मुक्ति धामों को लेकर लहार में तीन दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन, जनपद सीईओ के आश्वासन पर हुआ खत्म
समय पर काम न हुआ तो 30 सितंबर से जनपद कार्यालय में डालेंगे ताला:–वीरू धनोलिया
पत्रकार मंगल सिंह कुशवाह

लहार।
ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मुक्ति धाम से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनपद लहार मुख्यालय पर चल रहा तीन दिन से धरना प्रदर्शन शुक्रवार को समाप्त हो गया। धरना स्थल पर पहुंचेकर जनपद सीईओ विकास धुर्वे ने ग्रामीणों को आठ दिन के भीतर ठोस कार्यवाही का वीडियो आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अस्थायी रूप से धरना खत्म करने की घोषणा की।
धरना का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता वीरू धनोलिया ने बताया कि ग्राम काथा समेत क्षेत्र के कई गांवों में मुक्ति धाम की स्थिति बदहाल है। रास्तों का अभाव, बाउंड्रीवाल और टीनशेड न होने से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार जैसे धार्मिक व सामाजिक कार्यों में गहरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने 10 सितम्बर को धरना शुरू किया था।
धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन स्थिति तब बिगड़ गई जब ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का ऐलान कर दिया। इससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। पुतला दहन की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने शुक्रवार सुबह ही पहल की और जनपद सीईओ विकास धुर्वे धरना स्थल पर पहुंचे।
सीईओ विकास धुर्वे ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि ग्राम काथा में मुक्ति धाम तक जाने वाले मुख्य रास्ते का सीमांकन कर आठ दिन के भीतर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा । इसके बाद बाउंड्रीवाल और टीनशेड का निर्माण भी कराया जाएगा। साथ ही क्षेत्र के अन्य गांवों में स्थित मुक्ति धामों की समस्याओं का सर्वे कर एक माह के भीतर वहां भी कार्यवाही शुरू की जाएगी। सीईओ ने कहा कि आश्वासन का वीडियो रिकॉर्ड भी ग्रामीण बना सकते हैं, ताकि बाद में किसी प्रकार का संदेह न रहे।
धरना का नेतृत्व कर रहे वीरू धनोलिया ने कहा कि यदि प्रशासन अपने वादे पर खरा नहीं उतरा और निर्धारित समय में कार्य शुरू नहीं हुआ, तो 30 सितंबर से ग्रामीण जनपद कार्यालय में ताला डालने का काम करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
आगे कहा कि धरना समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि इस बार प्रशासन अपना वादा पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि मुक्ति धाम जैसे बुनियादी और संवेदनशील मुद्दों पर अब और लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। क्षेत्र के सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे ग्रामीण स्तर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा। धरना प्रदर्शन में जितेंद्र बघेल, कृष्णननारायण कुशवाह, चतुर सिंह, आशीष, आकाश, विकाश, मोंटी, आदित्य, प्रशांत जारोलिया,सतीश निराला,रामू कुशवाह, हरबिलास,मल्लू, मंशाराम,हरिराम, रामवती,फूलन देवी,पार्वती,सुनील,पवन,राजेंद्र , सुनील,सर्वेश,अमर सिंह नरवरिया,नरेश सिंह,महेन्द्र सिंह,हितेंद्र सिंह,हरिमोहन,हरी सिंह,देवेंद्र सिंह,कमल,हरिशचन्द्र,विक्रम,राजवीर,महेन्द्र ,अंकुश,गंगाराम पटेल,मोहित कुमार,अजीत,अंकित,सोनू कुमार,दिनश दोहरे,सुनील,अजय अचल,पन्ना,दुजू,माताप्रसाद,नारायण दास,धर्मवीर,हरिमोहन,धर्मवीर,हिरा सिंह,पवन,नितेश,रवि,देवेंद्र बुध्य,अरविन्द,जागराम,मुरारी,सुगर सिंह,प्रवेश,अवदेश,अंशुल,अमन,रामोतार,लाल सिंह,डॉ पंकज दोहरे,राकेश,चतुर सिंह,सतीश,वीरेंद्र,काल्लेराम,वीरेंद्र नगर,कवि वर्मा,नीरू कुमार ।

















Leave a Reply