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मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र से तीन युवतियों के एकसाथ गुम होने का राजफ़ाश, इंदौर और खंडवा से दस्तयाब

मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र से तीन युवतियों के एकसाथ गुम होने का राजफ़ाश, इंदौर और खंडवा से दस्तयाब

(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)।

जिले के मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र से एक साथ तीन युवतियों के अचानक गुम होने की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अथक प्रयासों के बाद इंदौर और खंडवा से तीनों को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के निर्देशन और एसआईटी टीम के प्रयासों से संभव हो सकी। दरअसल 20 जुलाई 2025 को मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र से एक 20 वर्षीय और दो 21 वर्षीय युवतियां अचानक घर से बिना बताए कहीं चली गईं। परिजनों ने उसी दिन थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए क्रमांक 34/2025, 35/2025 और 36/2025 पर गुम इंसान दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी अंकित सोनी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। इस टीम में निरीक्षक ओपी आर्य, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह चौहान, आरक्षक गजेंद्र और आरक्षक जशवंत को शामिल किया गया। उन्हें गुमशुदा युवतियों की दस्तयाबी का जिम्मा सौंपा गया।
सामने आया संदीप सौंधिया का नाम
जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि सोनखेड़ी गांव का युवक संदीप सौंधिया भी उसी दिन से गायब है। मुखबिरों से जानकारी लेने पर पता चला कि उसकी बातचीत गुमशुदा युवतियों में से एक से होती थी। शक गहराया तो पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें संदीप तीनों युवतियों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाता हुआ दिखाई दिया।
तलाश शुरू, कई जिलों में भेजी गईं टीमें
संदेह पुख्ता होने पर पुलिस की अलग-अलग टीमें व्यावरा, शाजापुर, सारंगपुर, उज्जैन और इंदौर भेजी गईं। तकनीकी साधनों और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। इस बीच सूचना मिली कि दो युवतियां इंदौर में संदीप के दोस्त आशीष मीना के घर पर पहुंची हैं।
इंदौर से पकड़ी गईं दो युवतियां
पुलिस की एक टीम पहले से इंदौर में कैंप किए हुए थी। टीम ने आशीष मीना के घर के पास निगरानी की। जैसे ही दोनों युवतियां वहां पहुंचीं, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनकी तीसरी सहेली खंडवा में है।
खंडवा से दस्तयाब हुई तीसरी युवती
जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत खंडवा रवाना हुई। वहां बताए गए स्थान से तीसरी युवती भी दस्तयाब कर ली गई। इस तरह पुलिस ने तीनों को सुरक्षित बरामद करने में बड़ी सफलता पाई।
लड़कियों ने बताई अपनी आपबीती
प्रारंभिक पूछताछ में एक युवती ने बताया कि वह पिछले दो साल से संदीप सौंधिया को जानती थी और उसके साथ कोचिंग में पढ़ती थी। कुछ व्यक्तिगत कारणों से उसने घर से भागने का प्लान बनाया। उसने अपनी दोनों सहेलियों को भी बताया, जिन्होंने साथ चलने का फैसला किया। इसके बाद तीनों ने संदीप से संपर्क किया। वह मोटरसाइकिल लेकर आया और तीनों को इंदौर ले गया। वहां आशीष मीना से मदद मांगी, लेकिन उसके परिवार ने ठहरने से मना कर दिया। तब वे रातभर मंदिर के पास रुक गए और अगले दिन उज्जैन चले गए।
उज्जैन से ओंकारेश्वर और फिर खंडवा
उज्जैन में तीन दिन कमरे में रहने के बाद युवतियों ने घर वालों को पत्र भेजा कि वे अकेले रहना चाहती हैं। पुलिस के पहुंचने की आशंका से उन्होंने कमरा खाली कर दिया और ओंकारेश्वर चली गईं। वहां होटल में रुकीं, लेकिन स्थायी ठिकाना न मिलने से खंडवा चली गईं। खंडवा में कुछ दिन लॉज में रहने के बाद उन्होंने किराए पर प्राइवेट कमरा लिया और एक होटल में नौकरी की तलाश शुरू की। इसी दौरान संदीप को घरवालों की चिंता सताने लगी। इस पर दो युवतियां बुर्का पहनकर इंदौर गईं और अपने पुराने परिचित से मिलने पहुंचीं। यहां पुलिस पहले से मौजूद थी, जिसने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। बाद में तीसरी युवती भी खंडवा से बरामद हो गई।
परिजनों ने लगाए थे आरोप
लड़कियों के घरवालों ने संदीप सौंधिया और अन्य युवकों पर उनकी बेटियों को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। मामला सामाजिक रूप लेने लगा था। इसी कारण पुलिस ने पूरी गंभीरता से जांच की और युवतियों को सुरक्षित बरामद किया।
एसडीएम के समक्ष पेशी और काउंसलिंग
बरामद युवतियों के बयान एसडीएम के समक्ष कराए गए। इसके बाद वन स्टॉप सेंटर द्वारा उनकी काउंसलिंग की गई। अब सुपुर्दगी की कार्रवाई उनके परिवारों को सौंपी जा रही है। इस कार्रवाई में मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, उपनिरीक्षक पंजाब सिंह गौड़, उपनिरीक्षक अंजली गुप्ता, उपनिरीक्षक बाबूलाल मीना, उपनिरीक्षक महेश सिकरवार, उपनिरीक्षक रवि भिलाला, सउनि अजय चौहान, प्रधान आरक्षक महेंद्र पाल सिंह, संदीप खटीक, पप्पू चंदेल, आरक्षक नीलेश रघुवंशी, अंकित, पुष्पेंद्र, शैलेंद्र, अजय, महेंद्र वर्मा, नीतेश खोड़े, रानू रघुवंशी, देव सिकरवार, विनीत मौर्य, रामनिवास, महिला आरक्षक हेमा चंदेल, जामनेर थाने से आरक्षक कुलदीप भदौरिया और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव एवं भूपेंद्र खटीक की उल्लेखनीय भूमिका रही। एसआईटी टीम में निरीक्षक ओपी आर्य, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह चौहान, आरक्षक गजेंद्र और आरक्षक जशवंत शामिल थे।।-(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)

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