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चित्तौड़गढ़ सीबीएन हिरासत में मौत का मामला_ परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

सत्यार्थ न्यूज़ भीलवाड़ा
अब्दुल सलाम रंगरेज

चित्तौड़गढ़ सीबीएन हिरासत में मौत का मामला_ परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

धरना प्रदर्शन ,48 घंटे बाद समझौता-परिजनों को मिला ₹30 लाख

भीलवाड़ा

10 फरवरी को भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया के निकट माजीसा खेड़ा निवासी कैलाश धाकड़ से मुखबिर की सूचना पर चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी के निकट नाकाबंदी कर एक बाइक से 4 किलो अफीम जब्त की। और माजीसा खेड़ा निवासी कैलाश धाकड़ को गिरफ्तार किया जिसे 15 फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया गया।
16 फरवरी को चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की हिरासत में तस्करी के आरोपी कैलाश धाकड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद मामला गरमा गया। मौत को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए दो दिनों तक धरना प्रदर्शन किया। आखिरकार, प्रशासन और परिजनों के बीच समझौता हुआ, जिसमें मृतक के परिवार को ₹30 लाख का मुआवजा देने और न्यायिक जांच कराने की सहमति बनी।
16 फरवरी को कैलाश की CBN कार्यालय के टॉयलेट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अधिकारियों ने दावा किया कि उसने अपने जूते की लैस से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, लेकिन परिजनों ने इसे हिरासत में हत्या करार दिया और इंसाफ की मांग की।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप_
मृतक के परिजनों ने CBN के कई अधिकारियों—परमवीर सिंह, हिमांशु शेखावत, सुजीत सिंह, कुलदीप राणा, योगेंद्र सिंह, विजय सोलंकी, पुष्पेंद्र सिंह, और विष्णु दास—पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना था कि—
अधिकारियों ने कैलाश को छोड़ने के लिए ₹80 लाख की डिमांड की थी। जब परिजन पैसे नहीं जुटा सके, तो उन्हें धमकी दी गई कि “हम कैलाश को जिंदा नहीं छोड़ेंगे।”

परिजनों का दावा था कि CBN ने कैलाश को दुकान से उठाया, लेकिन केस में उसे बस्सी हाइवे से पकड़े जाने की झूठी कहानी गढ़ी।
कैलाश के साथ पकड़े गए एक अन्य व्यक्ति को ₹12 लाख की रिश्वत लेकर छोड़ दिया गया, जबकि कैलाश को झूठे केस में फंसा दिया गया।
परिजनों का कहना था कैलाश हमेशा चप्पल पहनता था, लेकिन अधिकारियों का दावा था कि उसने जूते की लैस से फांसी लगा ली। परिजनों ने सवाल उठाया, जूते कहां से मिले?

पहले अस्पताल में प्रदर्शन हुआ, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इसके बाद CMHO ऑफिस के बाहर धरना दिया गया।
फिर प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट चौराहे को जाम कर दिया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।
एएसपी सरिता सिंह ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की चेतावनी दी।

शाम को बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ हॉस्पिटल पहुंचे और परिजनों को समझाया। इसके बाद प्रशासन ने मृतक के परिवार को ₹30 लाख का मुआवजा देने और न्यायिक जांच कराने का वादा किया।

अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश सिद्धार्थ सांदू की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम हुआ।
CBN अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक जांच की घोषणा की गई।

धाकड़ समाज से होने के कारण सिर्फ बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ मदद के लिए आगे आए।
चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी प्रदर्शन के दौरान एक बार भी नहीं पहुंचे।
CBN अधिकारियों के खिलाफ आरोपों के बावजूद किसी बड़े नेता ने कोई रुचि नहीं दिखाई।

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