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जैन समाज के कतिपय व्यक्तियो के विरोध में गणमान्य लोगों ने एस पी को सोपा ज्ञापन

जैन समाज के कतिपय व्यक्तियो के विरोध में गणमान्य लोगों ने एस पी को सोपा ज्ञापन

कविन्द पटैरिया पत्रकार

अरूण कुमार जैन तनय श्री कोगलचंद जैन मुकेश लॉज के पास टीकमगढ़ तहसील व जिला टीकमगढ़ म०प्र०का निवासी है – यह कि आवेदक के पिता श्री कोमलबंद सुनवाहा पूर्व में अतिशय क्षेत्र श्री पपौरा जी ट्रस्ट के पदाधिकारी रहे है तथा पिताजी के कार्यकाल में विकास कार्य भी कराये गए साथ ही ऐसे प्रस्ताव भी पारित किए गए जो समाज के हित में रहे है, लेकिन यह सारी बाते समाज के ही कुछ लोगों को रास नहीं आ रही थी, क्योंकि समाज के ही अन्य व्यक्ति मंदिर कमेटी से प्राप्त होने वाली आय का बंदरवाट नहीं कर पा रहे थे। यह कि इसके पूर्व राजीव वर्धमान द्वारा आवेदक के पिताजी के उपर झूठे मनगढंत आरोप लगाए एवं शासन को गुमराह कर पिताजी के उपर धारा 409 का प्रकरण दर्ज कराया, जिसकी न्यायालय से जमानत कराई गई थी,

वही जब इस मामले की निष्पक्ष जाच कराई गई तो शासन द्वारा उक्त मामले को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। यह कि मंदिर कमेटी की दुकान सर्राफा बाजार टीकमगढ़ में स्थित है जिसको विपुल अक्षत त्यौरेया पुत्रगण विजय त्यौरेया किराये पर लिए है तथा यह क्षेत्र कमेटी को 9,000 नो हजार रुप्या किराया अदा करते है जबकि न्यायालय में इन लोगों ने यह दर्शाया कि क्षेत्र कमेटी की दुकान का किराया 2000 दो हजार रूप्या प्रतिमाह है इस तरह इन लोगों के द्वारा शासन को ही गुमराह किया जा रहा है जिसकी निष्पक्ष जांच की जाना आवश्यक है। -यह कि श्री प्रदीप भदौरा जो कि सुधीर मदौरा के भाई है, तथा प्रदीप भदौरा क्षेत्र कमेटी के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. डॉ०सुधीर भदौरा की कटरा बाजार स्थित कई गुना बढी दुकान है जिसका किराया यह 3,800 रूपया अदा करते है जबकि वर्तमान के बाजारू मूल्य से कई गुना कम है इसके अलावा यह नियमित रूप से किराया अदा नहीं करते है किराया नियमित न मिलने के कारण क्षेत्र कमेटी को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

– यह कि पूर्व में प्रदीप भदौरा एवं इनके साथियों के द्वारा विजय त्योरैया के घर में घुसकर गहिलाओं व बच्यों के साथ बढी बेरहमी के साथ मारपीट की गई थी जिसका प्रकरण कोतवाली टीकमगढ़ में पंजीबद्ध हुआ था जिसमें प्रदीप भदौरा सहित अन्य लोगों को 6 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया गया था. वर्तमान में यह लोग जमानत पर है और खुलेआम घूम रहे है तथा यह लोग क्षेत्र कमेटी के वारे में दुष्प्रचार कर क्षवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे है वही झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकियां भी दे रहे है जिससे शांतप्रिय लोगों को सदैव ही इन लोगों से खतरा बना हुआ है। वर्तमान में मंत्री पवन जैन सतभैया कोषाध्यक्ष अभय त्यौरैया पहली बार ही क्षेत्र कमेटी के लिए निर्वाचित हुए हैं लेकिन इन लोगों के ऊपर भी उक्त लोगों के द्वारा झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं जिससे प्रतीत होता है कि प्रदीप भदौरा दीलिप कारी संजय लोहिया सहित इनके समर्थकों की आदत में यह शुमार हो गया है की पदाधिकारी कोई भी बने आरोप तो हम लोग लगाते ही रहेंगे
यह कि पूर्व में क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष रहे हुकुमचंद जैन लार वाले जो कि दिवगत हो चुके है तथा क्षेत्र अध्यक्ष अनिल बडकुल एवं द्वारा क्षेत्र कमेटी के सविधान में छेड़छाड़ की थी और आरोप श्री कोमल चंद सुनवाहा विजय त्योरैया विनय सुनवाहा हेमचंद्र सिघई सहित अन्य पर झूठे मनगदत आरोप लगाकर फर्जी मुकदमा दायर कराया था जिसमें यह लोग 3 बार जिसमें पहली बार एसडी एम न्यायालय द्वितीय सी जे एम एव जिला न्यायालय से पराजित हो चुके हैं सक्षम न्यायालय में यह लोग दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा सके जबकि माननीय न्यायालय द्वारा पपौरा क्षेत्र कमेटी के संविधान को सत्य एवं सही माना था लेकिन पराजित होने के बाद भी यह लोग आज भी तरह तरह के आरोप लगाकर अतिशय क्षेत्र को बदनाम कर रहे हैं जिस कारण जिस कारण बाहर से जो भी सैतानी मंदिर दर्शनों के लिए आते थे. उनमें धीरे-धीरे कमी आ रही है। -यह कि क्षेत्र के लोगों तथा समाज के लोगों ने क्षेत्र कमेटी के विकास को लेकर सदस्यता बढ़ाने पर विचार विमर्श किया गया था.

जिसके चलते सदस्य बनायें जाना शुरू हुए थे तथा यह भी उल्लेख था कि एक हजार रूपया सदस्यता शुल्क जमा कर आजीवन सदस्य बन सकता है लेकिन प्रदीप भदौरा अन्य व्यक्तियों द्वारा एसडीएम महोदय के यहा आवेदन देकर सदस्यता पर रोक लगा दी थी वर्तमान में अभी भी सैकडो भरे हुए सदस्यता फार्म रखे हुए है तथा अतिशय क्षेत्र पौराजी एक मात्र ऐसा अतिशय क्षेत्र है जहां500 सदस्य है। तथा प्रति सालाना होने वाले वार्षिक मेले में दो-दो आडीटरो के समक्ष आय-व्यय का आडिट कराकर जहां सर्वसम्मति से समाज को अवगत कराया जाता है जिससे क्षेत्र कमेटी को पूरी प्रकिया पारदर्शी रहती है। -यह कि अतिशय क्षेत्र कमेटी के निर्वाचन उपरांत पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप भदौरा दुबारा नवीन कमेटी के पर झूठे आरोप लगाये गए है। यहां यह उल्लेखनीय है कि माननीय एसडीएम महोदय के आदेवानुसार ही निर्वाचन कराये गए थे तथा क्षेत्र कमेटी द्वारा समाज के वरिष्ठश गणमान्य नागरिक श्री वीरेन्द्र जैन को निरवाचन अधिकारी मनोनीत किया गया था तथा चुनाव के उपरांत प्रदीप गौरा द्वारा वीरेन्द्र जैन को निर्वाचन अधिकारी मनोनीत किया था तथा चुनाव के उपरांत प्रदीप भदौरा के द्वारा वीरेन्द्र जैन को जब यह जानकारी हुई कि मेरे उपर इस्तगासा लगाया गया है जिसके चलते उन्हें ऐसा संदमा वैठा कि वह ह अचानक दिवंगत हो गए। यह कि आवेदक के पिता श्री कोमल सुनवाहा की वर्तमान में 88 वर्ष के करीब हो गई है, तथा पिताजी की बायपास हार्ट सर्जरी भी हो चुकी है. विगत 20 सालों से यह किसी भी संबैधानिक पद पर नहीं है, तथा जब तक क्षेत्र कमेटी से जुड़े रहे तब तक उन्होने अपनी पूरी ईमानदारी एवं लगन से क्षेत्र को सीचने का प्रयास अपने जीवन में किया है लेकिन इनके बावजूद भी कोमल चन्द्र के उपर तरह तरह के फर्जी झूठे आरोप लगाये जा रहे हैं। और यह सब केवल कोमल चन्द्र जैनको इस उम्र में हैरान परेशन करने के लिए किया जा रहा है जब अरूण जैन से बात की तो उन्होंने कहा कि अब यदि इसके वावजूद भी मेरे पिता के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो उसके लिए श्री प्रदीप भदौरा अनिल बडकुल संजय लोहिया, श्रीपाल नायक दिलीप कारी जबाबदार होगे।

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