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40 लाख करोड़ डूबे, दिवाली से पहले शेयर बाजार का बुरा हाल, ये है असली वजह

40 लाख करोड़ डूबे, दिवाली से पहले शेयर बाजार का बुरा हाल, ये है असली वजह

 संवाददाता विशाल लील की रिपोर्ट


दिवाली से पहले शेयर बाजार में बड़ी गिरावट ने रिटेल निवेशकों को हिला कर रख दिया है। एक महीने के भीतर निवेशकों के 40 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए हैं। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने 50% तक की गिरावट दर्ज की है, जबकि निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई से 8% नीचे आ चुका है।

रिटेल निवेशकों में हाहाकार
बीते एक महीने में, शेयर बाजार का डेटा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बाजार बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है। हर सुबह निवेशकों को उम्मीद होती है कि अब बाजार में तेजी आएगी, लेकिन बिकवाली हर रोज हावी हो जाती है। कई निवेशकों का कहना है कि सालभर की सारी कमाई चंद दिनों की गिरावट में डूब गई है। कोविड के बाद यह पहली बार है जब बाजार ने इतनी बड़ी गिरावट देखी है।

क्या हैं गिरावट के मुख्य कारण?

••मुनाफावसूली का दबाव: बाजार में लंबे समय से तेजी के बाद मुनाफावसूली हो रही है। इससे बाजार पर दबाव बना हुआ है और निवेशकों को सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
••विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से तेजी से पैसा निकाल रहे हैं और उसे चीन जैसे बाजारों में निवेश कर रहे हैं। अक्टूबर महीने में ही 1.08 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली देखी गई है।
•• भारत के मुकाबले चीन के बाजार में वैल्यूएशन थोड़ा सस्ता होने से विदेशी निवेशक उधर का रुख कर रहे हैं।
••खराब तिमाही नतीजे: कई बड़ी कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, जिससे बाजार का सेंटीमेंट और बिगड़ गया। खासकर ऑटो, FMCG और कुछ टेक कंपनियों के कमजोर नतीजों ने शेयर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
••ओवरवैल्यूड शेयरों की बिकवाली: पिछले एक-डेढ़ साल में फंडामेंटली मजबूत शेयरों के साथ-साथ कुछ ऐसे शेयर भी बहुत तेजी से बढ़े, जिनके बढ़ने का कोई ठोस आधार नहीं था। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में ऐसी कई कंपनियां थीं, जिनके शेयर अब बिकवाली के कारण गहरे लाल निशान में आ गए हैं।

सट्टा बाजार ने गिरावट के दिए थे संकेत
सट्टा किंग ने सितंबर महीने में संकेत दिए थे कि अक्टूबर 2024 में शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। उनका दावा था कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आएगी कि यह 2008 की आर्थिक मंदी की यादें ताज़ा कर देगी। सट्टा किंग का ये दावा अब सही साबित हो रहा है। अब तक निवेशकों के करीब 40 लाख रुपए डूब गए है।

कितना हुआ नुकसान?
27 सितंबर 2024 को BSE का मार्केट कैप करीब 477 लाख करोड़ रुपये था, जो 25 अक्टूबर को घटकर 437 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह नुकसान वित्त वर्ष 2023-24 में हुई कुल जीएसटी कलेक्शन (20.18 लाख करोड़ रुपये) से दोगुना है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि निवेशकों के लिए यह कितना बड़ा झटका है।

कहां जाकर थमेगी गिरावट?
जानकारों का मानना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24000 अंक पर है और इसके बाद मजबूत सपोर्ट 23800 अंक पर है। यदि बाजार यहां से संभलता है, तो निवेशकों के लिए उम्मीद की किरण हो सकती है। हालांकि, निवेशकों को फिलहाल बाजार में निवेश के समय सावधानी बरतनी चाहिए और सही अवसर का इंतजार करना चाहि
 रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए सलाह
ऐसी कंडीशन में रिटेल इन्वेस्टर्स को क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुल रन के दौरान मार्केट में करेक्शन आना आम बात है और यह अच्छी कंपनियों के शेयर्स में इन्वेस्ट करने का सुनहरा मौका है। जब बाजार में गिरावट आती है तो अच्छे शेयर्स अट्रैक्टिव वैल्युएशन पर मिलते हैं। लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्टमेंट करें।

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