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आबूरोड़ के जनजाति भील समाज ने लिया अनोखा निर्णय, विवाह में डीजे बजाया तो 21 हजार और कुंवारी कन्या अथवा विवाहित महिला को भगाया तो देने होंगे 2.5 लाख रूपए

संवाददाता:- हर्षल रावल सिरोही/राज.

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आबूरोड़ के जनजाति भील समाज ने लिया अनोखा निर्णय, विवाह में डीजे बजाया तो 21 हजार और कुंवारी कन्या अथवा विवाहित महिला को भगाया तो देने होंगे 2.5 लाख रूपए


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सिरोही। आज समाज में विवाह को लेकर बच्चों के लेकर माता-पिता चिंतित दिख रहे हैं। ऐसे में सिरोही जिले के जनजातीय समाज ने अनोखा निर्णय लिया गया है। विवाह में डीजे बजाया, तो 21 हजार का जुर्माना और कुंवारी कन्या अथवा वैवाहिक महिला को भगाकर ले जाने पर ढाई लाख रुपए का जुर्माना देना पड़ेगा. चौकिए नहीं, यह अनोखा निर्णय सिरोही जिले के आबूरोड़ जनजाति भील समाज ने लिया है।
जिले के आबूरोड धनकुकडी मंदिर परिसर में हुई भील समाज के विभिन्न गांवों के पंचों की अहम बैठक में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लिए गए निर्णय का पेम्पलेट बनवा कर सभी पांच पंचों के मुखिया को वितरित किया गया, ताकि अधिक से अधिक समाजबन्धुओं तक ये संदेश पहुंच सके।

इन चीजों पर होगी पाबंदी:-
बैठक में लिए गए निर्णयों में विवाह से पूर्व सगाई के लिए लड़के और लड़की के एक दूसरे के घर जाने पर केवल मीठी प्रसादी यानी केवल मिठाई को ही सम्मिलित करने की सहमति दी है। इसमें मांसाहारी, शराब पर पाबंदी लगा दी है। यदि समाज के नियमों का कोई भी गांव अथवा पांच पटेल पालन नहीं करता है, तो उस गांव पर 1 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही उस गांव को समाज से अलग कर समाज के पंच पटेल के यहां भी कोई नहीं जाएगा। धनकुकडी माताजी भील समाज वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष ग्यारसाराम भील, कोषाध्यक्ष रमेशभाई भील, सचिव गोविंदराम भील समेत आबूरोड, माउंट आबू और आस-पास के गांवों के पंच पटेल सम्मिलित हुए थे।

शादी में नहीं बजा सकते डीजे, पारम्परिक वाद्य यंत्र का ही उपयोग:-
बैठक में विवाह समारोह और अन्य आयोजनों को लेकर भी कई निर्णय लिए गए। जिसमें विवाह समारोह में डीजे बजाने पर संपूर्ण प्रकार से पाबंदी लगा दी गई है। इसके स्थान पर समाज के पारम्परिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाएगा। कोई व्यक्ति विवाह में डीजे बजाता है, तो उसे 21 हजार का जुर्माना भरना पड़ेगा। इस दौरान डीजे बजाने को लेकर किसी प्रकार का विवाद होता है, तो उसकी जिम्मेदारी भी विवाह वाले परिवार की होगी। समाज में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर कोटिया प्रथा (समाज के सभी परिवार और रिश्तेदार कपड़े ले जाते है) उसे भी बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसकी स्थान पर केवल सगे संबंधी ही कपड़े डाल सकते हैं और बाकी समाज के लोग फूल, माला या नारियल दे सकते हैं।

कुंवारी लड़की और विवाहिता को भगाने पर जुर्माना:-
बैठक में लड़की के परिवार की सहमति से विवाह करने पर 50 हजार का दापा (एक राशि जो लड़की के परिवार को दी जाती है) भरना पड़ेगा। वहीं विवाहित महिला को भगाकर विवाह की नीयत से ले जाने पर 2 लाख 50 हजार का जुर्माना देना पड़ेगा और महिला वापस पहले वाले पति से ही विवाह करेगी। अविवाहित युवक-युवती के बिना लड़की के परिवार की सहमति के भागने पर 1 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। इस मामले में लड़का कुंवारा होने पर लड़की के साथ रह सकता है।

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