सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता ब्यूरो चीफ
फर्ज की ड्यूटी निभाते-निभाते चला गया एक सच्चा सिपाही: कांस्टेबल गंगाधर नहीं रहे” नापासर थाने में पसरा सन्नाटा साथी बोले: अभी तक यकीन नहीं हो रहा…
गत 26 जनवरी पर जिला मुख्यालय पर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित हुआ था,
कभी मुस्कुराता हुआ ड्यूटी पर खड़ा कांस्टेबल गंगाधर कड़वासरा अब सिर्फ यादों में रह गया। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस थाने में लंबे समय तक पदस्थापित रहने वाले एंव वर्तमान में नापासर थाने में पदस्थापित कांस्टेबल गंगाधर की ब्रेन हेमरेज के काऱण मृत्यु हो गई है। उनकी मौत की सूचना से नापासर थाने में गम का माहौल छा गया वहीं श्रीडूंगरगढ़ थाने में भी शोक की लहर छा गई है। नापासर थाना इस समय गहरे शोक में डूबा है। साथी पुलिसकर्मी स्तब्ध हैं, आंखें नम हैं क्योंकि उनके बीच का एक कर्मठ,युवा और मिलनसार साथी अब इस दुनिया में नहीं रहा।रविवार सुबह 5.30 बजे नापासर थाने में ड्यूटी के दौरान कांस्टेबल गंगाधर (उम्र 33) अचानक शौचालय के पास गिर पड़े। चेतना खो बैठे गंगाधर को तुरंत थानाधिकारी लक्ष्मण सुथार, एचएम गोकुलचंद मीणा और अन्य साथियों ने नापासर अस्पताल पहुंचाया, फिर हालत गंभीर होने पर बीकानेर ट्रॉमा सेंटर और वहां से जयपुर रेफर किया गया। रविवार की रात एवं उगते सोमवार सुबह एक बजे जयपुर में इलाज के दौरान गंगाधर ने अंतिम सांस ली। गंगाधर पुत्र पोकरराम जाट मूलतः सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के भावजी की ढाणी के निवासी थे। वे करीब तीन वर्षों से नापासर थाने में सेवा दे रहे थे और अपने व्यवहार, मुस्कान और निष्ठा के लिए प्रसिद्ध थे। वे अपने परिवार के साथ नापासर में ही रहते थे। हाल ही में उनके बच्चे छुट्टियों में गांव गए हुए थे। एचएम गोकुल चंद मीणा ने बताया की गंगाधर को गत 26 जनवरी पर बीकानेर जिला मुख्यालय पर उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया था,थानाधिकारी लक्ष्मण सुथार ने बताया कि गंगाधर बेहद जिम्मेदार और संवेदनशील सिपाही थे। यह घटना सभी के लिए असहनीय और अविश्वसनीय है। गंगाधर की मृत्यु की सूचना मिलते ही नापासर थाने में गम का माहौल छा गया। साथी जवान चुप हैं, कुछ बोल नहीं पा रहे क्योंकि जो कल तक उनके साथ चाय पीता था, अब उसके लिए सलामी देने का समय आ गया।गंगाधर के पार्थिव शरीर को जयपुर से उनके पैतृक गांव भावजी की ढाणी ले जाया जाएगा, जहां नापासर थानाधिकारी लक्ष्मण सुथार, एचएम गोकुलचंद मीणा और अन्य साथी जवान गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई देंगे। सेकंड ऑफिसर जगदीश कुमार जयपुर में पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी करवा रहे हैं। आज नापासर ने न सिर्फ एक कांस्टेबल,बल्कि एक नेकदिल इंसान खो दिया है। उनकी स्मृतियां नापासर की हर गली, हर ड्यूटी पॉइंट और हर साथी के दिल में हमेशा जीवित रहेंगी। नापासर थाने के एसएचओ लक्ष्मण सुथार,एएसआई जगदीश कुमार,एचएम गोकुल चंद मीणा,हेड कांस्टेबल मूलाराम,हेड कांस्टेबल किशन सिंह,सहित थाने के जवानों ने अपने साथी को श्रद्धांजलि दी है,


















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