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गुजरात में 12 साल पुरानी कार का अंतिम संस्कार, चार लाख खर्च कर बनाई समाधि

रिपोर्टर रजनीश पाण्डेय सूरत गुजरात सत्यार्थ न्यूज

गुजरात में 12 साल पुरानी कार का अंतिम संस्कार, चार लाख खर्च कर बनाई समाधि

 

गुजरात आपने शायद ही कभी सुना हो कि एक कार का अंतिम संस्कार किया गया लेकिन गुजरात के अमरेली में यह अनोखी घटना सच में घटी है। यहां एक परिवार का अपनी 12 साल पुरानी कार से इतना लगाव था कि वह उसे स्क्रैप में नहीं देना चाहता था। इसलिए परिवार ने कार का अंतिम संस्कार करने का तय किया। इसके लिए चार लाख रुपये खर्च किए गए।
1500 लोगों का भोज, 4 लाख खर्चा…गुजरात के परिवार ने ‘लकी कार’ को दी समाधि,
विधि-विधान से किया अंतिम संस्कार, जानें पूरा किस्सायह अनोखा मामला गुजरात के अमरेली का है, जहां एक परिवार ने अपनी लकी कार को 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर विधि-विधान से समाधि दी.अमरेली (गुजरात), आठ नवंबर (भाषा) गुजरात के अमरेली जिले में एक किसान परिवार ने अपनी ‘भाग्यशाली’ कार का भव्य तरीके से समाधि समारोह आयोजित किया जो चर्चा का विषय बन गया है।
बृहस्पतिवार को लाठी तालुका के पदारशिंगा गांव में संजय पोलारा और उनके परिवार द्वारा आयोजित समारोह में संतों, धार्मिक नेताओं सहित लगभग 1,500 लोग शामिल हुए।इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है जिसमें पोलारा और उनका परिवार अपने खेत में अनुष्ठान करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यहां उनकी 12 साल पुरानी वैगन आर कार की समाधि के लिए 15 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया था।फूल-माला से सजी कार को बड़े धूमधाम से पोलारा के घर से उनके खेत तक ले जाया गया। ढलान से धीरे-धीरे उतार कर उसे गड्ढे में रख दिया गया।वाहन को हरे कपड़े से ढक दिया गया। परिवार के सदस्यों ने पूजा-अर्चना की तथा पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर वाहन को नम आंखों से विदाई दी गयी।
अंत में मिट्टी डालने और कार की समाधि के लिए उत्खनन मशीन का उपयोग किया गया।
पोलारा का सूरत में निर्माण व्यवसाय है। उन्होंने कहा कि वह कुछ अलग करना चाहते थे ताकि आने वाली पीढ़ियां उस कार को याद रखें जो उनके परिवार के लिए भाग्यशाली साबित हुई।
पत्रकारों से पोलारा ने कहा, ‘मैंने यह कार करीब 12 साल पहले खरीदी थी और इससे परिवार में समृद्धि आई। कारोबार में सफलता के अलावा मेरे परिवार को सम्मान भी मिला। यह गाड़ी मेरे और मेरे परिवार के लिए भाग्यशाली साबित हुई। इसलिए मैंने इसे बेचने के बजाय श्रद्धांजलि स्वरूप अपने खेत में इसकी समाधि बना दी।’
पोलारा ने इस समारोह पर चार लाख रुपए खर्च किए।उन्होंने कहा कि वह कार के समाधि स्थल पर एक पेड़ लगाने की योजना बना रहे हैं ताकि उनकी भावी पीढ़ियों को याद रहे कि परिवार की भाग्यशाली कार पेड़ के नीचे है। समाधि समारोह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया। इसके लिए करीब 1,500 लोगों को आमंत्रित किया गया और भोज का आयोजन किया गया।

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