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सीता हरण देख दर्शक हुए भाव-विभोर, छलके आंसू

सीता हरण देख दर्शक हुए भाव-विभोर, छलके आंसू

सूर्पणखा की नासिका कटते ही गूंजे श्रीराम के जयघोष-सीता हरण देखकर भर आई आंखे।

 संवाददाता जयचन्द्र

अमांपुर। कस्बे के श्रीराम रामलीला महोत्सव में शनिवार रात दशम दिवस रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रूदप्रताप सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष मीना चौहान, विनय प्रताप सिंह, शीलेन्द सोलंकी, हिदेश सर्राफ, विनीत मित्तल, आकाश गुप्ता सर्राफ, पुष्पेंद्र कुमार, वीरी सिंह शाक्य, वीर बहादुर, बबलू गुप्ता, सोनू गुप्ता, आयुष गुप्ता, शिवम सोलंकी, राहुल राघव, सौरभ गुप्ता, ने भगवान के स्वरूपों का पूजन कर आरती उतारी। आदर्श रामलीला कला मंडल योगेश कुमार श्रीधाम वृन्दावन के कलाकारों के द्वारा लक्ष्मण-सूर्पणखा संवाद, सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध, लक्ष्मण शक्ति व मेघनाथ वध की लीला का आकाश मार्ग से संजीव मंचन देख दर्शक भाव-विभोर हो गए। वनवास के दौरान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में अपना आश्रम बनाते हैं।

 

जहां सुर्पणखा नाम की राक्षस पंहुचती हैं। और राम, लक्ष्मण से विवाह का प्रस्ताव रखती हैं। राम ने खुद को विवाहित बताकर उसे लक्ष्मण के पास भेज दिया। लक्ष्मण से वह शादी की जिद करती हैं। इस पर लक्ष्मण उसकी नासिका काट देते हैं।दशकों ने जय श्रीराम के जयघोष लगाए। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच युद्ध की लीला का मंचन हुआ। मेघनाथ ने वीर घातिनी शाक्ति से लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। राम दल में हा-हाकर मच जाता हैं। हनुमान जी के संजीवनी बूटी लाने पर सुषेन वैध उपचार कर लक्ष्मण को सही करते हैं। इसके बाद श्रीराम ने कुंभकर्ण व लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध किया।

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