• चातुर्मास कलश की स्थापना हुई व निकली भव्य कलश शोभा यात्रा।
बानपुर ललितपुर । गणाचार्य विराग सागर जी की परम प्रभावी शिष्या श्री विजिज्ञायासा माता जी का नगर बानपुर में प्रथम चातुर्मास हो रहा है । श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर जी से दोपहर 1:00 बजे भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई । जिसमें सबसे आगे पांच रंग का ध्वज लेकर समाज के युवा लोग चल रहे थे महिला मंडल, बालिका मंडल अपनी अपनी वेशभूषा में हाथों में कलश लिए मंगल गीत गाती हुई चल रही थी व श्रावक श्राविकओ के साथ माता श्री विजियज्ञासा एवं बाल ब्रह्मचारी बहाने रुबी दीदी, सविता दीदी साथ चल रही थी ।
रास्ते में जगह-जगह माता जी का पाद प्रक्षलन किया एवं मंगल आरती उतारी गई । शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होती हुई सब्जी बाजार पर पहुंची जहां वर्षा योग चातुर्मास कलश स्थापना का मुख्य कार्यक्रम हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण स्थानीय नन्ही नन्ही बालिकाओं द्वारा णमोकार मंत्र के पाठ के साथ किया गया । उपरांत गणाचार्य श्री विराग सागर जी के चित्र का अनावरण व दीपप्रज्वलित श्री बा.ब्रा.पं.जय निशान्त, पं. पियूष जैन शास्त्री, विनय भैया एवं बाहर से पधारे सृष्टि जनों ने किया । उपरांत बालिका मंडल एवं महिला मंडल ने धार्मिक कैसेट गीतों पर मनमोहक नृत्य कि प्रस्तुति की । चातुर्मास नाटक का मंचन किया गया जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने सराहा । आचार्य विराग सागर की पूजन की गई, पूजन के अर्घ चौमासा समिति, महिला मंडल, बालिका मंडल, ललितपुर, महरौनी, सौजना, पवई एवं समाज के सृष्टि जनों ने अर्घ समर्पित किया । उपरांत माताजी को शास्त्र भेंट किए गए । जिसका सौभाग्य आचार्य विरनजन सागर जी महाराज की ग्रहस्थ अवस्था की मां को मनोज कुमार जैन कटेरा, संतोष शाहगढ़, विपिन जैन, अमित जैन टीकमगढ़ को प्राप्त हुआ ।
मंगल कलश स्थापना पर प्रकाश डालते हुए माता जी ने बताया कि इन चार महीनो में जीवों की उत्पत्ति अधिक होने से जीव हिंसा होने का डर रहता है । इसलिए साधु संत एक स्थान पर स्थित होकर साधना करते हैं । यह कलश सवा करोड़ जाप मन्त्रो से अभी संचित होगा । यह कलश जो भी चातुर्मास के बाद अपने घर ले जाता है । उसके यहां आदि व्याधि दूर हो जाती है । सुख शांति स्थापित हो जाती है । कलश शब्द तीन अक्षरों से बना है पहले का कलुस्ता किलेशता मिटती है । दूसरा ला यह लाभ को प्राप्त होता है । तीसरा श हर कार्य को सुलभता को प्रदान करता है । एक घड़ी आधी घड़ी आधी से आधी घड़ी अगर साधुओं का समागम मिल जाए तो बहुत बड़ा पुण्य है । चातुर्मास कलश का सौभाग्य प्रथम संजय कुमार सिंघई बानपुर, विराग सागर कलश राजेश कुमार सिंघई बानपुर, विशुद्ध सागर कलश महेंद्र कुमार नायक बानपुर व अन्य कलश स्थापना करने का सौभाग्य पवन कुमार सिंघई, प्रसन्न कुमार सिंघई, महेंद्र कुमार पवई, जिनेंद्र कुमार नायक, संयम जैन मुंबई, सेजल जैन सुबोध जैन,रविंद्र कुमार मडवैया, सुनील कुमार नगर सेठ, कंछेदी लाल सिंघई, कुसुमचंद प्रमोद कुमार सरार्फ़, इंद्र कुमार सिंघई आदि अनेक लोगों ने कलश स्थापित किये । कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त जैन समाज बानपुर एवं क्षेत्रीय जन समाज का सहयोग रहा ।कार्यक्रम का सफल संचालन चक्रेश कुमार जैन सौजना ने किया ।
सत्यार्थ न्यूज से बानपुर संवाददाता “ललित नामदेव” की रिपोर्ट
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