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लोहावट में ईमानदारी बनाम भ्रष्टाचार: BDO फिरोज खान के खिलाफ सरपंचों का विरोध, जांच की मांग तेज

दिलबर खिलजी
सोमेसर जोधपुर
सत्यार्थ न्यूज राजस्थान

लोहावट में ईमानदारी बनाम भ्रष्टाचार: BDO फिरोज खान के खिलाफ सरपंचों का विरोध, जांच की मांग तेज

फलोदी/लोहावट:
लोहावट पंचायत समिति में विकास अधिकारी (BDO) फिरोज खान के खिलाफ सरपंच संघ और ग्राम सेवकों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। पंचायत समिति कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में सरपंच और ग्राम सेवक धरने पर बैठे हैं, जिनका आरोप है कि बीडीओ उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं और पंचायत स्तर की स्वीकृत योजनाओं में अनावश्यक रुकावट डाल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बीडीओ को हटाने की मांग की है।

सरपंचों का आरोप:
धरना दे रहे सरपंचों का कहना है कि बीडीओ द्वारा योजनाओं की स्वीकृति में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे गांवों का विकास प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि बीडीओ की कठोर कार्यशैली से पंचायतें परेशान हैं।

क्या है असल वजह?
लेकिन सूत्रों की माने तो विरोध का असली कारण कुछ और है। बीडीओ फिरोज खान को उनके सख्त रवैये और भ्रष्टाचार विरोधी नीति के लिए जाना जाता है। पहले की व्यवस्थाओं में सरपंच और अधिकारियों के बीच कथित तौर पर मंथली फिक्सिंग का चलन था, जिसमें विकास योजनाओं की रकम का हिस्सा बंटता था। लेकिन बीडीओ खान ने इन अनियमितताओं पर नकेल कसते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। यही कारण है कि उनके खिलाफ विरोध का माहौल बनाया जा रहा है।

पूर्व में हुए घोटालों का डर:
जानकारी के अनुसार, पूर्व कांग्रेस शासनकाल में कुछ सरपंचों और ग्राम सेवकों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की थीं। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के नाम पर फंड का दुरुपयोग हुआ था। बीडीओ खान के कार्यकाल में इन मामलों की जांच आगे बढ़ने की संभावना ने सरपंच संघ और उनके समर्थकों को डरा दिया है। आशंका है कि करोड़ों रुपये के घोटाले उजागर हो सकते हैं।

जाति और धर्म का रंग देने की कोशिश:
बीडीओ फिरोज खान की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास भी किया जा रहा है। कुछ प्रदर्शनकारी इसे हिन्दू-मुस्लिम विवाद का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन क्षेत्र की जनता इस बात को समझ रही है कि यह प्रदर्शन बीडीओ की ईमानदारी के खिलाफ है।

स्थानीय राजनीति भी गरमाई:
कांग्रेस से जुड़े कुछ स्थानीय नेता और ब्लॉक अध्यक्ष भी इस प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उनकी मंशा बीडीओ के खिलाफ माहौल बनाकर अपने राजनीतिक हित साधने की है। वहीं, सरकार और प्रशासन में यह चर्चा भी तेज है कि बीडीओ खान को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है ताकि पूर्व में हुए घोटालों पर पर्दा डाला जा सके।

जनता और जागरूक नागरिकों का समर्थन:
लोहावट क्षेत्र के जागरूक नागरिक बीडीओ के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि फिरोज खान ने कार्यभार संभालने के बाद विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। वे आम जनता के साथ शालीनता से पेश आते हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दिखाते हैं।

जांच की मांग:
इस पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग उठ रही है कि सरपंचों और ग्राम सेवकों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, प्रदर्शन करने वालों की वित्तीय गतिविधियों और पूर्व में स्वीकृत योजनाओं की भी गहन जांच होनी चाहिए। यह जांच यदि निष्पक्ष रूप से होती है, तो असल सच्चाई सामने आ सकती है।

बीडीओ खान का बयान:
बीडीओ फिरोज खान ने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। वे किसी भी दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

निष्कर्ष:
लोहावट में यह मामला केवल पंचायत स्तर के विवाद का नहीं, बल्कि ईमानदारी और भ्रष्टाचार के बीच की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। बीडीओ खान का समर्थन करते हुए क्षेत्र की जनता उम्मीद कर रही है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी और ईमानदार अधिकारी के खिलाफ चल रही साजिशें उजागर होंगी। लोहावट का यह संघर्ष अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

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