सत्यार्थ न्यूज़ ब्यूरो चीफ भोपाल मध्य प्रदेश प्रवीण कुमार दुबे 8839125553
‘मछली’ फैमिली की सवा सौ करोड़ की प्रॉपर्टी जमींदोज:23 दिन में सरकार के दो बड़े एक्शन; ड्रग तस्करी और रेप-ब्लैकमेलिंग का आरोप है
ड्रग तस्करी के आरोप और फिर रेप केस। इसके साथ ही भोपाल के ‘मछली’ परिवार के पतन की उल्टी गिनती शुरू हो गई। महज 23 दिन के भीतर मछली परिवार के 7 बड़े ठिकानों को मोहन सरकार ने बुलडोजर एक्शन लेकर जमींदोज कर दिया। ये सभी सरकारी जमीन पर बने थे।
कार्रवाई की यह स्क्रिप्ट इतनी खामोशी से लिखी गई कि जब अमला मौके पर पहुंचा तब पता चला कि क्या करना है। हथाईखेड़ा डैम के पास बनी तीन मंजिला आलीशान कोठी पर गुरुवार को एक साथ पोकलेन और 5 बुलडोजर चले। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक लगातार छह घंटे चली कार्रवाई में बिल्डिंग ढहा दी गई।
30 से ज्यादा कमरे और करीब 35 साल पुरानी जैसे कोठी जमींदोज हो गई। मछली परिवार ने 15 हजार स्क्वायर फीट सरकारी जमीन पर कोठी, गैराज, पार्क, पोर्च बना रखे थे। सिलसिलेवार जानते हैं कि आखिरी इतनी बड़ी कार्रवाई में कितने अवैध निर्माण तोड़े गए और उनकी सरकारी कीमत क्या है…?
सबसे पहले जानिए आज प्रशासन ने क्या एक्शन लिया…?
हथाईखेड़ा डैम और उससे सटी मछली परिवार की आलीशान कोठी। तालाब में इसी परिवार का मछली पालन का ठेका है। करीब 500 मीटर दूर ही तीन मंजिला आलीशान बिल्डिंग थी, जिसे 6 घंटे में ढहा दिया गया। कोठी की जड़ें इतनी मजबूत थीं कि एक-दो बार बुलडोजर ने काम करना ही बंद कर दिया। कर्मचारी भी थक गए, लेकिन फिर भी कार्रवाई जारी रही।
मछली परिवार की ये तीन मंजिला कोठी 1990 में बनाई गई थी।
30 जुलाई को बिल्डिंग तोड़ने का नोटिस दिया था हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया का कहना है कि 30 जुलाई को बिल्डिंग को तोड़ने के लिए नोटिस दिया गया था। 15 दिन में इसे तोड़ने की कार्रवाई की जानी थी, लेकिन त्योहारों के चलते व्यस्त रहे। इसलिए गुरुवार सुबह से कार्रवाई की, जो शाम तक चली।
करीब 25 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन पर बनी इमारत को ढहा दिया। बिल्डिंग का निर्माण साल 1990 में होना सामने आया है।
पहली कार्रवाई में 100 करोड़ के निर्माण तोड़े थे इससे पहले 30 जुलाई को कार्रवाई की गई। इस दौरान 6 अवैध निर्माण तोड़े गए थे, जो डैम किनारे पर ही बने थे। इनकी और सरकारी जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इस तरह दो कार्रवाई में सवा सौ करोड़ की जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।
30 जुलाई को इन 6 अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई थी।
सीएम ने कहा था- ड्रग माफिया को छोड़ेंगे नहीं सीएम डॉ. मोहन यादव ने दो दिन पहले कहा था, लव जिहाद हो या ड्रग्स माफिया, इस तरह के अपराधियों को हम छोड़ेंगे नहीं, नेस्तनाबूद कर देंगे।
6 तस्वीरों में देखिए मछली कोठी पर कैसे चला बुलडोजर?
बिल्डिंग का निर्माण साल 1990 में होना सामने आया है।
मछली परिवार की तीन मंजिला कोठी सरकारी जमीन पर बनी थी।
कोठी पर कार्रवाई शुरू होते ही यहां भीड़ जमा होने लगी थी।
6 जेसीबी और पोकलेन मशीन से कोठी को जमींदोज किया गया।
दोपहर 2 बजे तक कोठी का सामने वाला हिस्सा मशीनों ने जमींदोज कर दिया।
शाम करीब 4.30 बजे पूरी बिल्डिंग धराशायी कर दी गई।
रेप-ब्लैकमेलिंग केस में गिरफ्तारी, इसके बाद से कार्रवाई पिछले महीने जुलाई में भोपाल पुलिस ने कॉलेज छात्राओं से जुड़े रेप-ब्लैकमेलिंग केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद चाचा शारिक मछली भी पुलिस की गिरफ्त में आया। अभी दोनों जेल में है।
वहीं, शारिक मछली पर गाली-गलौच, हमला, दंगा भड़काने और साक्ष्य मिटाने जैसे आरोप है। आशु उर्फ शाहरुख चौथा आरोपी है। वह भी जेल में है।
घेराबंदी कर गिरफ्तार किए गए थे शाहवर और यासीन शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था। तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी। यासीन के मोबाइल में ऐसे वीडियो भी मिले थे, जिनमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता दिख रहा था।
मोबाइल में युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए थे। आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे। सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी।
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मछली परिवार की कोठी का ढहाया गया आगे वाला हिस्सा।

















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