• बलिया में गंगा-सरयू खतरे के निशान से ऊपर, इन मोहल्लों में भरा बाढ़ का पानी, अबतक 150 घर नदी में समाए।
बलिया में गंगा और सरयू नदियों का जलस्तर खतरे के स्तर को पार कर गया है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालांकि गंगा नदी में पानी का स्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन इसका असर बहुत मामूली है।
सोमवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के बिंदु 57.61 मीटर के मुकाबले 58.57 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, सरयू नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। खतरे के बिंदु 64.01 मीटर के मुकाबले सोमवार सुबह 8 बजे सरयू का जलस्तर 64.49 मीटर रिकॉर्ड किया गया है।
150 आशियाने नदी में समा चुके
बलिया शहर के निचले हिस्से सहित जनपद के एक दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। विशेष रूप से सरयू नदी के कारण बांसडीह क्षेत्र के भोजपुरवा और टिकुलिया गांवों में डेढ़ सौ से अधिक आशियाने बाढ़ में समा चुके हैं। बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी और शिवाल मठिया में भी इसी तरह की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहां डेढ़ सौ से अधिक आशियाने बाढ़ में डूब चुके हैं।
गंगा का पानी गली मोहल्लों में घुसा
गंगा नदी का पानी बलिया के महावीर घाट और निहोरा नगर में गायत्री मंदिर के चारों ओर बसे मुहल्लों में भी घुस चुका है, जिससे वहां के निवासियों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरयू नदी की कटान भी विनाशकारी साबित हो रही है। बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा और टिकुलिया गांवों, तथा बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी और शिवाल मठिया में करीब तीन सौ से अधिक आशियाने नदी में समाहित हो चुके हैं। इसके साथ ही हजारों एकड़ कृषि योग्य भूमि भी सरयू नदी ने अपनी चपेट में ले ली है।
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