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11 फरवरी 2025 मंगलवार आज का पंचांग व राशिफल और जानें कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त,चद्रोदय-चन्द्रास्त काल,तिथि,नक्षत्र,मुहूर्त योगकाल,करण,सूर्य-चंद्र के राशि,चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏

🙏जय श्री कृष्णा🙏

🕉️आज का पंचांग🕉️

दिनांक:- 11/02/2025, मंगलवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
माघ””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———- चतुर्दशी 18:54:57 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र———— पुष्य 18:33:03
योग——— आयुष्मान 09:04:41
करण———– वणिज 18:54:57
वार——————— मंगलवार
माह———————— माघ
चन्द्र राशि—————— कर्क
सूर्य राशि—————– मकर
रितु———————— शिशिर
आयन—————— उत्तरायण
संवत्सर (उत्तर)————- कालयुक्त
विक्रम संवत—————- 2081
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1946
कलि संवत—————– 5125

वृन्दावन
सूर्योदय————– 07:00:40
सूर्यास्त————- 18:06:30
दिन काल———– 11:05:49
रात्री काल———— 12:53:25
चंद्रोदय————– 16:59:05
चंद्रास्त—————- 30:54:47

लग्न—- मकर 28°22′ , 298°22′

सूर्य नक्षत्र—————— धनिष्ठा
चन्द्र नक्षत्र——————- पुष्य
नक्षत्र पाया—————— रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

हो—- पुष्य 12:22:13

ड—- पुष्य 18:33:03

डी—- आश्लेषा 24:45:38

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= मकर 28°40, धनिष्ठा 2 गी
चन्द्र= कर्क 10°30 , पुनर्वसु 3 हो
बुध =धनु 29°52 ‘ धनिष्ठा 2 गी
शु क्र= मीन 10°05, उ o फाo’ 3 झ
मंगल=मिथुन 23°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 2 को
गुरु=वृषभ 17°30 रोहिणी, 3 वी
शनि=कुम्भ 24°28 ‘ पू o भा o , 2 सो
राहू=(व) मीन 05°10 उo भा o, 1 दू
केतु= (व)कन्या 05°10 उ oफा o 3 पा

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 💮🚩💮

राहू काल 15:20 – 16:43 अशुभ
यम घंटा 09:47 – 11:10 अशुभ
गुली काल 12:34 – 13: 57अशुभ
अभिजित 12:11 – 12:56 शुभ
दूर मुहूर्त 09:14 – 09:58 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:16 – 24:01* अशुभ
प्रदोष 18:07 – 20:44 शुभ

गंड मूल 18:33 – अहोरात्र अशुभ

चोघडिया, दिन

रोग 07:01 – 08:24 अशुभ
उद्वेग 08:24 – 09:47 अशुभ
चर 09:47 – 11:10 शुभ
लाभ 11:10 – 12:34 शुभ
अमृत 12:34 – 13:57 शुभ
काल 13:57 – 15:20 अशुभ
शुभ 15:20 – 16:43 शुभ
रोग 16:43 – 18:07 अशुभ

चोघडिया, रात

काल 18:07 – 19:43 अशुभ
लाभ 19:43 – 21:20 शुभ
उद्वेग 21:20 – 22:57 अशुभ
शुभ 22:57 – 24:33* शुभ
अमृत 24:33* – 26:10* शुभ
चर 26:10* – 27:47* शुभ
रोग 27:47* – 29:23* अशुभ
काल 29:23* – 30:59* अशुभ

होरा, दिन

मंगल 07:01 – 07:56
सूर्य 07:56 – 08:52
शुक्र 08:52 – 09:47
बुध 09:47 – 10:43
चन्द्र 10:43 – 11:38
शनि 11:38 – 12:34
बृहस्पति 12:34 – 13:29
मंगल 13:29 – 14:25
सूर्य 14:25 – 15:20
शुक्र 15:20 – 16:16
बुध 16:16 – 17:11
चन्द्र 17:11 – 18:07

होरा, रात

शनि 18:07 – 19:11
बृहस्पति 19:11 – 20:15
मंगल 20:15 – 21:20
सूर्य 21:20 – 22:24
शुक्र 22:24 – 23:29
बुध 23:29 – 24:33
चन्द्र 24:33* – 25:38
शनि 25:38* – 26:42
बृहस्पति 26:42* – 27:47
मंगल 27:47* – 28:51
सूर्य 28:51* – 29:55
शुक्र 29:55* – 30:59

🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मकर > 04:26 से 06:12 तक
कुम्भ > 06:12 से 07:44 तक
मीन > 07:44 से 09:12 तक
मेष > 09:12 से 10:50 तक
वृषभ > 10:50 से 12:48 तक
मिथुन > 12:48 से 15:02 तक
कर्क > 15:02 से 17:20 तक
सिंह > 17:20 से 19:32 तक
कन्या > 19:32 से 21:42 तक
तुला > 21:42 से 00:00 तक
वृश्चिक > 00:00 से 02:14 तक
धनु > 02:14 से 04:18 तक

विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट-दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।

महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्।
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

14 + 3 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चन्द्र ग्रह मुखहुति

शिव वास एवं फल -:

14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 18:55 से प्रारम्भ

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

सर्वार्थ सिद्धि योग 18:33 तक

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

यथा चतुर्भिः कनकं पराक्ष्यते निघर्षणं छेदनतापताडनैः तथा चतुर्भिः पुरुषः परीक्ष्य़ते
त्यागेन शीलेन गुणेन कर्मणा ।।
।। चा o नी o।।

सोने की परख उसे घिस कर, काट कर, गरम कर के और पीट कर की जाती है. उसी तरह व्यक्ति का परीक्षण वह कितना त्याग करता है, उसका आचरण कैसा है, उसमे गुण कौनसे है और उसका व्यवहार कैसा है इससे होता है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: गुणत्रयविभागयोग :- अo-14

तत्र सत्त्वं निर्मलत्वात्प्रकाशकमनामयम्‌ ।
सुखसङ्‍गेन बध्नाति ज्ञानसङ्‍गेन चानघ ॥

हे निष्पाप! उन तीनों गुणों में सत्त्वगुण तो निर्मल होने के कारण प्रकाश करने वाला और विकार रहित है, वह सुख के सम्बन्ध से और ज्ञान के सम्बन्ध से अर्थात उसके अभिमान से बाँधता है॥,6॥,

💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष-नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। माता के स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना आवश्यक। पुराने रुके कामों, लेनदेन में सफलता की संभावना है। विद्यार्थियों को शिक्षा में उपलब्धि हासिल होने के योग हैं।

🐂वृष-लेनदारी वसूल होगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विशेष लाभ का योग है। आर्थिक उन्नति होगी। सामाजिक उत्तरदायित्व की पूर्ति करेंगे। ईश्वर के प्रति श्रद्धा बढ़ेगी।

👫मिथुन-जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें। संतान की गतिविधियों पर नजर रखना होगी। कामकाज का बोझ बढ़ने से व्यापार पर विपरीत असर हो सकता है। वाद-विवाद से दूर रहें। कुसंगति से बचें। फालतू खर्च होंगे। लेन-देन में सावधानी रखें।

🦀कर्क-सुख के साधन जुटेंगे। भूमि व भवन की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। संतान की प्रगति होगी। व्यापार-व्यवसाय में प्रगतिकारक वातावरण का सृजन होगा। पारिवारिक स्थिति आनंददायक रहेगी। मन प्रफुल्लित रहेगा।

🐅सिंह-तीर्थयात्रा हो सकती है। सत्संग का लाभ मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। वरिष्‍ठजनों का सहयोग मिलेगा। नवीन योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए दिन अच्छा होने की संभावना है। परिवार में मेल-मिलाप बढ़ेगा। अधिकारी वर्ग में महत्व बढ़ेगा।

🙍‍♀️कन्या-बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। अधूरे काम समय से पूरे होने के योग हैं। नए कार्यों से लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। धन का संग्रह होगा। विवाद व जल्दबाजी से बचें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा।

⚖️तुला-प्रयास सफल रहेंगे। रुके कार्यों में गति आएगी। मान-सम्मान मिलेगा। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सुख एवं पत्नी के सहयोग से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। किसी से बहस न करें। काम-धंधे में सफलता के शुभ संकेत हैं।

🦂वृश्चिक-यात्रा में सावधानी रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है। दौड़धूप अधिक होगी। वाणी पर संयम रखें। विरोधियों से सावधान रहें। परिवार की परेशानी का हल संभव है। भागीदारी के कामों में सफलता मिलेगी।

🏹धनु-अतिथियों का आवागमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। आत्मसम्मान बना रहेगा। सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे। पारिवारिक सुख-शांति बरकरार रहेगी। जोखिम के कार्यों से दूर रहें। यात्रा होगी।

🐊मकर-जोखिम व जमानत के कार्य टालें। खर्च का बोझ बढ़ेगा। किसी पर अत्यधिक भरोसा न करें। व्यापार, नौकरी में अड़चनें आने से मनोबल में कमी आ सकती है। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। चोट व दुर्घटना से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें।

🍯कुंभ-अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम उठाएं। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। सोच-समझकर कार्य करना लाभप्रद रहेगा। पुरुषार्थ सफल होगा। वाहन चलाते समय सावधानी रखना चाहिए। व्यापार में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे।

प🐟मीन-बाहर सहायता से काम होंगे। प्रसन्नता रहेगी। संतान के संबंध में संतोष रहेगा। व्यावसायिक अथवा आजीविका संबंधी समस्या का समाधान हो सकेगा। थकान रहेगी। शत्रु भय रहेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। पुरुषार्थ का पूर्ण फल मिलेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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