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भीलवाड़ा में महिला सशक्तिकरण,खेलकूद और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजसखी मेले का आयोजन।

भीलवाड़ा में महिला सशक्तिकरण,खेलकूद और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजसखी मेले का आयोजन।

सत्यार्थ न्यूज रिपोर्टर महावीर वैष्णव भीलवाड़ा


भीलवाड़ा, महिला सशक्तिकरण, खेलकूद और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य FC से भीलवाड़ा में भव्य “राजसखी मेला 2025” का आयोजन किया गया। इस मेले में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, व्याख्यान और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सीमा पारिक (दुर्गवाहिनी प्रांत छात्र प्रमुख), सुरभि शर्मा (सहायक प्रोफेसर, योग), दीपक सुथार (नगरपालिका, गंगापुर), दुर्गा लाल राव (फाइनेंस मैनेजर, राजीविका, भीलवाड़ा), गोविंद सिंह (डीएम, राजीविका, भीलवाड़ा), अमित जोशी (प्रदेश अध्यक्ष, कार्मिक संगठन, राजस्थान), नागेंद्र तोलंबिया (डीपीएम), विकास शर्मा और रिंकू मीणा (बीपीएम, मांडलगढ़ एवं बिजोलिया), मुकुट बिहारी सेन प्रोजेक्ट एसोसिएट ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंच संचालन की जिम्मेदारी अरविंद मेघवंशी और सागर कुमार (बीपीएम, सहाड़ा), वेद कमल इंटरप्राइजेज प्रमोशन, ने कुशलता से निभाई।

मेले का प्रमुख आकर्षण “राजसखी कबड्डी लीग” रहा, जिसमें मांडलगढ़ और बिजोलिया की महिला टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। इस प्रतिस्पर्धा में मांडलगढ़ की टीम विजेता बनी। इसके अलावा, महिलाओं के लिए आयोजित संगीत कुर्सी दौड़ में दोनों ब्लॉकों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।इस मेले में बिजोलिया और माण्डलगढ़ की लगभग 2000 दीदियों ने भाग लिया और मेले का लुत्फ़ उठाया,

कार्यक्रम में प्रेरणादायक वार्ताएं भी आयोजित की गईं, जहां दीपक सुथार ने “राजीविका और इसका महत्व” विषय पर चर्चा की,उन्होंने कहा, “राजीविका केवल एक संगठन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह उन्हें आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक रूप से सशक्त करने और उनके अंदर नेतृत्व क्षमता विकसित करने का कार्य कर रहा है। भीलवाड़ा जिले की हजारों महिलाएं राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि समाज में भी अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं। सीमा पारिक ने “नारीशक्ति” पर अपने विचार साझा किए, और सुरभि शर्मा ने “योग के महत्व” पर जागरूकता बढ़ाई। इन वार्ताओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर अमित जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, कार्मिक संगठन, राजस्थान ने राजीविका की महिलाओं की शक्ति और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा, “राजीविका से जुड़ी महिलाएं आज अपने हुनर और मेहनत के दम पर नए आयाम स्थापित कर रही हैं। वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बना रही हैं। यह मेला महिलाओं की शक्ति और नेतृत्व क्षमता को दर्शाने का बेहतरीन मंच है।”

राजसखी मेला 2025 ने न केवल खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दिया। यह आयोजन महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। राजीविका, भीलवाड़ा द्वारा आयोजित इस सफल आयोजन में भाग लेने वाले सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया गया।

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