रिपोर्ट यज्ञदत्त चतुर्वेदी मथुरा की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
• सप्त दिवसीय भागवत जयन्ती समारोह के समापन आयोजित हुई विद्वत् संगोष्ठी।
मथुरा : श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति विद्वत् समाज ब्रजमण्डल एवं श्रीमद्भागवत सेवा संस्थान ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में सेवाकुंज इमलीतला स्ट्रीट स्थित श्रीआचार्य पीठ पर सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत जयंती समारोह का समापन ब्रजमण्डल के 7 विद्वानों को भागवत रत्न की उपाधि से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर आयोजित विद्वत् संगोष्ठी में वर्तमान समय में श्रीमद्भागवत की प्रासंगिकता एवं भागवत में राधा नाम है या नहीं इस पर विद्वानों ने विचार रखे। समिति संस्थापक पंडित अमित भारद्वाज, आचार्य पीठाधीश्वर यदुनंदन आचार्य, स्वागत अध्यक्ष शिवओम गौड़ शास्त्री व व्यवस्थापक पीठ के युवराज वेदांत आचार्य नें 7 विद्वान आचार्य रविशंकर पाराशर , आचार्य देवांशु गोस्वामी, सच्चिदानंद द्विवेदी, आचार्य प्रथमेश गोस्वामी, आचार्य ब्रजेश महाराज, पुंडरीकाक्षाचार्य वेदांती, आचार्य दिनेश गोस्वामी को अध्यात्म रत्न की उपाधि से अलंकृत किया। गोष्ठी में विद्वानों कहा की भूत, वर्तमान व भविष्य में भागवत की प्रासंगिकता बनी रहेगी। भागवत कल्पवृक्ष है जो केवल मोक्ष नहीं बल्कि सकल मनोरथों को पूर्ण करने वाला श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप व शब्दमय विग्रह है। समापन पर भागवत महापुराण व पीठ में विराजमान सत्यनारायण भगवान व ठा. मदन मोहनजी की भव्य महाआरती की गयी। इस अवसर पर प्रमुख रूप से आचार्य पूर्ण प्रकाश कौशिक, नंदकिशोर शास्त्री, आचार्य मृदुलकांत शास्त्री, रमेश विधि शास्त्री आदि ने सहभागिता की।
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