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स्वरूपगंज रिको एरिया में नकली बायोडीजल फैक्ट्रियों पर केबिनेट मंत्री का एक्शन, तीन फैक्ट्री सीज, FIR के निर्देश

स्वरूपगंज रिको एरिया में नकली बायोडीजल फैक्ट्रियों पर केबिनेट मंत्री का एक्शन, तीन फैक्ट्री सीज, FIR के निर्देश

संवाददाता:- हर्षल रावल
सिरोही/राज.


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सिरोही। राजस्थान सरकार में कृषि, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री किरोड़ीलाल मीणा बुधवार को सिरोही जिले के स्वरूपगंज रिको एरिया में एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने यहां तीन अवैध बायोडीजल फैक्ट्रियों और दो फ्यूल पंपों पर औचक निरीक्षण कर नकली बायोडीजल कारोबार का खुलासा किया।
जांच के दौरान पता चला कि ये फैक्ट्रियां बिना लाइसेंस और गुणवत्ता प्रमाणन के नकली बायोडीजल तैयार कर बाजार में बेच रही थीं। इनमें टैक्स चोरी, पर्यावरण मानकों की अनदेखी और पेट्रोलियम पदार्थों के गलत उपयोग की पुष्टि हुई है। फैक्ट्री में करंज, ज्योट्रोफा या सूरजमुखी जैसे बीजों की स्थान प्रतिबंधित पेट्रोलियम उत्पादों से फ्यूल तैयार किया जा रहा था‌।

नकली बायोडीजल कारोबार का खुलासा:-
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को सभी दस्तावेज जब्त करने और फैक्ट्रियों को सीज करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रसद विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त जांच कर एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान एक ट्रक चालक ने मंत्री से शिकायत की कि नकली बायोडीजल भरने से उसका इंजन खराब हो गया। मंत्री ने विश्वास दिलाया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फैक्ट्रियों को सीज करने के निर्देश दिया गया:-
मंत्री किरोडी़लाल मीणा ने बताया कि राज्य में ऐसी कुल 12 इकाइयां हैं, जिनमें से 3 अकेले सिरोही में हैं। सरकार की मंशा थी कि बायोडीजल पर्यावरण के हित और सस्ती कीमतों पर फ्यूल के विकल्प के रूप में कार्य करे, लेकिन इस उद्देश्य को गलत तरीके से इसका उपयोग किया जा रहा है।

फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में अवैध बायोडीजल का जखीरा मिला, जो बिना लाइसेंस और गुणवत्ता प्रमाणन के तैयार कर बाजार में डीजल के नाम पर बेचा जा रहा था। मंत्री ने इसे राज्यभर में फैले एक बड़े घोटाले का भाग बताया है।
छापे में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री बिना टैक्स जमा किए बिक्री कर रही थी, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया। इसके साथ ही पर्यावरणीय मानकों की संपूर्ण प्रकार से अनदेखी की जा रही थी। फैक्ट्री के संचालन में आवश्यक दस्तावेज, लाइसेंस और प्रमाणपत्र नहीं पाए गए।
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने खुलासा किया कि फैक्ट्री से जुड़ा एक व्यक्ति अकेले 307 करोड़ रुपए का घोटाला कर चुका है। उन्होंने बताया कि इस रैकेट से राज्यभर में लगभग 12 और संस्थाएं भी जुड़ी हो सकती हैं। मंत्री ने अधिकारियों को सभी दस्तावेज जब्त कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
फैक्ट्री पर कार्रवाई के बाद उद्योग विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त जांच टीम गठित कर दी गई है। आने वाले दिनों में राज्यभर में इसी तरह की संदिग्ध फैक्ट्रियों पर भी छापेमारी की जाएगी। मंत्री मीणा ने कहा कि किसानों और आम लोगों के साथ किसी भी प्रकार का धोखा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटिया बायोडीजल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। हम लगातार ऐसी फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।
मंत्री ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधा और कहा कि डोटासरा जल्द ही पूरी तरह एक्सपोज होंगे। उनके खिलाफ कुछ सबूत एसओजी को सौंपे गए हैं। उन्होंने डोटासरा से जुड़े छह आरएएस अधिकारियों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि उनका काला चिट्ठा खोल दूं तो भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
मीणा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि 18 में से 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे। उनकी सरकार ने अब तक 56 थानाधिकारियों और आरपीएससी के दो सदस्यों को जेल भेजा है। कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में नकली बीज, खाद और कीटनाशकों ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दीं। किसान का खेत बंजर हो गया। यह सब कांग्रेस सरकार की लापरवाही का नतीजा है।

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