सत्यार्थ न्यूज़ /मनीष माली की रिपोर्ट
कुंडालिया डेम परियोजना अधिकारियों और किसानों के बीच समझाईश बैठकों का दौर जारी
पाइपलाइन और उपकरणों से छेड़छाड़ पर जाना पड़ेगा जेल

सुसनेर//कुंडालिया डैम की बाई तट से संचालित नहर परियोजना में जल संसाधन विभाग और एल एंड टी कंपनी द्वारा गांव- गांव बैठक कर किसानों को समझाइश दे रहे हैं। आपको बता दें कि अपने खेत पर दिए गए पानी के बर्रे से पानी न लेकर कुछ शरारती तत्वों द्वारा बार बार सीधे एयरवाल से पानी लेने ,ओएमएस और आरएमएस से छेड़छाड़ करना तथा महंगे उपकरणों के चोरी की शिकायतें भी मिल रही थी।जिससे पाइप लाइन छेड़ छाड़ करने से आखरी छोर तक के किसानों के खेतों में समय पर पानी पहुंचाने में दिक्कत हो रही थी। कंपनी और अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी देते है कहां है कि अगर कोई छेड़ छाड़ करते पाया गया तो ठोस कार्रवाई की जाएगी। जहा पर किसान स्वयं लगे उपकरणों की रक्षा एवं निगरानी करने की जिम्मेदारी ले रहे हैं वहां पर जल्द से जल्द व्यवस्थित सिंचाई व्यवस्था की जा रही है।
साथ ही किसानों किसिचाई समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 7400797759 भी जारी किया गया है। इस संबंध में अभी तक जोन क्रमांक5अंतर्गत आने वाले ढाबला, ढाबली परसुलियाकला , परसुलिया खुर्द, जामुनिया गुराड़िया और खेरिया गांवों में किसानों और अधिकारी, कर्मचारियों के द्वारा बीच में जागरूकता बैठके की जा रही है। तथा समझाइश देकर एवंकिसानों से सहयोग की अपील की जा रही है। जिसे सिंचाई व्यवस्था सुचारू रूप से चालू हो सके। सिंचाई परियोजना को किसानों के सहयोग से सफल और आगे बढ़ाया जा सकता है
अब विभाग के सामान चोरी करने और छेड़ छाड़ करने पर पुलिस मे FIR , जाना पड़ेगा सीधे जैल
सुसनेर / कंपनी को सिंचाई परियोजना के उपकरणों से तोड़फोड़ या चोरी एवं अवैध कनेक्शन पर भारतीय दण्ड संहिता के तहत कार्यवाही की जायेगी। जिसमें भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत 379 और 430के अंतर्गत आरोप सिद्ध होने पर जुर्माना या 5वर्ष तक का कारावास तथा दोनो हो सकते है।
धारा 379 के तहत चोरी करने वाले को सजा का प्रावधान जिसके अंतर्गत 3 साल की सजा जुर्माना या दोनों
धारा 430के तहत सिंचाई कार्यों को नुकसान पहुंचाकर या पानी को गलत तरीके से मोड़कर शरारत करना 5 साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है

















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