हर नागरिक सीखे आपातकाल मेें बचाव के तरीके : उपायुक्त
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने की नागरिक सुरक्षा अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
– आपात कालीन स्थिति में हेल्थ, आपूर्ति सेवाओं, परिवहन सहित अन्य सेवाओं को बनाए रखने के उपायुक्त ने दिए निर्देश
पलवल, 10 मई
कृष्ण कुमार छाबड़ा

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने शनिवार को जिला सचिवालय स्थित सभागार में अधिकारियों के साथ नागरिक सुरक्षा अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा बैठक करते हुए आवश्यक एवं जरूरी दिशा निर्देश दिए। इससे पहले उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा वीडियो कांफ्रेंस में दिए गए निर्देशों को बारीकी से सुना।
उपायुक्त कहा कि वर्तमान परिस्थितियों से सभी अवगत हैं इसलिए हर नागरिक को आपातकाल के दौरान अपने आपको व सम्पत्ति को कैसे सुरक्षित रखना है, यह ज्ञान होना चाहिए। मॉक ड्रिल से काफी कुछ सीखने को मिला है। इस मुहिम को हर जिलावासी तक पहुंचाना है। इसके के लिए ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों, जिला व नगर पार्षदों, विभिन्न संगठनों व संघों आदि को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि प्रशिक्षण उपरांत ये प्रमुख लोग आगे आमजन को जागरूक कर सकें।
उपायुक्त ने बैठक में सीएमओ को जिला में उपलब्ध सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा सुविधाओं को हर समय तैयार रखने को कहा। दवाई, ब्लड बैंक, वेंटिलेटर, बैड, ऑक्सीजन आपूर्ति आदि समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला में रसोई गैस, खाद्य एवं तेल आपूर्ति, पेयजल आपूर्ति, फायर सर्विस और पानी भरने की सुविधा, परिवहन व्यवस्था, आपदा प्रबंधन के समय उपयोग होने वाली मशीनरी की उपलब्धता की तैयारियों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि एयर रेड इमरजेंसी का सायरन बजते ही क्या करना है और क्या नहीं करना है। रात्रि के समय एयर रेड इमरजेंसी का सायरन बजते ही ब्लैकआउट में कैसे सहयोगी बनना है यह जानकारी सभी को होना जरूरी है। विभिन्न माध्यमों से निरंतर यह जानकारी प्रचारित -प्रसारित की जा रही है। उद्यमियों को भी इमरजेंसी में अपने अपने सायरन कब और कैसे बजाने हैं यह जानकारी भी देने के निर्देश डीसी ने संबंधित अधिकारी को दिए।

बैठक में एसडीएम ज्योति, एसडीएम गुरमीत सिंह, सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार, एमडी शुगर मिल विकास यादव, नगराधीश अप्रतिम सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
एक हजार व्यक्ति पर एक सिविल डिफेंस वॉलिंटियर रहेगा : उपायुक्त
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला में सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है। जिला में एक हजार व्यक्ति पर एक सिविल डिफेंस वॉलिंटियर रहेगा। उन्होंने जिला के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि जो भी सिविल डिफेंस वॉलिंटियर बनना चाहता है वह प्रशासन को अपना डाटा(नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप, स्पेशलाइजेशन आदि) को दें। उन्होंने बताया कि इन वॉलंटियर को पांच दिन की ट्रेनिंग देने के साथ-साथ स्पेशल ड्रेस दी जाएगी।
पैनिक न हो, प्रशासन की ओर से दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें
जिला उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि आमजन को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। बस अपने आपको सतर्क रखने की आवश्यकता है। इसके अलावा सरकार व प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करके सहयोग करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो भी लोग कालाबाजारी कर रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा स्टॉक की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि वह प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें और अपने आपको अनैतिक गतिविधियों से दूर रखें।
भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर की जाएगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक वरूण सिंगला ने आमजन से अपील की है कि वे सरकार व प्रशासन द्वारा दी जा रही सूचनाओं पर ही विश्वास करें। कोई भी नागरिक झूठी व भ्रामक करने वाली सूचनाओं का आदान-प्रदान न करें। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केवल आधिकारिक व पुष्ट सूचनाओं पर करें भरोसा, पीआईबी फैक्ट चेक से करें संदिग्ध सूचनाओं की पुष्टि
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि नागरिक किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना, सोशल मीडिया मैसेज, फोटो या वीडियो को बिना जांचे-परखे साझा / शेयर न करें। दूरदर्शन, आल इंडिया रेडियो या फिर सरकार व प्रशासन द्वारा अधिकृत स्त्रोत पर ही विश्वास करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी संदिग्ध पोस्ट प्रतीत होने पर पीआईबी के फैक्ट चेक व्हाट्सएप नंबर 8799711259 पर साझा करें। या फिर socialmedia@pib.gov.in पर भेजें। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में किसी भी प्रकार के अपुष्ट संदेश भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं, यह राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सही नहीं है। है। ऐसे में आमजन को केवल केंद्र सरकार, राज्य सरकार अथवा जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर विश्वास करना चाहिए। सही जानकारी सरकार के आधिकारिक स्रोतों से लें।

















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