MP सरकार बताएगी श्रीकृष्ण माखनचोर नहीं थे:मथुरा में धर्माचार्य बोले- भगवान की लीला भाव पर आश्रित,
सत्यार्थ न्यूज़ ब्यूरो चीफ भोपाल मध्य प्रदेश प्रवीण कुमार दुबे 8839125553\

मध्य प्रदेश सरकार के इस अभियान को लेकर ब्रज के साधु संत और धर्माचार्य सहमत नहीं हैं। मथुरा में धर्माचार्यों ने कहा कि श्री मद्भागवत में भी माखन चोरी का प्रसंग है
भगवान श्री कृष्ण को ब्रजवासी माखन चोर भी कहते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार भगवान श्री कृष्ण के नाम से जुड़े माखन चोर के टैग को हटाने के लिए सामजिक चेतना अभियान चलाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार के इस अभियान को लेकर ब्रज के साधु संत और धर्माचार्य सहमत नहीं हैं। मथुरा में धर्माचार्यों ने कहा- श्रीमद्भागवत में भी माखन चोरी का प्रसंग है। धर्माचार्यों ने कहा कि अगर मध्य प्रदेश सरकार कहती है कि माखन चोर शब्द गलत है तो भागवत जी का पूरा प्रसंग जो माखन चोरी का है वह झूठा साबित हो जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार को करना पड़ेगा राधे-राधे तब आएगी बात समझ में
धर्माचार्य और भागवत प्रवक्ता आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि उन्हें आश्चर्य होता है भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने को राष्ट्र धर्म और राम राज्य की सरकार वाले बताते हैं।
दूसरा मोहन यादव मोहन भी हैं और यदुवंशी भी हैं। वह अपने को कृष्ण भक्त और उनका वंशज बताते हैं। उसके बावजूद भी सरकार को भगवान की लीला समझ नहीं आती है। उनको लगता है कभी किसी को आभाव होता है तब वह व्यक्ति किसी से मांगता है या चुराने जाता है। ब्रज की लीला अभाव पर नहीं भाव पर आश्रित है।
सरकार को जपना होगा राधे-राधे
आचार्य मृदुल कांत शास्त्री कहते हैं कि भगवान को लीला करनी है उनको प्रसाद नहीं पाना प्रसाद तो दुनिया में पाते हैं लेकिन चोरी ब्रज में की है। क्योंकि ब्रज का भाव, ब्रज का प्रेम अद्भुत है। उन्होंने कहा ब्रज की लीला जल्द किसी के समझ नहीं आती।
आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्य प्रदेश सरकार को राधे राधे जप करना पड़ेगा तब बात समझ में आएगी। जब तक ब्रज भाव आश्रित नहीं होंगे तब यही दशा होगी। मध्य प्रदेश सरकार को भगवत जी को झूठा साबित कर देना चाहिए क्योंकि भागवत जी में पूरा प्रसंग है माखन चोरी का।
आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा- मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्य प्रदेश सरकार को राधे-राधे जप करना पड़ेगा, तब बात समझ में आएगी
माखन चोर हटा देंगे तो सारे श्लोक ही बेकार हो जाएंगे
भागवत प्रवक्ता मनोज मोहन शास्त्री कहते हैं कि मध्य प्रदेश शासन भगवान श्री कृष्ण के माखन चोर नाम को हटाने पर विचार कर रहा है इस पर कोई भी धर्माचार्य सहमत नहीं होगा। क्योंकि अगर आप माखन चोर हटा देंगे तो सारे श्लोक ही बेकार हो जायेंगे।
अष्ट छाप के कवियों के पद बेकार हो जायेंगे अष्ट छाप के कवियों और वैष्णवों की भावना माखन चोर का अर्थ समझने की जरूरत है और वह नेता नहीं धर्माचार्यों के लिए छोड़िए। माखनचोर शब्द का अभिप्राय यह है कि प्रेम को चुराने वाला,सात्विक भाव को चुराने वाला। सात्विक भाव, राजस्व भाव और तामस भाव जब तीनों का समापन हो जाता है तभी मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए बोलिये माखन चोर की जय बोलनी पड़ेगी।
मनोज मोहन शास्त्री ने कहा- सात्विक भाव,राजस्व भाव और तामस भाव जब तीनों का समापन हो जाता है तभी मोक्ष की प्राप्ति होती है
मनोज मोहन शास्त्री ने कहा- सात्विक भाव,राजस्व भाव और तामस भाव जब तीनों का समापन हो जाता है तभी मोक्ष की प्राप्ति होती है
सनातन धर्म के हरास की योजना
बांके बिहारी जी मंदिर के सेवायत आनंद बल्लभ गोस्वामी बताते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार ने जो योजना बनाई है वह सनातन धर्म का हरास करने की योजना है। भाजपा सरकार सनातन धर्म की सरकार कही जाती है लेकिन कैसा हास्यास्पद निर्णय लिया है। आनंद बल्लभ गोस्वामी कहते हैं कि उनको लगता है कि इन्होंने कुछ और ही सोच रखा है।
हमारे बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन लड्डू रखा जाता है सुबह वह खाया हुआ मिलता है। यह भक्तों का भाव है कि ठाकुर जी चोरी करके खाते है। आप यह भी समझिए भगवान ने माखन चोरी क्यों की। भक्तों का भाव है संत हृदय नवनीत समाना। भक्तों का ह्रदय है नवनीत। भगवान नवनीत की चोरी करते हैं यानि माखन चोरी एक प्रतीक लीला है। ऐसे तो चीयर हरण लीला झूठी हो गयी।
बांके बिहारी जी मंदिर के सेवायत आनंद बल्लभ गोस्वामी ने कहा- मध्य प्रदेश सरकार ने जो योजना बनाई है वह सनातन धर्म का हरास करने की योजना है
बांके बिहारी जी मंदिर के सेवायत आनंद बल्लभ गोस्वामी ने कहा- मध्य प्रदेश सरकार ने जो योजना बनाई है वह सनातन धर्म का हरास करने की योजना है
विशेष व्यक्ति द्वारा कही बात को दी जाती है महत्ता
विद्वान विनय त्रिपाठी कहते हैं कि विषय यह नहीं कि भगवान को माखन चोर कहा जाता है। विषय यह है कि भगवान को माखन चोर कह कौन रहा है। यह बात हमारे आपके मुंह से कही गई बात नहीं है। यह अनंत काल से चली आ रही परंपरा जो श्रीमद्भागवत है, उसके अंतर्गत भगवान ने जो माखन चोरी की लीला की है उसके कारण भगवान का नाम माखन चोर पड़ा है।
बात यहां यह है कि कह कौन रहा है कोई आमजन कह रहा है या विशेष व्यक्ति द्वारा कही गयी है। बात का वजन जब ज्यादा हो जाता है जब किसी विशेष व्यक्ति द्वारा कही जाती है। चूंकि यह ग्रन्थ की बात है परंपरा की बात है इसलिए इसमें ज्यादा विरोध करने की आवश्यकता नहीं है।
















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