Advertisement

एसवीएसयू में स्किल से युवाओं का भविष्य बनाने का संकल्प’, कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने किया युवाओं को स्किल से जोड़ने का आह्वान, कहा यह विश्वविद्यालय क्षेत्र का सौभाग्य

एसवीएसयू में स्किल से युवाओं का भविष्य बनाने का संकल्प’, कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने किया युवाओं को स्किल से जोड़ने का आह्वान, कहा यह विश्वविद्यालय क्षेत्र का सौभाग्य

पलवल-01 जुलाई
कृष्ण कुमार छाबड़ा

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि यह विश्वविद्यालय स्किल से युवाओं का भविष्य बनाने का संकल्प है। इस विश्वविद्यालय में जर्मनी के मॉडल पर पढ़ाई होती है। देश के पहले कौशल विश्वविद्यालय ने जर्मनी मॉडल को अपनाते हुए इसे भारत के अनुकूल बनाया है। यहां टीचिंग-लर्निंग का सबसे सशक्त इकोसिस्टम विकसित हुआ है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार सोमवार को 20 गांवों के सरपंचों, पंचों और प्रतिनिधियों की सभा को संबोधित कर रहे थे। गांव से आए सरपंचों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय मॉडल को समझा और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में बनी एडवांस लैब का अवलोकन किया। लैब की कार्यप्रणाली देख सभी सरपंचों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के इस मॉडल की सराहना की।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि यह पलवल, फ़रीदाबाद ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का सौभाग्य है कि यह विश्वविद्यालय दुधौला गांव में स्थापित हुआ है। इस विश्वविद्यालय ने क्लासरूम और इंडस्ट्री को इस तरीके से आपस में जोड़ा है कि विद्यार्थी इंडस्ट्री में काम करने योग्य होकर ही निकलते हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कोर्स में रोज़गार के अवसर बहुत कम होते हैं, जबकि कौशल आधारित प्रोग्राम में रोज़गार लगभग तयशुदा होता है। कुशल लोगों की पूरी दुनिया में मांग है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के साथ प्रोग्राम जुड़े होने से विद्यार्थियों को डिग्री तो मिलती ही है, साथ ही उन्हें एक ऐसी स्किल भी मिलती है, जो सीधा उन्हें रोज़गार के साथ जोड़ती है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने सरपंचों और गांव के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वह अपने बच्चों को सही दिशा में लेकर जाएं और कौशल आधारित शिक्षा के साथ जोड़कर उन्हें स्वावलंबी और सशक्त बनाएं।


इससे पूर्व कुलसचिव प्रोफ़ेसर ज्योति राणा ने सभी सरपंचों और गांव से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कुशल विद्यार्थी दूसरों को भी रोज़गार दे सकते हैं और कौशल विश्वविद्यालय हरियाणा सरकार का एक अनूठा प्रयास है। विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में आकर अपना भविष्य संवार सकते हैं। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफ़ेसर सुरेश कुमार ने विश्वविद्यालय में चलाए जा रहे सभी प्रोग्राम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही प्रोग्राम और सही क्षेत्र का चयन विद्यार्थी का भविष्य सुनहरा बना सकता है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ कमाई का भी अवसर है। स्किल फैकल्टी ऑफ अप्लाइड साइंस एंड ह्यूमेनिटी के डीन प्रोफेसर आर एस राठौड़ ने कहा कि युवा अपनी पसंद और अपेक्षाओं के अनुसार विषयों का चयन करें। यदि क्षेत्र के युवा कुशल बनेंगे तो यह रोजगार और खुशहाली की दृष्टि से एक बड़ा क़दम होगा। इस अवसर पर डीन प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव, डीन प्रोफेसर ऋषिपाल ने भी अपने-अपने फैकल्टी के सभी प्रोग्राम की जानकारी सरपंचों और गाँव के प्रतिनिधियों को दी। इंडस्ट्री इंटीग्रेशन के उप निदेशक अमिष अमेय ने इंडस्ट्री की भागीदारी और डिप्टी ट्रेनिंग एन्ड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. विकास भदौरिया ने प्लेसमेंट की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए रोजगार के नए अवसरों से अवगत करवाया। सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के डायरेक्टर डॉ. मनी कंवर सिंह ने सभी सरपंचों और गाँव के प्रतिनिधियों को अत्याधुनिक लैब दिखाए और लैब की कार्यप्रणाली तथा मशीनों के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन्हीं लैब में स्किल हासिल कर युवा देश-दुनिया में अपना सिक्का क़ायम कर सकते हैं। डिप्टी डायरेक्टर एडमिशन, डॉ. रविंद्र सिंह ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर ऊषा बत्रा, उप कुलसचिव चंचल भारद्वाज, डॉ. सविता शर्मा, डॉ. पिंकी शर्मा और डॉ. प्रियंका गर्ग, डॉ. हरीश कुमार और डॉ. राजकुमार तेवतिया ने चर्चा के दौरान अलग-अलग प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी।
इस सभा में दुधौला गाँव के सरपंच सुनील कुमार, पृथला के सरपंच के प्रतिनिधि के रूप में मांगे राम कटारिया, धतीर के सरपंच दुष्यंत डागर, नगला भीखू के सरपंच केहर सिंह, अल्लिका के सरपंच सतबीर सिंह, लाड़िया के सरपंच दिनेश शर्मा, नांगल ब्राह्मण के सरपंच जितेंद्र, सरपंच राकेश कुमार, यादूपुर गांव के पूर्व सरपंच वीरेंद्र सिंह, कारना के पूर्व सरपंच हरिकृष्ण, डीपी वेदपाल सिंह व हरज्ञान नंबरदार सहित कई अन्य गांवों के सरपंच, पूर्व सरपंच, पंच एवं नंबरदार भी शामिल थे। सभी ने कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार के युवाओं को कौशल से जोड़ने के आह्वान का स्वागत किया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!