रिपोर्टर -घनश्याम सिंह यादव
बालिकाओं को किया जागरूक

स्थान -लछिमनपुर गांव
चन्दौली ।कन्यादान फाउंडेशन अभियान के तहत महिलाओं द्वारा लछिमनपुर गांव में बालिकाओं को जागरूक करने के साथ ही महिलाओं महिला संबंधित समस्याओं के निस्तारण करने की संबंध में चौपाल का आयोजन कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा । भावना दुबे -ने बताया कि अपनी बेटी का कन्यादान फर्ज होता है। लेकिन समाज के बेटियों के कन्यादान महादान है
कन्यादान फाउंडेशन महिलाओं को आत्मनिर्भर भी बना रहा है और बच्चेदानी में हो रहे कैंसर जैसी बीमारी से भी मुक्त कर रहा है ।
प्रीति सिंह ने बताया की महिलाओं के लिए पीरियड्स नहीं सिर्फ एक शारीरिक बदलाव है, बल्कि यह एक सालाना संघर्ष है।
हर महीने दर्द, हर महीने परेशानी, लेकिन फिर भी हम मजबूती से खड़ी रहती हैं।
पीरियड्स का दर्द सिर्फ शारीरिक नहीं है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक भी है।
. महिलाओं को अपने पीरियड्स के बारे में बात करने में नहीं हिचकिचाना चाहिए, यह एक सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया है।
रानी विश्वकर्मा ने बताया पीरियड्स के दौरान हमें मजबूती और सहारे की जरूरत है, न कि शर्म और चुप्पी की।
,यहाँ कुछ लाइनें हैं जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर आधारित हैं:
. महिलाओं को अपनी आर्थिक आजादी के लिए काम करना चाहिए, ताकि वे अपने जीवन के निर्णय खुद ले सकें।
आत्मनिर्भर महिला ही अपने सपनों को पूरा कर सकती है और अपने जीवन को सफल बना सकती है। मौजूद बालिका ट्रेनर भावना दुबे, टीम प्रीति सिंह, रानी विश्वकर्मा, पलक सिंह,गुन्जा यादव,निकीता सिंह, संस्कृति सिंह,मोनी यादव, आदि

















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