सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-01.05.2025🕉️
✴️ दैनिक ग्रह गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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____आज विशेष_____
ब्रह्मास्त्र क्या है..? परिचय एवं धार्मिक महत्व
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___दैनिक पंचांग विवरण___
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आज दिनांक………………. 01.05.2025
कलियुग संवत्…………………..5127
विक्रम संवत्………………….. 2082
शक संवत्…………………….1947
संवत्सर…………………..श्री सिद्धार्थी
अयन………………………..उत्तर
गोल………………………… उत्तर
ऋतु………………………..ग्रीष्म
मास………………………वैशाख
पक्ष……………………..शुक्ल
प्रतिपदा… चतुर्थी. पूर्वा. 11.24 तक / पंचमी
व…………………………गुरुवार
नक्षत्र…..मृगशिरा. अपरा. 2.21 तक / आर्द्रा
चंद्रराशि…………….मिथुन. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…….अतिगंड. प्रातः 8.33 तक / सुकर्मा
करण…………विष्टि(भद्रा) पूर्वा. 11.24 तक
करण……… बव. रात्रि. 10.13 तक / बालव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
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सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
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सूर्योदय…………….. प्रातः 5.56.35 पर
सूर्यास्त……………. सायं. 7.00.50 पर
दिनमान-घं.मि.से…………. 13 04.14
रात्रिमान………………….. 10.55.01
चंद्रोदय………………..8.43.11 AM पर
चंद्रास्त………………….11.19.12 PM पर
राहुकाल..अपरा.2.07 से 3.45 तक(अशुभ)
यमघंट……प्रातः 5.17 से 7.35 तक(अशुभ)
गुलिक……….प्रातः 9.13 से से 10.51 तक
अभिजित……मध्या.12.03 से 12.55(शुभ)
पंचक……………………. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त………………… आज नहीं है।
दिशा शूल…………………. दक्षिण दिशा
दोष परिहार…… दही का सेवन कर यात्रा करें
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
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ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
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प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
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गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष,वृष,मिथुन,वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या तुला,धनु,मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ मीन कर्क,सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
दैनिक सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट
लग्न ……………मेष 16°16′ भरणी 1 ली
सूर्य …………….मेष.16°41′ भरणी 2 लू
चन्द्र) ……. मिथुन 1°38′ मृगशीर्षा 3 का
बुध ……………..मीन 21°21′ रेवती 2 दो
शुक्र ……….मीन 5°58′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
मंगल …..………. कर्क 11°24′ पुष्य 3 हो
बृहस्पति …….वृषभ 27°9′ मृगशीर्षा 2 वो
शनि ………मीन 3°43′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ………..मीन 1°1′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
केतु * …..कन्या 1°1′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
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✴️🌄दैनिक लग्न समय सारिणी 🌄✴️
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लग्न राशि ***********प्रारंभ – समाप्ति
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मेष …………………05:57 – 06:44
वृषभ ……………… 06:44 – 08:42
मिथुन …………….. 08:42 – 10:55
कर्क ……….……… 10:55 – 13:13
सिंह …………….…. 13:13 – 15:27
कन्या………………. 15:27 – 17:40
तुला ………………..17:40 – 19:56
वृश्चिक ……………..19:56 – 22:14
धनु ………………..22:14 – 24:18*
मकर……………. 24:18* – 26:03*
कुम्भ …………….26:03* – 27:34*
मीन ……………..27:34* – 29:02*
मेष ……………… 29:02* – 29:56*
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अर्द्ध रात्रि उपरांत के समय का सूचक है।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
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शुभ………………प्रातः 5.57 से 7.35 तक
चंचल…………पूर्वा. 10.51 से 12.29 तक
लाभ………………12.29 से 2.07 तक
अमृत…………..अपरा. 2.07 से 3.45 तक
शुभ………………सायं. 5.23 से 7.01 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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अमृत…….. सायं-रात्रि. 7.01 से 8.23 तक
चंचल…………. रात्रि. 8.23 से 9.45 तक
लाभ..रात्रि. 12.28 AM से 1.50 AM तक
शुभ…..रात्रि. 3.12 AM से 4.34 AM तक
अमृत…रात्रि. 4.34 AM से 5.56 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9—–12—-13
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती,अश्विनी,अश्लेषा,मघा,ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये।
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
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08.46 AM तक—-मृगशिरा—-3——-क
02.21 PM तक—-मृगशिरा—-4——-की
___राशि मिथुन – पाया स्वर्ण__
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07.57 PM तक——-आर्द्रा—-1——-कू
01.36 AM तक——-आर्द्रा—-2——–घ उपरांत रात्रि तक——-आर्द्रा—-3——–ङ
___राशि मिथुन – पाया रजत्__
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_______आज का दिन______
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व्रत विशेष………………….. .नहीं है।
अन्य व्रत…………. वैशाख स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष………………… आज नहीं है।
दिवस विशेष……………. विश्व श्रमिक दिवस
दिन विशेष……. सन् 2025 – मई मास प्रारंभ
पंचक………………….. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)………….. प्रातः 11.24 तक
खगोल विशेष…. अगस्त्यास्त. प्रातः 7.04 पर
सर्वा.सि.योग……………….आज नहीं है।
अमृ.सि.योग……………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग……….. अपरा. 2.21 तक
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अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
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आज दिनांक………………..02.05.2025
तिथि………….वैशाख शुक्ला पंचमी शुक्रवार
व्रत विशेष………………….. नहीं है।
अन्य व्रत…………. वैशाख स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष…………………आज नहीं है।
दिवस विशेष……… श्री रामानुजाचार्य जयंती
दिवस विशेष……श्री आद्य शंकराचार्य जयंती
दिवस विशेष………… श्री सूरदास जयंती
दिन विशेष…………… ..विश्व टूना दिवस
पंचक…………………… आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)………………. आज नहीं है।
खगोल विशेष………………. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…… अपरा. 1.04 से रात्रि पर्यंत
अमृ.सि.योग………………आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग……अपरा. 1.04 से रात्रि पर्यंत
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष आध्यात्म वास्तु राशिफल 💥
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ब्रह्मास्त्र क्या है..? परिचय एवं धार्मिक महत्व
ब्रह्मास्त्र और उसके भिन्न रूप, अलौकिक हथियार थे जिन्हें सामूहिक रूप से ब्रह्म हथियार कहा जाता है। ब्रह्मास्त्र की रचना सृष्टिकर्ता ब्रह्मा ने धर्म और सत्य को बनाए रखने के उद्देश्य से की थी।
ब्रह्मास्त्र के तीन प्रकार थे:
1:ब्रह्माशिरा अस्त्र—यह अस्त्र ब्रह्मा के ५वें सिर को अपनी नोक पर प्रकट करता है और पूरी दुनिया को नष्ट करने में सक्षम है।
२ :ब्राह्मणद- यह हथियार ब्रह्मा की हड्डियों से बना है और सभी अस्त्रों का प्रतिकार है। मूल रूप से ब्रह्मशिर अस्त्र को रोकने या उसकी रक्षा करने के लिए, ब्रह्मानंद की रचना की गई थी।
3: पाशुपतास्त्र – महाभारत में सबसे अनूठा हथियार, केवल अर्जुन और रामायण में केवल इंद्रजीत को पाशुपतास्त्र रखने के लिए जाना जाता है। यह हथियार केवल महादेव शिव से प्राप्त करना होता है।
इन तीनों हथियारों को सामूहिक रूप से ब्रह्मास्त्र के नाम से जाना जाता है।
इसे उपयोगकर्ता द्वारा गंभीर एकाग्रता के बाद सक्रिय किया जा सकता था और दिन में केवल एक बार शत्रु को नष्ट करने के लिए प्रयोग किया जा सकता था, जिसे किसी अन्य माध्यम से पराजित नहीं किया जा सकता था। ब्रह्मा ने ब्रह्मास्त्र से भी अधिक शक्तिशाली एक हथियार बनाया था, जिसे ब्रह्मसिरिनामस्त्र कहा जाता था, जिसका युद्ध में कभी भी उपयोग नहीं किया गया था, क्योंकि इसमें ब्रह्मास्त्र के बराबर शक्ति थी, जो ब्रह्मा के 4 प्रमुखों का प्रतिनिधित्व करती थी और महाभारत युद्ध में, यह केवल द्रोणाचार्य, भीष्म, कृपाचार्य, अश्वत्थामा, अर्जुन और कर्ण को ही ज्ञात था। जब ब्रह्मास्त्र का निर्वहन किया गया, तो न तो कोई पलटवार था और न ही कोई बचाव जो इसे रोक सकता था, सिवाय ब्रह्मदंड के, ब्रह्मा द्वारा बनाई गई एक दिव्य छड़ी। ब्रह्मास्त्र के प्रयोग उपरांत, 12 ब्रह्मा वर्षों तक वर्षा नहीं होगी (1 ब्रह्मा वर्ष = 3,110, 400, 000, 00 मानव वर्ष) और जलवायु की स्थिति खराब हो जाएगी। जिस भूमि पर यह गिरता है वह कई शताब्दियों तक बंजर हो जाती है और उस क्षेत्र में स्त्री और पुरुष दोनों ही बंजर हो जाते हैं। हरियाली खत्म हो जाएगी या हो जाती है, बारिश कम हो जाएगी और सूखे की तरह जमीन में दरारें पड़ जाएंगी। उस क्षेत्र के लोग आनुवंशिक रूप से प्रभावित होंगे और अगली कुछ पीढ़ियों के लिए अपूर्ण बच्चों को जन्म देंगे।
ब्रह्मास्त्र का प्रहार अंततः सब कुछ नष्ट कर देगा।
ब्रह्मास्त्र को गायत्री मंत्र द्वारा एक भिन्न तरीक़े से अव्हान किया जाता है। गायत्री मंत्र को उसके अक्षरों के ठीक विपरीत क्रम में एकाग्र करके और उसकी वर्तनी से कोई भी हथियार या घास का तिनका भी सक्रिय किया जा सकता है। संस्कृत धर्मशास्त्रीय ग्रंथों में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां ब्रह्मास्त्र का उपयोग किया जाता है या इसके उपयोग करने का खतरा होता है, जिनमें शामिल हैं: महाराज कौशिक (जो बाद में ब्रह्मर्षि विश्वामित्र बने) ने इसका इस्तेमाल महर्षि वशिष्ठ के खिलाफ किया लेकिन ब्रह्मास्त्र को वशिष्ठ के ब्रह्मदंड अस्त्र ने निगल लिया। इंद्रजीत ने रामायण में श्रीराम की सेना के खिलाफ नागपाश अस्त्र का इस्तेमाल किया। इस हथियार से ही लक्ष्मण जी घायल हो गए थे। केवल हनुमान जी द्वारा लाई गई संजीवनी जड़ी-बूटियाँ ही दोनों भाइयों और उनकी सेना को मृत्यु से बचाने में सफल रहीं। इसके अलावा इंद्रजीत ने हनुमान जीके खिलाफ ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल किया, लेकिन हनुमान जी पहले भगवान ब्रह्मा द्वारा दिए गए वरदान के कारण बच गए। इसका उपयोग पिप्पलाद (महर्षि दधीचि के पुत्र) ने शनि देव के खिलाफ किया था और उनके जीवन को बचाने के लिए शनि देव ने पिप्पलाद से वादा किया था कि वह 12 साल से कम उम्र के किसी को भी परेशान या परेशान नहीं करेंगे। रामायण में, श्री राम द्वारा कई बार ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया जाता है: एक बार जयंत के खिलाफ जब उन्होंने देवी सीता को चोट पहुंचाई, उनकी आखिरी मुठभेड़ में मारीच के खिलाफ और अंत में असुर सम्राट रावण के साथ आखिरी युद्ध में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया गया। रामायण के अनुसार, ब्रह्मास्त्र को समुद्र (समुद्र देवता) की तरफ मे केंद्रित किया गया था ताकि समुद्र से बाहर एक रास्ता बनाया जा सके ताकि श्रीराम की सेना लंका द्वीप की ओर मार्च कर सके। हालाँकि, जैसे ही श्रीराम ने ब्रह्मास्त्र सक्रिय किया, समुद्र देवता प्रकट हुए और समुद्र पार करने में श्रीराम की सहायता करने की पेशकश की। लेकिन एक बार आह्वान करने के बाद, ब्रह्मास्त्र को छोड़ दिया जाना चाहिए, और इसलिए इसका उद्देश्य ध्रुमतुल्य की ओर था, जो कि आधुनिक राजस्थान में पड़ता है, जिससे यह आने वाले युगों के लिए एक रेगिस्तान बन जाता है। इस घटना का उल्लेख युद्ध कांड 22 सर्ग, श्लोक 31 में किया गया है।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज का दिन दौड़-भाग भरा रहने से आपको तुनकमिज़ाज बना सकता है। आपका कोई पड़ोसी आज आपसे धन उधार मांगने आ सकता है, आपको सलाह दी जाती है कि उधार देने से पहले उनकी विश्वसनीयता अवश्य जांच लें नहीं तो धन हानि हो सकती है। पारिवारिक उत्तरदायित्व में वृद्धि होगी, जो आपको मानसिक तनाव दे सकती है। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय वक्त से पहले ही पूरा कर सकते हैं। आपके द्वारा आज खाली समय में ऐसे काम किये जाएंगे जिनके बारे में आप अक्सर सोचा करते हैं लेकिन उन कामों को कर पाने में समर्थ नहीं हो पाते। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज अपनी बीमारी आपकी उदासी की वजह हो सकती है। आपको परिवार में फिर से ख़ुशी का माहौल बनाने के लिए जल्द-से-जल्द इससे बाहर आने की ज़रूरत है। अपनेे लिए पैसा बचाने का आपका ख्याल आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत कर पाने में सक्षम होंगे। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। किसीकी दख़लअंदाज़ी के चलते आपके और आपके प्रिय के रिश्ते में दूरियाँ आ सकती हैं। बैंकिग क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है। पदोन्नति की काफ़ी संभावना है। आप अपनी ख़ुशी दुगनी करने के लिए सहकर्मियों से बांट सकते हैं। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। अपने जीवनसाथी के किसी काम की वजह से आप कुछ शर्मिन्दगी महसूस कर सकते हैं। लेकिन बाद में आपको महसूस होगा कि जो हुआ, अच्छे के लिए ही हुआ।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज कुछ तरोताज़ा होने के लिए अच्छी तरह से आराम करें। आज आपके माता-पिता में से कोई आपको धन की बचत करने को लेकर लेक्चर दे सकता है, आपको उनकी बातोें को बहुत गौर से सुनने की जरुरत है नहीं तो आने वाले समय में परेशानी आपको ही उठानी पड़ेगी। दोस्त और पारिवारिक मित्र आपका उत्साह बढ़ाएंगे। प्यार एक ऐसा जज़्बा है जिसे न सिर्फ़ महसूस किया जाना चाहिए, बल्कि अपने प्रिय के साथ बांटना भी चाहिए। एक अहम प्रोजेक्ट- जिसपर आप काफ़ी अरसे से काम कर रहे थे- टल सकता है। अगर कहीं बाहर जाने की योजना है तो वह आख़िरी वक़्त पर टल सकती है। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज अपने व्यक्तित्व को विकसित करने के लिए गम्भीर तौर पर प्रयास करें। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। आपके जीवन-साथी की सेहत तनाव और चिंता का कारण बन सकती है। नयी साझीदारी आज के दिन फलदायी रहेगी। अगर आप यात्रा कर रहें है तो सभी ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखना न भूलें। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह दिन शानदार रहेगा।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज अवसाद के ख़िलाफ़ आपकी मुस्कान परेशानी से उबारने वाली रहेगी। पुराने निवेशों के चलते आय में बढ़ोत्तरी नज़र आ रही है। बेटी की बीमारी आपका मूड ख़राब कर सकती है। उत्साह बढ़ाने के लिए उसे स्नेह से दुलारें। प्यार में बीमार को भी भला-चंगा करने की ताक़त होती है। आज आप अपने प्रिय से अपने जज़्बात का इज़हार करने में मुश्किल महसूस करेंगे। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। अपने ज़बरदस्त आत्मविश्वास का फ़ायदा उठाएँ, बाहर निकलें और कुछ नए सम्पर्क व दोस्त बनाएँ। रिश्तेदारों का दख़ल शादीशुदा ज़िन्दगी में परेशानी पैदा कर सकता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज मौज-मस्ती के साथ मनपसंद काम करने का दिन है। घर की छोटी-छोटी चीजों पर आज आपका बहुत धन खराब हो सकता है जिसकी वजह से आप मानसिक तनाव में आ सकते हैं। अपने जीवन में एक संगीत पैदा करें, समर्पण का मूल्य समझें और हृदय में प्रेम व कृतज्ञता के फूल खिलने दें। आप अनुभव करेंगे कि आपका जीवन अधिक अर्थपूर्ण हो रहा है। आप जहाँ हैं वहीं रहेंगे, बावजूद इसके प्यार आपको एक नए और अनोखे लोक में ले जाएगा। साथ ही आज आप रोमानी सफ़र पर भी जा सकते हैं। आज आपके बॉस का बढ़िया मिज़ाज पूरे कार्यालय के माहौल को अच्छा बना देगा। दूसरों की राय को ग़ौर से सुनें- अगर आप आज वाक़ई फ़ायदा चाहते हैं तो।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज अपने स्वास्थ्य का ख़याल रखें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। बिना विचार किये आपको किसी को भी अपना पैसा नहीं देना चाहिए नहीं तो आपको आने वाले वक्त में बड़ी परेशानी है सकती है। घर में कुछ बदलाव लाने के लिए पहले बाक़ी लोगों की राय भली-भांति जान लें। आज के दिन अपने प्रिय की भावनाओं को समझें। आपमें बहुत-कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले सभी मौक़ों को झट-से दबोच लें। आपके घर का कोई करीबी शख्स आज आपके साथ वक्त बिताने की बात कहेगा लेकिन आपके पास उनके लिए वक्त नहीं होगा जिसकी वजह से उनको तो बुरा लगेगा ही आपको भी बुरा लगेगा। आप शादीशुदा ज़िन्दगी से जुड़े चुटकुले सोशल मीडिआ पर पढ़कर खिलखिलाते हैं। लेकिन आज जब आपके वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई चीज़ें आपके सामने आएंगी, तो आप भावुक हुए बिना नहीं रह सकेंगे।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज कुछ रचनात्मक कार्य करने के लिए अपने दफ़्तर से जल्दी निकलने की कोशिश करें। रुका हुआ धन मिलेगा और आर्थिक हालात में सुधार आएगा। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। प्रेम-संबंध में ग़ुलाम की तरह व्यवहार न करें। आपको पता लग सकता है कि आपके बॉस आपसे इतने रूखेपन से क्यों बात करते हैं। वजह जानकर आपको वाक़ई तसल्ली होगी। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। हँसी-मजा़क के बीच आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई पुराना मुद्दा उभर सकता है, जो फिर वाद-विवाद का रूप भी ले सकता है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज के दिन झल्लाना और खीजना आपकी सेहत ख़राब कर सकता है। पुरानी बातों में न उलझें और जितना हो सके आराम करने की कोशिश करें। आज आप अपने घर के वरिष्ठ जनों से पैसे की बचत करने को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं और उस सलाह को जिंदगी में जगह भी दे सकते हैं. दोस्तों को अपने उदार स्वभाव का ग़लत फ़ायदा न उठाने दें। प्रेम हमेशा आत्मीय होता है और यही बात आप आज अनुभव करेंगे। नई चीज़ों को सीखने की आपकी ललक प्रशंसनीय है । यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। शादीशुदा ज़िन्दगी के मोर्चे पर हालात वाक़ई थोड़े मुश्किल रहे हैं, लेकिन अब आप सुधरते हालात महसूस कर सकते हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप उन भावनाओं को पहचानें, जो आपको प्रेरित करती हैं। डर, शंका और लालच जैसी नकारात्मक भावनाओं को छोड़ें, क्योंकि ये विचार उन चीज़ों को आकर्षित करते हैं, जो आप नहीं चाहते हैं। कुछ ख़रीदने से पहले उन चीज़ों का उपयोग करें, जो पहले से आपके पास हैं। कुछ लोग जितना कर सकते हैं, उससे कई ज़्यादा करने का वादा कर देते हैं। ऐसे लोगों को भूल जाएँ जो सिर्फ़ गाल बजाना जानते हैं और कोई परिणाम नहीं देते। एक प्यारी-सी मुस्कुराहट से अपने प्रेमी का दिन रोशन करें। कार्यालय में सबकुछ आपके पक्ष में जाता नज़र आ रहा है। आपके द्वारा आज खाली समय में ऐसे काम किये जाएंगे जिनके बारे में आप अक्सर सोचा करते हैं लेकिन उन कामों को कर पाने में समर्थ नहीं हो पाते। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज रक्तचाप के मरीज़ों को ख़ास ख़याल रखने और दवा-दारू करने की ज़रूरत है। साथ ही उन्हें कॉलेस्ट्रोल को क़ाबू में रखने की कोशिश भी करनी चाहिए। ऐसा करना आगे काफ़ी लाभदायक सिद्ध होगा। आप जीवन में पैसे की अहमियत को नहीं समझते लेकिन आज आपको पैसे की अहमियत समझ में आ सकती है क्योंकि आज आपको पैसे की बहुत आवश्यकता होगी लेकिन आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। किसी दिलचस्प इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। यात्राओं से व्यावसायिक संबंधों में सुधार होगा। लोगों के साथ बात करने में आज आप अपना बहुमूल्य समय बर्बाद कर सकते हैं। आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। अपने परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों पर ध्यान देना आज आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आपके प्रिय के साथ कुछ मतभेद उभर सकते हैं- साथ ही अपने साथी को अपना नज़रिया समझाने में भी तकलीफ़ महसूस होगी। पेशेवर तौर पर आज का दिन सकारात्मक रहेगा। इसका भरपूर उपयोग करें। आज आपको ढेरों दिलचस्प निमंत्रण मिलेंगे- साथ ही आपको एक आकस्मिक उपहार भी मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में कठिन दौर से गुज़रने के बाद आपको अब कुछ राहत का एहसास होगा।
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