गुरुद्वारा गुरु का ताल में देश के कोने-कोने से संगत दर्शनों के लिए आती है ।
रिपोर्टर वसीउद्दीन आगरा

श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के इस पावन स्थान पर आने वाले श्रद्धालुओ की संख्या को देखते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल में एक और सराय श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी यात्री निवास का निर्माण कराया गया है। शुक्रवार सुबह गुरुद्वारा गुरु का ताल सेवक जत्थे के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के चरणों में अरदास करते हुए इस सराय का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि सराय का निर्माण पिछले तीन वर्षों से चरहा था । सराय के प्रत्येक कमरे में यात्रियों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। जिससे कि यहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो और उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधा मिल सके।
यात्री निवास में उच्च स्तरीय सुविधाओं के साथ-साथ पूरे परिसर को सोलर पावर के माध्यम से कवर किया गया है ।यात्री निवास के संचालन के लिए लगभग 100 किलोवाट विद्युत ऊर्जा का प्लांट लगाया गया है।
21 जून को होगा विशेष कीर्तन समागम
देशभर से राजी जत्थे व प्रचारक लेंगे हिस्सा
गुरुद्वारा गुरु का ताल में 21 जून को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वे शहीदी वर्ष के अवसर पर कीर्तन समागम आयोजित किया जा रहा है । यह कीर्तन समागम दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी , शबद कीर्तन चौकी जत्था गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, नई दिल्ली और गुरुद्वारा गुरु का ताल के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देश के जाने-माने राजी जत्थे ,धर्म प्रचारक, कथा वाचक व सिंह साहिबान हिस्सा लेने मुख्य रूप से आगरा आ रहे हैं।
350 साला शहीदी शताब्दी समारोह के पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने इसी स्थान से अपने तीन सिखों भाई मती दास , जी भाई सती दास और भाई दयाला जी के साथ गिरफ्तारी दी थी। आगरा मे गुरु का ताल में गुरु जी को 9 दिन तक नजर बंद रखे जाने के बाद मुगलिया हुकूमत उन्हें दिल्ली ले गई थी ।जहां चांदनी चौक में उन्होंने अपने तीनों सिखों भाई मती दास जी,भाई सती दास जी, भाई दयाला जी के साथ अपनी शहादत दी।
उन्होंने बताया कि कीर्तन समागम शुरू होने से पहले गुरु ग्रंथ साहिब महाराज की सवारी का गुरुद्वारा मंजी साहिब से पुष्प वर्षा व कीर्तन के साथ पूरे खालसा जाहो जलाल से भाई नंदलाल हाल में आगमन होगा।
वीर महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि कीर्तन समागम की शुरुआत 21 जून को शाम 04:00 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल में बने भाई नंदलाल हाल में की जाएगी। यह कीर्तन समागम रात्रि 12:00 बजे तक चलेगा ।इसके बाद 22 जून को सुबह आसा दी वार का विशेष कीर्तन दिल्ली का अखंड कीर्तन जत्था करेगा। साथ ही सुबह 10:00 बजे अमृत संचार भी कराया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मौजूद गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह ने बताया कि गुरु महाराज के शहीदी शताब्दी के अवसर पर देशभर में अनेक बड़े आयोजन होने जा रहे हैं ।जिनकी औपचारिक शुरुआत आगरा के कि समागम के साथ हो रही है ।इस समागम में दिल्ली ही नहीं बल्कि हरियाणा, पंजाब ,उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व राजस्थान के कई जिलों से संगत ने आने की जानकारी दी है।
दलजीत सिंह सेतिया व चौधरी मनजीत सिंह ने बताया कि आने वाले रागी जत्थों और संगत के ठहरने के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं गुरुद्वारा गुरु का ताल में बनी सराय के साथ-साथ आसपास के होटल आदि में भी संगत के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
उपेंद्र सिंह लवली और हरपाल सिंह ने बताया कि आयोजन में लगभग 100 बसें व 400 कारें आने का अनुमान है जिसके लिए गुरुद्वारा गुरु का ताल परिसर के साथ ही पास में स्थित आकाश हॉस्पिटल की पार्किंग में भी इंतजाम किए गए हैं ।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया इस विशाल आयोजन के दौरान लंगर तैयार करने ,वितरित करने ,बर्तन धोने, जोड़े रखने आदि की व्यवस्थाएं संभालने के लिए बाहर से भी काफी संगत सेवा के लिए आ रही है । गुरुद्वारा गुरु का ताल में ऊपर बने लंगर हॉल के साथ-साथ इस दौरान चाय पानी व खाने पीने के अन्य स्टॉल नीचे भी लगाए जा रहे हैं ।जिससे संगत को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो।
कीर्तन समागम के दौरान गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब निजामाबाद आजमगढ़ से संगत के दर्शन के लिए श्री गुरु नानक देव जी और श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की चरण पादुकाएं लाई जा रही हैं।
पोस्टर विमोचन के दौरान संत बाबा प्रीतम सिंह जी व गुरुद्वारा गुरु का ताल के समूह सेवक जत्थे ने आगरा शहर की नानक नाम लेवा संगत से इस आयोजन में हाजिरी भरते हुए गुरु घर की खुशियां प्राप्त करने की अपील की है।
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान कुलदीप सिंह गुजराल ,बंटी चावला, कवलदीप सिंह,बॉबी आनंद, बलजीत सिंह ,गुरमुख बियानी , बबलू बियानी, दलजीत सिंह सेतिया,गुरमीत सेठी , हरपाल सिंह,श्याम भोजवानी, पाली सेठी,उपेंद्र लवली ,चौधरी मनजीत सिंह , के साथ-साथ गुरुद्वारा गुरु का ताल सेवक जत्थे के जत्थेदार राजेंद्र सिंह ,बाबा अमरीक सिंह, महंत हरपाल सिंह, ज्ञानी केवल सिंह,ग्रंथि हरबंस सिंह ,अजायब सिंह टीटू, जोगा सिंह आदि मौजूद रहे।















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