई जा रही थी।

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर जांच में जुटी हुई है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।

















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