Advertisement

क्षमता निर्माण कार्यक्रम में सहयोग की दिशा में भारत-मॉरीशस वार्ता “सकारात्मक और सफल” रही

क्षमता निर्माण कार्यक्रम में सहयोग की दिशा में भारत-मॉरीशस वार्ता “सकारात्मक और सफल” रही

www.satyarath.com

मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल की उच्चस्तरीय आधिकारिक यात्रा के दौरान आयोजित की गई रणनीतिक बैठकें संरचनात्मक विचार-विमर्श के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व श्री वी. श्रीनिवास, आईएएस, सचिव, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, डीएआरपीजी और , एनसीजीजी के महानिदेशक ने किया जबकि मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मॉरीशस के लोक सेवा सचिव श्री के. कोन्हे ने किया। इस अवसर पर सार्वजनिक क्षेत्र व्यापार परिवर्तन ब्यूरो के निदेशक श्री एस. रामगोलम और मॉरीशस के मानव संसाधन प्रबंधन के निदेशक श्री एसडी जन्नू शामिल थे। मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल 23-25 ​​सितंबर, 2024 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर था।

मॉरीशस के लोक सेवा सचिव श्री के. कोनहे और भारत में मॉरीशस के उच्चायुक्त श्री हेमंडॉयल डिलम का 23 सितंबर, 2024 को डीएआरपीजी के सचिव और एनसीजीजी के महानिदेशक श्री वी. श्रीनिवास ने स्वागत किया। दोनों पक्षों ने संकाय विकास कार्यक्रमों सहित मॉरीशस के लोक अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर एनसीजीजी और मॉरीशस के लोक सेवा मंत्रालय, प्रशासनिक और संस्थागत सुधार के बीच सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने सचिव, डीएआरपीजी और डीजी, एनसीजीजी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री द्वारा दी गई पहलों के संदर्भ में डीसी/डीएम के साथ वार्तालाप किया। इस वार्तालाप में असम के नलबाड़ी की डीसी, श्रीमती वर्णाली डेका, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की डीएम और कलेक्टर, श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल, उत्तर प्रदेश के मेरठ के डीएम और कलेक्टर, श्री दीपक मीना, उत्तराखंड के राज्यपाल की अपर सचिव, श्रीमती स्वाति भदौरिया और मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की डीएम, श्रीमती भव्या मित्तल शामिल हुईं। वार्तालाप के दौरान भारत में जिला कलेक्टरों की भूमिका और जिम्मेदारियाँ, शासन की चुनौतियाँ और सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए सुधारों पर भी चर्चा की गई।

मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल ने पीएम गतिशक्ति, जीईएम और यूआईडीएआई के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) के महानिदेशक श्री एसएन त्रिपाठी से भेंट की और उन्हें लोक प्रशासन, शासन व्यवस्थाओं और विकेंद्रीकरण पर शैक्षिक रूपरेखाओं की जानकारी दी। पर्यावरण भवन के उनके दौरे के दौरान भारत की सर्वोत्तम शासन कार्यप्रणालियों को कार्यान्वित किया गया, जहां उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अपर सचिव श्री अमनदीप गर्ग, आईएएस से भेंट की। भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (एनएआई) के महानिदेशक श्री अरुण सिंघल, आईएएस के साथ बातचीत में रिकॉर्ड साझाकरण, डेटा गुणवत्ता जांच और भारत के व्यापक ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित करने वाली डिजिटलीकरण परियोजनाओं के बारे में जानकारी मिली। सीवीसी के सचिव श्री पी. डैनियल के साथ बातचीत में मॉरीशस प्रतिनिधिमंडल को केंद्रीय सतर्कता आयोग के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस दृष्टिकोण से अवगत कराया गया। रश्मि चौधरी को आरटीआई के माध्यम से पारदर्शिता को बढ़ावा देने के बारे में जानकारी दी गई। सीबीसी के अध्यक्ष श्री आदिल जैनुलभाई ने मिशन कर्मयोगी के माध्यम से क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के बारे में उन्हें जानकारी दी।

मॉरीशस के वरिष्ठ और मध्यम स्तर के लोक अधिकारियों की यह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा द्विपक्षीय सहयोग और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। समापन बैठक में मॉरीशस के लोक अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई और लोक सेवा, प्रशासनिक और संस्थागत सुधार मंत्रालय, मॉरीशस और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के बीच सहयोग के लिए मसौदा समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!