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अयोध्या : अस्थाई वृहद् गौशाला में चार गोवंशों की मौत, क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा, जिम्मेदार कौन?

www.satyarath.com

रिपोर्टर संतोष कुमार पाण्डेय 

सत्यार्थ न्यूज़ अयोध्या 

10/10/2024

• अस्थाई वृहद् गौशाला में चार गोवंशों की मौत, क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा, जिम्मेदार कौन?

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अयोध्या : अमानीगंज मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में एक तरफ जहा छुट्टा गोषको लेकर पामीणों में आक्रोश है वही प्रशासन द्वारा अमानीगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत अकमा में बनाई गई अस्थाई हद गौशाला में हुई चार गोया की मौत से प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठ रहा है चारा भूमाका अभाव बजट की अन उपतता के कारण एक और जहां छुट्टा गोवों को भरपूर भोजन नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। वही बड़ी संख्या में गोवंशहरात में बाहर भाग जाते है जो गोवंश चलने फिरने में कुछ असहाय है वो वहीं पड़े रहते है मंगलवार को चार गोवेसों के मरने का वीडियो सोशल मीडिया के विभित्र प्लेटफार्मों पर वायरल हो रहा है बद हाती का आलम यह है कि इस हादगा में रखने के लिए तो 500 से अधिक गोवंशों को रखने की क्षमता है लेकिन वहां पर 300 की देखरेख करने वालों और चारा भूमा का नितांत अभाव दिखाई पड़ रहा है मीडियाकर्मियों के द्वारा गौशाला का निरीक्षण करने पर मरे हुए गोवों को चील को नोचते हुए दिखाई पड़े। चामीणों का कहना है कि प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और दुर्गंध के कारण क्षेत्र में संक्रामक रोगों के बढ़ने का सखतरा पैदा हो गया है। उपचुनाव के चलते किसानों के विरोध की देखते हुए अकमा में बृहद गीधालय का निर्माण कराया गया है। अस्थाई गौशाला में गांव से पकड़ कर छूटटा गोवसों को लाया गया लेकिन उनके चारे और उनकी दवा इलाज की कोई समुचित व्यवस्था गौशाला में माहीं दिखाई पड़ रही है इस संबंध में अमानीगंज के सड विकास अधिकारी अखिलेश कुमार गुप्ता से जब बात की गई तो उनका कहना वह अवकाश पर है उनका कहना था कि अस्थाई गौशाला के लिए बजट की व्यवस्था कराई जा रही है पशुओं के मरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पशुओं का मरना स्वाभाविक है और उनके अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था कराई जा रही है जबकि वास्तविकता यह है कि पशु इस पर पड़े हुए हैं और दुर्गध क्षेत्र में फैल रही है। प्रशासनिक दावों की पोल खुलने के बाद आभार में विकासखंड मुख्यालय के कर्मचारी अधाई गीलक्ष केंद्र पर पहुंचे और मूत पशुओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था में लग गये इस संबंध में जिले के जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है अब देखना होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में रहने वाला गोवेश आश्रय केंद्र बदहाली का शिकार कैसे बना हुआ है जबकि मिल्कीपुर में उपचुनाव की घोषणा आने वाले दिनों में कभी भी हो सकती है और यह बड़ा मुदर बना हुआ है व दूसरी ओर विपक्षी समाजवादी पार्टी लगातार छुट्टा पशुओं को लेकर के आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर रही है आपको बताते चलें कि विगत चुनाव में भी छुट्टा पशुओं और निराश्रित गोबंधों के मुद्दे के कारण भारतीय जनता पार्टी को चुनाव में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था चार मंत्रियों के लगाने के बावजूद भी क्षेत्र में छुट्टी आय की व्यवस्था न होना और उस पर रखरखाव बारा भूसा तथा अस्पताल से संबंधित दवाइन होने के कारण गोवंशों की इस तरह से मौत पर सवालिया निशान उठ रहा है।

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