कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव: 56,414 करोड़ के निवेश के लिए एमओयू साइन, औद्योगिक विकास की नई राह
हरिशंकर पाराशर सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता

कटनी।23 अगस्त 2025: मध्य प्रदेश ने औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कटनी में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में 56,414 करोड़ रुपये के निवेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किए गए हैं। इस कॉन्क्लेव ने राज्य को खनन और संबंधित उद्योगों के लिए निवेश का एक आकर्षक केंद्र साबित किया है।
मुख्यमंत्री का निवेशकों को भरोसा: “हम आपके साथ हैं”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में उपस्थित उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा, “मध्य प्रदेश आपके बड़े सपनों को हकीकत में बदलने का मंच है। आप निवेश करें, हम हर कदम पर आपके साथ हैं।” उन्होंने निवेशकों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए आश्वासन दिया कि मध्य प्रदेश सरकार नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सहायता के माध्यम से निवेशकों को हर संभव सुविधा प्रदान करेगी।

खनन क्षेत्र में नए अवसर, रोजगार और विकास को गति
इस कॉन्क्लेव में खनन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया। साइन किए गए एमओयू में खनन, खनिज प्रसंस्करण, और संबंधित उद्योगों में नवाचार और तकनीकी विकास पर जोर दिया गया है। इन निवेशों से न केवल मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश राज्य में सतत विकास को बढ़ावा देगा और खनन क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाने में मदद करेगा।
मध्य प्रदेश: प्राकृतिक संपदा का केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और खनिज भंडारों की प्रचुरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारी धरती खनिजों का खजाना है। इसे सही दिशा में उपयोग करके हम न केवल राज्य बल्कि देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे मध्य प्रदेश को अपने निवेश का केंद्र बनाएं और राज्य की प्राकृतिक संपदा का उपयोग टिकाऊ और जिम्मेदार तरीके से करें।
*कॉन्क्लेव की प्रमुख विशेषताएं

निवेश राशि: 56,414 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए।*
क्षेत्र: खनन, खनिज प्रसंस्करण, और संबद्ध उद्योग।
प्रमुख कंपनियां: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई।
लक्ष्य: रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार, और सतत विकास।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता
मध्य प्रदेश सरकार ने इस कॉन्क्लेव के माध्यम से निवेशकों के बीच विश्वास पैदा करने में सफलता हासिल की है। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, लाइसेंसिंग में पारदर्शिता, और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कई नीतिगत सुधार किए हैं। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे के विकास, जैसे सड़क, बिजली, और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
आगे की राह
यह कॉन्क्लेव मध्य प्रदेश को औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन निवेशों से राज्य में आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। खनन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी प्रगति से मध्य प्रदेश न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करेगा।

















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