अंकुर कुमार पाण्डेय
रिपोर्ट
सत्यार्थ न्यूज वाराणसी
वाराणसी – बनारस मे पुलिस की बर्बरता का एक औऱ मामला सामने आया जहा “अगर अधिवक्ता सुरक्षित नहीं… तो आमजन का क्या होगा?” बुरी तरह से अधिवक्ता शिवा प्रताप सिंह को पीटने का मामला सामने आया
वाराणसी – बनारस मे भेलूपुर थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता के साथ कथित पुलिस बर्बरता ने शहर को हिला दिया है। अधिवक्ता शिवा प्रताप सिंह और उनकी पत्नी शारदा सिंह ने आरोप लगाया कि लक्ष्मी जी के दर्शन कर लौटते समय रथयाना चौराहे पर भेलूपुर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। नो एंट्री के कारण बहस हुई और इसी दौरान दरोगा कन्हैया ने अधिवक्ता पर हमला कर दिया।गंभीर चोटें और इलाज जारी हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल बीएचयू ट्रामा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। शारदा सिंह ने भेलूपुर थाने में शिकायत दर्ज कर पुलिस कार्रवाई की मांग की है।
मामला दर्ज, जांच जारी
मामला तूल पकड़ता देख बैकफुट पर आयी पुलिस ने लीपापोती शुरू कर दी। पहले तो पारिवारिक विवाद बता कर कन्नी काटी। फिर मामूली विवाद में चोटिल होने की कहानी रखी। अति प्रतिष्ठित परिवार के सीधे व्यक्ति के साथ हुई घटना वायरल होने लगी तब जाकर आला अधिकारी चेते।ट्रामा सेंटर में एसीपी को भेज कर अधिवक्ताओं को समझने की कोशिश की गई जिसके बाद रपट दर्ज की गई।पुलिस ने धारा 352, 115(2), 109(1) और 324(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसीपी भेलूपुर ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिवक्ता समाज में गुस्सा
इस घटना से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश है। बड़ी संख्या में वकील बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचकर पीड़ित अधिवक्ता के समर्थन में खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि “जब अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आमजन का क्या होगा?”
पुलिस की इस तरह के कार्यवाही औऱ लापरवाही को देखते हुवे तमाम सवाल खड़े होते हैं क्या वाराणसी में पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित होगी?क्या आम जनता की सुरक्षा गारंटी के दायरे में आएगी?
















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